बाड़मेर में राजनीतिक तनाव: BJP पूर्व जिलाध्यक्ष स्वरूपसिंह खारा का कांग्रेस नेता फतेह खान पर तीखा पलटवार, देशद्रोह का लगाया आरोप
राजस्थान के बाड़मेर में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष स्वरूपसिंह खारा ने कांग्रेस नेता फतेह खान पर देशद्रोही होने और पाकिस्तान से संदिग्ध संबंधों का गंभीर आरोप लगाया। खारा ने कहा कि "फतेह खान को नहीं छोड़ेंगे, नहीं बख्शेंगे" और उन्हें अपने रडार पर बताया। यह विवाद कांग्रेस के धरने में फतेह खान की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ, जिसमें पुरानी चुनावी दुश्मनी की जड़ें हैं। दोनों नेताओं की बयानबाजी से जिले में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है।
राजस्थान के बाड़मेर जिले में राजनीतिक बयानबाजी ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व जिलाध्यक्ष स्वरूपसिंह खारा ने कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष फतेह खान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि "फतेह खान को नहीं छोड़ेंगे, नहीं बख्शेंगे।" खारा ने फतेह खान को अपने "रडार" पर बताया और उन्हें देशद्रोही करार देते हुए बॉर्डर क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों का आरोप लगाया। इस बयान से जिले का राजनीतिक माहौल गरमा गया है और दोनों पार्टियों के बीच तनाव बढ़ गया है।
घटना की शुरुआत: कांग्रेस के धरने से विवाद यह पूरा विवाद तीन दिन पहले शुरू हुआ, जब बाड़मेर जिला मुख्यालय पर मनरेगा कानून लागू करने की मांग को लेकर कांग्रेस ने धरना-प्रदर्शन आयोजित किया था। इस धरने के दौरान कांग्रेस नेता फतेह खान ने BJP के पूर्व जिलाध्यक्ष स्वरूपसिंह खारा पर व्यक्तिगत टिप्पणी की। फतेह खान ने पंचायत पुनर्गठन और रामसर समिति का हवाला देते हुए कहा कि स्वरूपसिंह खारा और रविंद्र सिंह भाटी उनकी समिति में शामिल थे, लेकिन अब जो फैसले लिए जा रहे हैं, वे गलत हैं।फतेह खान ने आगे BJP प्रत्याशी को "पॉवर सेंटर" कहे जाने की बात पर असहमति जताते हुए कहा, "मैं ऐसा नहीं मानता।" उन्होंने प्रतिद्वंद्वी को चेतावनी भरे लहजे में कहा, "तुझे जितना करना है कर ले भाई, लेकिन समय आने पर वही तेरे साथ भी होगा। यह गलत है और ऐसी गलतियां नहीं होनी चाहिए, क्योंकि वे एक गलत परंपरा की शुरुआत कर रहे हैं।" कांग्रेस समर्थकों ने इस टिप्पणी को राजनीतिक चेतावनी माना, जबकि BJP खेमे में इसे अश्लील और भाषा की मर्यादा तोड़ने वाली टिप्पणी करार दिया गया।
किराडू कार्यक्रम में स्वरूपसिंह खारा का पलटवार फतेह खान के बयान के ठीक तीन दिन बाद, गुरुवार को बाड़मेर के किराडू क्षेत्र में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में स्वरूपसिंह खारा ने जोरदार पलटवार किया। खारा ने कहा कि कांग्रेस के एक नेता (स्पष्ट रूप से फतेह खान का इशारा) ने अश्लील और आपत्तिजनक टिप्पणी की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पूर्व विधायकों ने कभी इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया और इससे राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन हुआ है। खारा ने फतेह खान पर सीधे हमला बोलते हुए उन्हें देशद्रोही बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बॉर्डर क्षेत्र (भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट बाड़मेर होने के कारण) में फतेह खान और उनके लोगों की गतिविधियां संदिग्ध हैं। खारा ने कहा, "पाकिस्तान जाकर आते हैं और क्या-क्या करते हैं, इसकी हमें पूरी जानकारी है।" अंत में चेतावनी भरे अंदाज में बोले, "हम तुमको नहीं छोड़ेंगे और नहीं बख्शेंगे।" खारा ने फतेह खान को अपने "रडार" पर होने की बात दोहराई, जिससे यह संकेत मिलता है कि वे आगे भी इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।
पुरानी राजनीतिक दुश्मनी की जड़ें यह बयानबाजी नई नहीं है, बल्कि दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक दुश्मनी का हिस्सा है। पिछले विधानसभा चुनाव (2023) में शिव विधानसभा सीट से स्वरूपसिंह खारा BJP के आधिकारिक उम्मीदवार थे, जबकि फतेह खान ने कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ा था। चुनाव में दोनों ही हार गए – निर्दलीय रविंद्र सिंह भाटी ने जीत हासिल की, फतेह खान दूसरे स्थान पर रहे, जबकि स्वरूपसिंह खारा की जमानत जब्त हो गई।चुनाव के बाद लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने फतेह खान को फिर से पार्टी में शामिल कर लिया, जिससे BJP खेमे में नाराजगी बढ़ी। तब से दोनों नेताओं के बीच समय-समय पर तीखी बयानबाजी होती रही है। बाड़मेर जिला पाकिस्तान बॉर्डर से सटा होने के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे भी राजनीति में घुलते-मिलते हैं, और खारा के आरोपों में इसी संवेदनशीलता का इस्तेमाल किया गया लगता है।
राजनीतिक माहौल पर असर स्वरूपसिंह खारा की इस ताजा टिप्पणी के बाद बाड़मेर में कांग्रेस और BJP दोनों खेमों में हलचल मच गई है। कांग्रेस इसे व्यक्तिगत हमला और धमकी मान रही है, जबकि BJP समर्थक इसे राजनीतिक जवाबदेही का हिस्सा बता रहे हैं। जिले में तनाव की स्थिति बनी हुई है और आने वाले दिनों में इस विवाद के और भड़कने की आशंका है। स्थानीय स्तर पर दोनों पार्टियां अपने-अपने समर्थकों को एकजुट करने में लगी हैं।