बांसवाड़ा में फिल्मी स्टाइल कार्रवाई: नाकाबंदी तोड़कर भागा शराब तस्कर, 20 किमी तक चला जोरदार पीछा, टायर पंक्चर होने पर दबोचा; 148 पेटी अवैध शराब जब्त
बांसवाड़ा जिले में पुलिस ने मध्य प्रदेश से आ रही अवैध शराब की बड़ी खेप पकड़ी। तस्कर ने नाकाबंदी तोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन 20 किमी तक चले जोरदार पीछे के बाद पिकअप का टायर पंक्चर होने पर उसे दबोचा गया। कुल 148 पेटी शराब (120 बीयर + 28 देसी) जब्त की गई, आरोपी मका पुत्र लाला गणावा को गिरफ्तार किया गया।
बांसवाड़ा जिले में पुलिस ने अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। डीएसटी (डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम) और पाटन थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मध्य प्रदेश से राजस्थान लाई जा रही शराब की बड़ी खेप को जब्त कर लिया। इस दौरान तस्कर ने पुलिस की नाकाबंदी तोड़कर भागने की कोशिश की, जिसके बाद लगभग 20 किलोमीटर तक फिल्मी अंदाज में पीछा चला। आखिरकार पिकअप का टायर पंक्चर होने पर आरोपी को दबोच लिया गया।
घटना का पूरा विवरण
पाटन थानाधिकारी सूरजमल खराड़ी ने बताया कि पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि मध्य प्रदेश से अवैध शराब की एक बड़ी खेप राजस्थान की ओर लाई जा रही है। सूचना मिलते ही डीएसटी प्रभारी एएसआई विवेकभान सिंह की टीम और पाटन थाना पुलिस ने छोटी सरवन इलाके में नाकाबंदी लगा दी।
रात के अंधेरे में एक संदिग्ध पिकअप वाहन आता दिखा। पुलिस ने गाड़ी को रोकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने रुकने के बजाय नाकाबंदी को तोड़ दिया और पिकअप को तेज रफ्तार से घुमाकर मध्य प्रदेश की सीमा की ओर भागने लगा। पुलिस टीम ने तुरंत वाहन का पीछा शुरू कर दिया। यह पीछा करीब 15 से 20 किलोमीटर तक चला, जिसमें तस्कर ने कई बार रास्ते बदलने और तेज ड्राइविंग की कोशिश की।
बॉर्डर क्षेत्र के पास पहुंचते ही पिकअप का एक टायर अचानक पंक्चर हो गया। गाड़ी रुक गई, जिसके बाद आरोपी ने पिकअप को वहीं छोड़कर पैदल भागने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने चारों ओर से घेराबंदी कर आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
बरामद सामान और आरोपी
पुलिस ने आरोपी की पहचान मका पुत्र लाला गणावा, निवासी खेरीपाड़ा, पाटन के रूप में की है। पिकअप की तलाशी में कुल 148 पेटी अवैध शराब बरामद हुई, जिसमें: 120 पेटी बीयर,28 पेटी देसी शराब। ये सभी पेटियां मध्य प्रदेश में निर्मित बताई जा रही हैं। पुलिस ने पिकअप वाहन को भी जब्त कर लिया है। आरोपी के खिलाफ राजस्थान आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।