ठेकेदार ने रविंद्र सिंह भाटी का नाम लेकर ग्रामीणों को धमकाया: घटिया सड़क निर्माण पर विरोध करने वालों को दी गालियां और मारने की धमकी, विधायक ने माफी मांगी
बाड़मेर के शिव क्षेत्र में देवका से मती का गोल तक बन रही सड़क की खराब गुणवत्ता पर ग्रामीणों के विरोध करने पर ठेकेदार भवानी सिंह ने विधायक रविंद्र सिंह भाटी का नाम लेकर धमकाया, गालियां दीं और मारने की धमकी दी। वीडियो वायरल होने के बाद निर्दलीय विधायक भाटी ने ग्रामीणों से माफी मांगी और ठेकेदार के व्यवहार की निंदा की। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण कार्य का आश्वासन दिया।
राजस्थान के बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा क्षेत्र में एक सड़क निर्माण के मामले ने राजनीतिक और सामाजिक हलचल मचा दी है। देवका गांव से मती का गोल तक बन रही लगभग 2.5 किलोमीटर लंबी सड़क की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए, तो ठेकेदार भवानी सिंह तेजमालता ने न केवल उन्हें गालियां दीं, बल्कि निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी का नाम लेकर धमकाया। ठेकेदार ने खुद को विधायक का "भाई" बताया और कहा कि "म्हारे भाटी भायो रा 150 गांव है, लीद निकाल देई" (हमारे भाटी भाइयों के 150 गांव हैं, हराम निकाल देंगे)। उसने ग्रामीणों को पैरों में जूते मारने की धमकी भी दी।
यह घटना 20 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है। ग्रामीण निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांचने पहुंचे थे, जहां उन्होंने देखा कि सड़क बिना ठोस बेस के रेत पर डामर बिछाया जा रहा है, जिससे वह उखड़ने लगी थी। जब ग्रामीणों, खासकर कुम्हार (प्रजापत) समाज के बुजुर्गों ने विरोध किया, तो ठेकेदार मौके पर पहुंचे और बहस शुरू हो गई। वीडियो में ठेकेदार ग्रामीण भूर सिंह और अन्य लोगों से उलझते नजर आ रहे हैं। ठेकेदार ने गालियां देते हुए कहा, "सड़क मेरे बाप की है", "रविंद्र म्हारो भाई है, अभी वीडियो बनाकर भेजता हूं" और "सब वोट तुम्हारे पास ही है क्या?"। उन्होंने जातिगत टिप्पणियां भी कीं, जैसे "कुम्हार बुद्धि रो सींट थारी कोई औकात है"।
वीडियो गुरुवार (25 दिसंबर 2025) को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया। कुम्हार समाज ने इसे अपना अपमान बताया और ठेकेदार की भाषा को असहनीय करार दिया। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने ठेकेदार और विधायक की पुरानी तस्वीरें शेयर कीं, जिसमें ठेकेदार को विधायक के चुनावी मंच पर भाषण देते या साथ दिखाया गया है। कुछ पोस्ट्स में ठेकेदार को भाजपा कार्यकर्ता या विधायक का करीबी बताया गया, जिससे "यह रिश्ता क्या कहलाता है" जैसे सवाल उठे। हालांकि, मूल खबर में स्पष्ट कहा गया है कि ठेकेदार और विधायक के बीच कोई रिश्ता नहीं है।
विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए एक ऑडियो संदेश जारी किया। उन्होंने ग्रामीणों से माफी मांगते हुए कहा, "सभ्य समाज में ऐसी चीजों की कहीं जगह नहीं है। काम क्वालिटी के साथ होना चाहिए, इसमें किसी तरह का कॉम्प्रोमाइज नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों का हक है कि गलत होने पर विरोध करें।" उन्होंने यह भी कहा कि उनका नाम इस विवाद में क्यों लिया गया, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है, और वे जल्द ही गांव पहुंचकर ग्रामीणों से मिलेंगे। भाटी ने ठेकेदार के व्यवहार की निंदा की और गुणवत्तापूर्ण कार्य पर जोर दिया।
यह मामला शिव विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की गुणवत्ता और ठेकेदारों के रवैये पर बड़ा सवाल उठाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क जनता के टैक्स से बनती है, इसलिए उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाना उनका अधिकार है। सोशल मीडिया पर कई लोग ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जिसमें ठेके का लाइसेंस रद्द करना और कानूनी शामिल है। कुछ यूजर्स ने इसे सामंतवादी मानसिकता का प्रतीक बताया, जबकि अन्य ने विधायक से ठेकेदार पर सख्ती करने की अपील की।
शिव विधानसभा से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी युवा नेता हैं, जो 2023 में भाजपा से बगावत कर चुनाव जीते थे। वे क्षेत्र में विकास और किसान हितों के लिए सक्रिय रहते हैं, लेकिन ऐसे विवाद उनके लिए चुनौती बन सकते हैं। प्रशासन से उम्मीद है कि सड़क की तकनीकी जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई हो, ताकि लोकतंत्र में जनता की आवाज दबने न पाए।