ब्यावर में नाबालिग छात्र को निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटने की घटना: पुलिस ने दर्ज किया POCSO एक्ट में मुकदमा
राजस्थान के ब्यावर जिले के जवाजा थाना क्षेत्र में 21 नवंबर को एक 16 वर्षीय नाबालिग छात्र को स्कूल से उठाकर तीन युवकों ने सांगरवास खदानों में ले जाकर निर्वस्त्र कर लात-घूंसे, बेल्ट से पीटा, गला दबाकर मारने की कोशिश की और घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पीड़ित के पिता ने वीडियो देखकर शिकायत की, पुलिस ने POCSO एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
राजस्थान के ब्यावर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां तीन युवकों ने एक 16 वर्षीय नाबालिग छात्र को स्कूल से उठाकर निर्वस्त्र कर लात-घूंसे और बेल्ट से जमकर पीटा। आरोपियों ने पूरी घटना का वीडियो भी बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। यह घटना जवाजा थाना क्षेत्र की है और गत 21 नवंबर की बताई जा रही है। पीड़ित छात्र के शरीर पर गंभीर चोट के निशान हैं, साथ ही आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी।
घटना का विवरण पीड़ित छात्र के पिता ने जवाजा पुलिस थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उनका 16 साल का बेटा एक सरकारी स्कूल में पढ़ता है। 21 नवंबर को शाम करीब 4 बजे स्कूल की छुट्टी होने के बाद वह घर लौटने के लिए स्कूल के बाहर खड़ा था। तभी मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक आए और उसे जबरदस्ती बाइक पर बैठाकर सांगरवास क्षेत्र की खदानों में ले गए।वहां पहुंचकर आरोपियों ने छात्र के साथ बर्बरता की हदें पार कर दीं:लात-घूंसे और बेल्ट से जमकर मारपीट की।छात्र का गला दबाकर उसे मारने की कोशिश की।उसके सारे कपड़े उतारकर निर्वस्त्र कर दिया और पूरी घटना का वीडियो मोबाइल से रिकॉर्ड किया।वीडियो वायरल करने या किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।पीड़ित छात्र इस सदमे और डर से चुप रहा, लेकिन आरोपियों ने वीडियो खुद सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिससे यह वायरल हो गया।
पिता को कैसे पता चला? पीड़ित के पिता बाहर रहते हैं और काम के सिलसिले में घर कम आते हैं। जब वे घर लौटे तो सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखा। वीडियो देखकर उन्होंने बेटे से पूछताछ की, तब जाकर पूरी घटना का खुलासा हुआ। छात्र ने रोते हुए सारी आपबीति सुनाई। पिता ने बेटे के शरीर पर चोट के निशान भी देखे, जिसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई ब्यावर सर्किल ऑफिसर (सीओ) राजेश कसाना ने बताया कि पीड़ित पिता की रिपोर्ट पर तीनों आरोपियों के खिलाफ POCSO एक्ट (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंसेज) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद है।यह घटना न केवल शारीरिक हिंसा का मामला है, बल्कि नाबालिग के साथ अपमानजनक व्यवहार और यौन शोषण की श्रेणी में आती है, इसलिए POCSO एक्ट लगाया गया है। वीडियो वायरल होने से पीड़ित परिवार को मानसिक आघात भी पहुंचा है।समाज में ऐसी घटनाएं बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल उठाती हैं। स्कूल से घर लौटते बच्चे को इस तरह उठाकर ले जाना और बर्बरता करना आरोपियों की मानसिकता को दर्शाता है। पुलिस से उम्मीद है कि जल्द न्याय मिलेगा और दोषियों को कड़ी सजा होगी।