बालोतरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पांच महीने से फरार अफीम सप्लायर राजेश शर्मा को प्रतापगढ़ से गिरफ्तार किया, कोर्ट ने जेल भेजा
बालोतरा जिले की समदड़ी पुलिस ने अफीम तस्करी के मामले में 5 महीने से फरार चल रहे इनामी आरोपी राजेश शर्मा को प्रतापगढ़ से गिरफ्तार किया। आरोपी पर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पूछताछ में उसने जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। यह कार्रवाई 'ऑपरेशन विषदमन' के तहत हुई, जिसमें पुलिस तस्करी नेटवर्क की जांच कर रही है। मूल घटना 10 जुलाई की है, जब एक अन्य आरोपी से 198 ग्राम अफीम बरामद हुई थी।
बालोतरा (राजस्थान): बालोतरा जिले की समदड़ी पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन विषदमन' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने अफीम तस्करी के एक पुराने मामले में पांच महीने से फरार चल रहे इनामी आरोपी को प्रतापगढ़ जिले से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर बालोतरा एसपी की ओर से 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया और जेल भेज दिया गया। वर्तमान में पुलिस आरोपी से अफीम की खरीद-फरोख्त, सप्लाई चेन और नेटवर्क के बारे में गहन पूछताछ कर रही है।
अभियान की पृष्ठभूमि और टीम का गठन बालोतरा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रमेश ने बताया कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए पूरे जिले में 'ऑपरेशन विषदमन' चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत वांछित और फरार आरोपियों की धरपकड़ पर विशेष फोकस है। इसी कड़ी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) हरफूल सिंह और डिप्टी एसपी (डीएसपी) देरावर सिंह के निर्देशन में समदड़ी थानाधिकारी नरपतदान (या हालिया रिपोर्ट्स में ओमप्रकाश गोदारा) के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था।टीम में हेड कांस्टेबल रमेशराव, कांस्टेबल कानाराम और विशनाराम जैसे अधिकारी शामिल थे। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिरों की सूचना और लगातार छापेमारी के आधार पर आरोपी की तलाश की। लंबे समय तक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर रहा, लेकिन इनाम घोषित होने के बाद शिकंजा कसा गया और अंततः उसे प्रतापगढ़ से डिटेन किया गया।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजेश शर्मा पुत्र अशोक शर्मा, निवासी बोरी, थाना रठानजना, जिला प्रतापगढ़ (राजस्थान) के रूप में हुई है। पूछताछ में राजेश ने अफीम तस्करी मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। इसके बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है, जिसमें तस्करी के अन्य संभावित साथियों और नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।
मूल घटना: पांच महीने पहले की अफीम बरामदगी यह पूरा मामला 10 जुलाई 2025 (या 2024 की कुछ रिपोर्ट्स में) का है। उस दिन समदड़ी थानाधिकारी पुलिस टीम के साथ गश्त और नाकाबंदी पर थे। गांव देवड़ा (या फूलण फांटा सरहद क्षेत्र) में कार्रवाई के दौरान आरोपी मोडाराम पुत्र प्रभुराम, निवासी फूलण, समदड़ी के कब्जे से प्लास्टिक की थैली में 198 ग्राम अवैध अफीम का दूध (ओपियम मिल्क) बरामद किया गया था। मोडाराम को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में मोडाराम से मिली जानकारी के आधार पर एक अन्य आरोपी विक्रम कुमार उर्फ विकास को भी पकड़ा गया। विक्रम को कोर्ट में पेश किया गया और जेल भेजा गया। हालांकि, मामले का मुख्य सप्लायर राजेश शर्मा घटना के तुरंत बाद फरार हो गया। उसके बाद से वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर था।
तस्करी पर पुलिस की सख्ती यह गिरफ्तारी बालोतरा पुलिस के मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है। राजस्थान में अफीम की तस्करी अक्सर सीमावर्ती इलाकों से जुड़ी होती है, और पुलिस लगातार ऐसे नेटवर्क को तोड़ने में जुटी है। इस सफलता से क्षेत्र में तस्करों में दहशत पैदा हुई है। पुलिस अब आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर तस्करी के बड़े नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।