बाड़मेर में राजनीतिक बयानबाजी का दौर तेज: भाजपा नेता स्वरूपसिंह खारा ने विधायक रविंद्र सिंह भाटी पर लगाए गंभीर आरोप, भाटी ने दिया मुस्कुराते हुए पलटवार

बाड़मेर में भाजपा नेता स्वरूपसिंह खारा ने निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी पर परिवार की तीन पीढ़ियों का कांग्रेसी होना और भाजपा का दुपट्टा बबूल में फेंकने का आरोप लगाया। भाटी ने शांतिपूर्ण अंदाज में पलटवार करते हुए कहा कि कई लोग उनके नाम की टीआरपी ले रहे हैं, लेने दो-लूटने दो। उन्होंने परिवार की सरकारी नौकरियों का जिक्र कर आरोपों को खारिज किया और जनता के समर्थन पर भरोसा जताया।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
January 3, 2026 • 2:51 PM  961
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बाड़मेर में राजनीतिक बयानबाजी का दौर तेज: भाजपा नेता स्वरूपसिंह खारा ने विधायक रविंद्र सिंह भाटी पर लगाए गंभीर आरोप, भाटी ने दिया मुस्कुराते हुए पलटवार
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बाड़मेर में राजनीतिक बयानबाजी का दौर तेज: भाजपा नेता स्वरूपसिंह खारा ने विधायक रविंद्र सिंह भाटी पर लगाए गंभीर आरोप, भाटी ने दिया मुस्कुराते हुए पलटवार

बाड़मेर जिले में इन दिनों राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी का दौर जोरों पर है। शिव विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष तथा वरिष्ठ नेता स्वरूपसिंह खारा के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई है। स्वरूपसिंह खारा ने भाटी के परिवार पर कांग्रेस से तीन पीढ़ियों तक जुड़े होने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाटी ने भाजपा केवल पांच दिनों के लिए जॉइन की थी और बाद में पार्टी का दुपट्टा हाईवे किनारे बबूल की झाड़ियों में फेंक दिया था। इस बयान के बाद भाटी ने शांतिपूर्ण लेकिन तीखे अंदाज में पलटवार किया, आरोपों को हंसते हुए टाल दिया और कहा कि कई लोग उनके नाम की टीआरपी ले रहे हैं, तो लेने दो, लूटने दो।

स्वरूपसिंह खारा का आरोप: "भाटी का परिवार कांग्रेसी, भाजपा से सिर्फ पांच दिन का नाता" भाजपा नेता स्वरूपसिंह खारा ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में रविंद्र सिंह भाटी पर गंभीर आरोप लगाए। खारा ने कहा कि भाटी का पूरा परिवार आजादी से लेकर अब तक कांग्रेस से जुड़ा रहा है। उनके दादा कांग्रेस से उपप्रधान रहे, चाचा कांग्रेस के डेलीगेट थे और परिवार की तीन पीढ़ियां कांग्रेस की विचारधारा से जुड़ी रहीं। खारा ने सवाल उठाया कि "रविंद्र सिंह भाटी आखिर कब से भाजपा के हो गए?"खारा ने आगे आरोप लगाया कि 2023 विधानसभा चुनाव से पहले भाटी ने केवल औपचारिकता निभाने के लिए भाजपा जॉइन की थी। गुड़गांव हाईवे पर जाते समय उन्होंने भाजपा का दुपट्टा बबूल की झाड़ियों में फेंक दिया। खारा ने इसे "पांच दिन का खेल" करार देते हुए कहा कि ऐसे लोग न तो विचारधारा के प्रति ईमानदार होते हैं और न ही जनता के प्रति। यह बयान खारा ने स्थानीय लोगों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचने के दौरान दिया, जहां वे राष्ट्रपति अवॉर्ड से संबंधित प्रशासनिक कार्यों पर धन्यवाद देने आए थे।यह आरोप कोई नई बात नहीं है। 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान भी खारा ने भाटी पर इसी तरह के बयान दिए थे, जब भाटी ने भाजपा टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़कर खारा को ही हराया था। उस चुनाव में भाटी ने भाजपा उम्मीदवार स्वरूपसिंह खारा की जमानत जब्त करवा दी थी।

