नौकरी के झांसे में फंसा कारोबारी: ड्रग तस्करी में फंसने के डर से सुसाइड, 7 दिन पहले सरेंडर की लगाई थी गुहार
अजमेर के नसीराबाद में एक प्रॉपर्टी कारोबारी ने तालाब में कूदकर आत्महत्या कर ली। वह सुसाइड से 7 दिन पहले एसपी ऑफिस जाकर सरेंडर करना चाहता था। कारोबारी ने आरोप लगाया था कि उसे विदेश में नौकरी का झांसा देकर ड्रग तस्करी में फंसा दिया गया। पुलिस ने मामला स्थानीय नहीं होने के कारण उसे वापस भेज दिया था। घटना के बाद पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।
अजमेर | नसीराबाद अजमेर जिले के नसीराबाद में एक प्रॉपर्टी कारोबारी द्वारा तालाब में कूदकर आत्महत्या करने के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मृतक कारोबारी किशन दोधानी सुसाइड से करीब 7 दिन पहले ही पुलिस के सामने सरेंडर करना चाहता था और इसके लिए वह एसपी ऑफिस भी पहुंचा था। हालांकि, मामला स्थानीय स्तर का नहीं होने के कारण पुलिस ने उसे वापस भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, किशन दोधानी ने अपने वकील चन्द्रशेखर के साथ 12 मार्च को अजमेर एसपी ऑफिस पहुंचकर पूरी घटना बताई थी। उसने मीडिया कर्मियों के सामने भी कहा था कि उसे विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा गया और अनजाने में ड्रग्स तस्करी में फंसा दिया गया।
तालाब किनारे मिला सुराग, बाद में शव बरामद
19 मार्च को नसीराबाद के डिग्गी तालाब के पास किशन को बैठे हुए देखा गया था। कुछ समय बाद वहां उसके जूते और एक पत्थर पर लिखा संदेश मिला—“मेरी पत्नी और बच्चे माफ करें।” इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।मौके पर पहुंची सिटी थाना पुलिस और एनडीआरएफ टीम ने तलाशी अभियान चलाकर तालाब से उसका शव बरामद किया।मृतक के परिवार में पत्नी और 12 व 8 साल की दो बेटियां हैं। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।
10 दिन से छिपता फिर रहा था
वकील चन्द्रशेखर के अनुसार, किशन ने बताया था कि वह पिछले 10 दिनों से डर के कारण इधर-उधर छिपता फिर रहा था। वह पहले से कर्ज में डूबा हुआ था और अब ड्रग तस्करी के आरोप में फंसने के डर से परेशान था। इसी वजह से उसने सरेंडर करने का फैसला लिया था।
ऐसे रचा गया पूरा जाल
किशन ने बताया था कि उसके एक परिचित अनिल ने उसे अपने जीजा संजय के जरिए विदेश में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।पहले उसे दिल्ली इंटरव्यू के लिए बुलाया गया, फिर हैदराबाद से बैंकॉक भेज दिया गया, वहां 8 दिन रुकवाने के बाद अचानक इंटरव्यू रद्द कर दिया गया, वापसी के समय उसे “चॉकलेट का ब्रीफकेस” देकर मुंबई भेजा गया, मुंबई पहुंचकर उसने वह ब्रीफकेस एक व्यक्ति को सौंप दिया। बाद में उसे पता चला कि उस ब्रीफकेस में ड्रग्स थी और मुंबई पुलिस उसे तलाश रही है।
लगातार घुमाते रहे आरोपी
किशन के अनुसार, इसके बाद आरोपियों ने उसे अलग-अलग शहरों में घुमाया—देवली, बूंदी, कोटा और मथुरा। इस दौरान उसका फोन भी ले लिया गया और उसे अंडरग्राउंड रहने के लिए कहा गया।
पुलिस ने क्या कहा
नसीराबाद सिटी थाना प्रभारी पंकज माझू के अनुसार, मामले में आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। विदेश में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी और ड्रग तस्करी में फंसाने के एंगल पर भी जांच होगी।