बांसवाड़ा में बदनामी के डर से युवती ने 6 महीने के भ्रूण को नाली में फेंक दिया, पुलिस ने दो दिन में ही कर लिया गिरफ्तार

बांसवाड़ा में एक युवती ने अवैध संबंधों से 6 महीने के भ्रूण को बदनामी के डर से नाली में फेंक दिया। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही युवती ने प्री-मेच्योर डिलीवरी के बाद यह कदम उठाया। पुलिस ने दो दिन में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। घटना सामाजिक दबाव और जागरूकता की कमी को दर्शाती है।

Jan 18, 2026 - 11:23
बांसवाड़ा में बदनामी के डर से युवती ने 6 महीने के भ्रूण को नाली में फेंक दिया, पुलिस ने दो दिन में ही कर लिया गिरफ्तार

राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। यहां एक युवती ने अवैध संबंधों से हुए गर्भ को छिपाने और सामाजिक बदनामी के डर से अपने करीब 6 महीने के अविकसित भ्रूण को नाली में फेंक दिया। घटना के मात्र दो दिन बाद पुलिस ने आरोपी युवती को गिरफ्तार कर लिया और मामले की जांच तेज कर दी है।

घटना का पूरा विवरण

युवती मूल रूप से दानपुर थाना क्षेत्र (बांसवाड़ा) की निवासी है। वह बांसवाड़ा शहर में किराए पर कमरा लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं (कॉम्पिटिशन एग्जाम) की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान कुछ महीने पहले उदयपुर में परीक्षा देने गई थी, जहां उसकी मुलाकात एक युवक से हुई। दोनों के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। युवक बाद में बांसवाड़ा भी आया और दोनों ने साथ समय बिताया।

कुछ समय बाद युवती को पता चला कि वह गर्भवती है। बदनामी और परिवार की प्रतिक्रिया के डर से उसने यह बात किसी को नहीं बताई, यहां तक कि अपने परिजनों को भी नहीं। वह चुपचाप बच्चे के जन्म का इंतजार करती रही। करीब 6 महीने की प्रेग्नेंसी में प्री-मेच्योर डिलीवरी (समय से पहले प्रसव) हो गया। इस दौरान उसने बच्चे (भ्रूण) को जन्म दिया, लेकिन सामाजिक दबाव और डर के कारण उसने अविकसित भ्रूण को अपने कमरे के पास ही सड़क किनारे बनी नाली में फेंक दिया।

पुलिस को कैसे मिली सूचना और जांच

15 जनवरी की सुबह करीब 9 बजे स्थानीय लोगों को कोतवाली थाना क्षेत्र में सड़क किनारे नाली में एक अविकसित भ्रूण पड़ा दिखा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने भ्रूण को कब्जे में लेकर महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया। शुरुआत में भ्रूण की उम्र करीब 2 से 3 महीने बताई गई, लेकिन आगे जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह करीब 6 महीने का था।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। एसपी सुधीर जोशी के निर्देशन में DSP गोपीचंद मीणा के नेतृत्व वाली टीम ने घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ की। जांच में पता चला कि घटनास्थल के पास ही एक मकान में किराए पर रहने वाली एक युवती की गतिविधियां संदिग्ध हैं। टीम ने उसे डिटेन किया और सख्त पूछताछ की। पूछताछ में युवती ने अपना जुर्म कबूल कर लिया कि उसने जन्म को छिपाने के इरादे से भ्रूण को नाली में फेंका था। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

कोतवाली SHO बुधाराम बिश्नोई ने पूरी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि युवती ने अवैध संबंधों के कारण गर्भ ठहरने की बात छिपाई और अंत में इस कदम तक पहुंच गई।

सामाजिक संदेश और कानूनी पहलू

यह घटना समाज में अवैध संबंधों, असुरक्षित यौन संबंधों और गर्भावस्था के दौरान मिलने वाली मदद की कमी को उजागर करती है। बदनामी के डर से कई युवतियां ऐसी चरम स्थिति में पहुंच जाती हैं। कानूनी रूप से यह मामला भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं (जैसे भ्रूण हत्या या लापरवाही से मौत का कारण बनना) के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस जांच जारी है कि क्या इसमें कोई अन्य व्यक्ति (जैसे प्रेमी युवक) शामिल था या नहीं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.