रविंद्र सिंह भाटी का पलटवार: "टीआरपी लेने दो, लूटने दो... हम जनता के लोग हैं" शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने इन आरोपों पर शांत लेकिन मजबूत जवाब दिया। बाड़मेर शहर में पुष्करणा समाज की खेलकूद प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंचे भाटी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से किसी पर टीका-टिप्पणी नहीं करते। उनका प्रयास हमेशा अपनी लकीर को लंबा करने का रहता है, न कि दूसरों की कमियां गिनाने का।भाटी ने परिवार के बारे में स्पष्ट करते हुए कहा: "मेरे दादा जी आबकारी विभाग में सरकारी नौकरी करते थे। मेरे पिता जी आज भी सरकारी शिक्षक हैं। मेरे चाचा जी ने सरपंच चुनाव लड़ा था। संविधान में कब बदलाव आया कि सरपंचों को पार्टी का सिंबल दिया जाने लगा? मैंने तो अब तक ऐसा सुना नहीं है।"टीआरपी वाले बयान पर भाटी ने हंसते हुए कहा: "कई लोगों को मेरे नाम की टीआरपी मिल रही है, तो उनको टीआरपी लेने दो, लूटने दो। जितनी ले सकते हो, ले लो।" उन्होंने आगे कहा कि 2023 विधानसभा चुनाव में शिव की जनता ने साथ दिया, 2024 लोकसभा चुनाव में बाड़मेर, बालोतरा और जैसलमेर की जनता ने समर्थन किया। "हम जनता के लोग हैं। आजादी के समय न भाजपा थी, न कांग्रेस प्रमुख थी।"दुपट्टा फेंकने के आरोप पर भाटी ने मुस्कुराते हुए सवाल टाल दिया और कहा: "उन्हें आरोप लगाने दो, राजी रहने दो।" उन्होंने अपने समर्थकों का हवाला देते हुए कहा कि 2019 से अब तक आरोप लगते रहे हैं, लेकिन ईश्वर का आशीर्वाद और जनता का साथ है, इसलिए कोई चिंता नहीं। "उन्हें कहता हूं कि और मेहनत करो, अभी मेहनत की जरूरत है।"

पृष्ठभूमि: भाटी की राजनीतिक यात्रा और भाजपा से पुराना रिश्ता रविंद्र सिंह भाटी (उम्र 28 वर्ष) बाड़मेर के छोटे से गांव दुधोड़ा से आते हैं। उनके पिता शैतान सिंह शिक्षक हैं और परिवार का राजनीति से पहले कोई गहरा नाता नहीं था। भाटी छात्र राजनीति से उभरे, जहां उन्होंने जोधपुर की जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी में निर्दलीय छात्रसंघ अध्यक्ष बनकर इतिहास रचा।2023 विधानसभा चुनाव से पहले भाटी ने भाजपा जॉइन की थी, लेकिन शिव सीट से टिकट स्वरूपसिंह खारा को मिलने पर उन्होंने बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इससे भाजपा को बड़ा झटका लगा। बाद में 2024 लोकसभा चुनाव में भी भाटी ने बाड़मेर से निर्दलीय नामांकन किया, जिससे त्रिकोणीय मुकाबला हुआ और भाजपा उम्मीदवार कैलाश चौधरी हार गए।भाटी की लोकप्रियता युवाओं में खासतौर पर ज्यादा है, और वे खुद को वैचारिक रूप से भाजपा के करीब बताते हैं, लेकिन पार्टी से टिकट न मिलने पर निर्दलीय राह चुनते रहे हैं।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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