यूजीसी कानून के विरोध में 1 फरवरी को भारत बंद का ऐलान

जोधपुर में यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण समाज के पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता कर 1 फरवरी को भारत बंद का ऐलान किया। वक्ताओं ने कानून को समाज को बांटने वाला बताते हुए सभी वर्गों से एकजुट होकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की। व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संगठनों ने भी समर्थन देने का भरोसा जताया है।

Jan 28, 2026 - 15:39
Jan 28, 2026 - 18:04
यूजीसी कानून के विरोध में 1 फरवरी को भारत बंद का ऐलान

जोधपुर (राजस्थान):- यूजीसी से जुड़े नए प्रावधानों के विरोध में जोधपुर में सवर्ण समाज के पदाधिकारियों ने एकजुट होकर आंदोलन का ऐलान किया है। इस संबंध में शहर के एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि सरकार ने इस कानून को वापस नहीं लिया, तो 1 फरवरी को जोधपुर सहित पूरे देश में भारत बंद किया जाएगा।

कानून को बताया “काला कानून”

प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने यूजीसी के हालिया संशोधनों को समाज के लिए घातक बताते हुए कहा कि समानता के नाम पर लाए गए ये बदलाव समाज को बांटने का कार्य कर रहे हैं। वक्ताओं का आरोप है कि इन नियमों से हिंदू समाज को अलग-अलग वर्गों में विभाजित किया जा रहा है, जिससे सामाजिक समरसता को नुकसान पहुंच सकता है।

आंदोलन को लेकर पहले ही व्यापारिक संगठनों से संवाद किया जा चुका है। व्यापार मंडलों ने बंद के दौरान सहयोग देने का भरोसा जताया है। साथ ही विभिन्न सामाजिक संगठनों और 36 कौमों से भी आंदोलन में भागीदारी की अपील की गई है।

कन्हैयालाल पारीक का बयान

ब्राह्मण महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष कन्हैयालाल पारीक ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक समाज तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी वर्गों के हितों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किए गए बदलाव समाज में अंदरूनी विभाजन पैदा कर सकते हैं, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सभी वर्गों से एकजुट होने की अपील

पारीक ने ओबीसी, एससी, एसटी, ब्राह्मण, बनिया, जैन, माहेश्वरी सहित सभी समाजों से इस आंदोलन में शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सभी वर्ग मिलकर भाईचारे को मजबूत करें और देश की एकता व अखंडता को बनाए रखें।

राजनीतिक स्वार्थ पर लगाया आरोप

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक नेता अपने निजी लाभ के लिए समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा और समाज एकजुट होकर इसका विरोध करेगा।

देशव्यापी आंदोलन की तैयारी

प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि भारत बंद को सफल बनाने के लिए विभिन्न जिलों और राज्यों में संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। सामाजिक संगठनों, व्यापारियों और युवाओं से जुड़कर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।

आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा। किसी भी तरह की अव्यवस्था या हिंसा को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा।