अजमेर में ठगी का चौंकाने वाला मामला: बैंक कर्मचारी बनकर फोन हैक किया, क्रेडिट कार्ड से 2 लाख की खरीदारी कर ली
अजमेर के गंज थाने में एक युवती अनीता कंवर के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया। ठगों ने ICICI बैंक कर्मचारी बनकर क्रेडिट कार्ड अपडेट का झांसा देकर उनके मोबाइल को हैक कर लिया। इसके बाद फर्जी ट्रांजेक्शन कर दो आईफोन, एक डबल डोर फ्रिज और प्लेस्टेशन गेम खरीदे, कुल लगभग 2 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई। पीड़िता ने शिकायत की तो भी फ्लिपकार्ट ने दो आईफोन की डिलीवरी कर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।
अजमेर, राजस्थान: शहर के गंज थाना क्षेत्र में एक युवती के साथ साइबर ठगों ने बड़ा धोखाधड़ी का मामला अंजाम दिया है। ठगों ने खुद को आईसीआईसीआई बैंक का कर्मचारी बताकर क्रेडिट कार्ड अपडेट करने का झांसा दिया और इस बहाने युवती का मोबाइल फोन हैक कर लिया। इसके बाद उन्होंने उसके क्रेडिट कार्ड से लगभग 2 लाख रुपये की खरीदारी कर डाली, जिसमें दो आईफोन, एक डबल डोर फ्रिज और एक प्लेस्टेशन गेम शामिल हैं।
पीड़िता का नाम अनीता कंवर है, जो रघुनाथ भवन, गंज इलाके की निवासी हैं। उन्होंने गंज थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ठगी कैसे हुई?
पीड़िता के अनुसार, उन्हें एक फोन कॉल आई, जिसमें कॉलर ने खुद को आईसीआईसीआई बैंक का प्रतिनिधि बताया। कॉलर ने कहा कि उनके क्रेडिट कार्ड में कुछ अपडेट करने की जरूरत है और इसके लिए कुछ जानकारी चाहिए। उन्होंने आधार कार्ड की डिटेल्स मांगीं। जैसे ही पीड़िता ने जानकारी साझा की, ठगों ने उनके मोबाइल फोन को हैक कर लिया।
हैक होने के बाद ठगों ने पीड़िता के दो आईसीआईसीआई बैंक क्रेडिट कार्ड्स का इस्तेमाल कर फर्जी ट्रांजेक्शन किए। उन्होंने ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म (मुख्य रूप से फ्लिपकार्ट) से निम्नलिखित सामान खरीद लिया:
दो आईफोन
एक डबल डोर रेफ्रिजरेटर (फ्रिज),एक प्लेस्टेशन गेम (संभवतः प्लेस्टेशन कंसोल या गेम),कुल मिलाकर करीब 2 लाख रुपये की खरीदारी हुई।
पीड़िता ने क्या किया?
जैसे ही अनीता कंवर को इन अनधिकृत ट्रांजेक्शन की जानकारी हुई, उन्होंने तुरंत अपने दोनों क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करवा दिए। साथ ही उन्होंने फ्लिपकार्ट को भी इसकी शिकायत दर्ज कराई। लेकिन हैरानी की बात यह है कि शिकायत के बावजूद फ्लिपकार्ट ने दो आईफोन की डिलीवरी कर दी। बाकी सामान की स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन कुल धोखाधड़ी की राशि लगभग 2 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई
गंज थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मामले की गहन जांच कर रही है। साइबर क्राइम की यह घटना एक बार फिर साइबर सुरक्षा की कमजोरियों को उजागर करती है, खासकर फेक कॉल्स और OTP/डिटेल्स शेयर करने के खतरे को।
सलाह: ऐसे फ्रॉड से कैसे बचें?
कभी भी अनजान कॉलर को अपनी बैंक डिटेल्स, आधार, OTP या पासवर्ड न दें।बैंक कभी फोन पर ऐसी जानकारी नहीं मांगते।संदिग्ध कॉल आए तो तुरंत बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन पर संपर्क करें।दो-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू रखें और नियमित रूप से ट्रांजेक्शन चेक करें।