अजमेर के हतुंडी गांव में जमीन विवाद ने ली युवक की जान: घर में घुसकर सरियों-डंडों से किया गया जानलेवा हमला, परिवार ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का लगाया आरोप
अजमेर के हतुंडी गांव में जमीन विवाद को लेकर 20 से ज्यादा लोगों ने एक परिवार के घर में घुसकर सरिया, डंडे और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमले में तीन भाई गंभीर घायल हुए, जिनमें 26 वर्षीय शाहरुख की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार ने पुलिस पर पहले सूचना देने के बावजूद कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को डिटेन किया है और बाकियों की तलाश जारी है। सीसीटीवी वीडियो भी सामने आए हैं।
अजमेर जिले के आदर्श नगर थाना क्षेत्र के हतुंडी गांव में जमीन के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। 25 मार्च 2026 को शाम करीब 6 बजे एक पक्ष के 20 से ज्यादा लोगों ने दूसरे पक्ष के घर में घुसकर कुल्हाड़ी, सरिया, डंडे और अन्य हथियारों से हमला बोल दिया। इस हमले में तीन भाई गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से एक युवक शाहरुख (26 वर्ष) की इलाज के दौरान मौत हो गई।
घटना का विवरण
परिवार के सदस्यों के अनुसार, गांव में 4 बीघा जमीन को लेकर करीब 2 महीने से विवाद चल रहा था। मृतक शाहरुख के भाई आबिद खान ने बताया कि यह जमीन उनके परिवार के 25 सदस्यों की है और दस्तावेज भी उनके पास हैं। पड़ोस में रहने वाले दादा के रिश्तेदार इस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। आए दिन छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा होता रहता था।
25 मार्च को शाम 6 बजे आरोपियों का एक बड़ा समूह घर में घुस आया। घर में शाहरुख, उसके भाई रहमत और अतुल चीता सहित महिलाएं और बच्चे मौजूद थे। हमलावरों ने बिना किसी चेतावनी के सरिया, डंडे और कुल्हाड़ी से लाठीचार्ज शुरू कर दिया। हमले में तीनों भाई गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि 5-6 महिलाओं और 3-4 बच्चों को भी मामूली चोटें आईं।हमलावरों ने भागते समय कहा- “अब मजा आ गया” और तालियां बजानी शुरू कर दीं।
अस्पताल में मौत और घायलों की स्थिति
घायलों को तुरंत जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। तीनों भाई गंभीर हालत में थे। शुक्रवार (27 मार्च 2026) सुबह 4 बजे शाहरुख की मौत हो गई। अन्य दो भाइयों अतुल चीता और रहमत को बाद में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
पुलिस की कार्रवाई और परिवार का आरोप
घायल रहमत की शिकायत पर आदर्श नगर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों सलमान, अशरफ और इरफान को डिटेन कर लिया है। अजमेर साउथ सीओ मनीष बडगूजर ने बताया कि अलग-अलग टीमें बना कर बाकी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए हैं।
परिवार और ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आबिद खान ने कहा कि 25 मार्च को शाम 4 बजे से ही हमले का अंदेशा था और उन्होंने थाने को सूचना भी दे दी थी। फिर भी पुलिस रात 8 बजे मौके पर पहुंची। शिकायत के बावजूद सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया गया।युवक की मौत की खबर फैलते ही परिवार और गांव के लोग मॉर्चरी के बाहर इकट्ठा हो गए और हंगामा करने लगे। पुलिस के समझाने-बुझाने पर वे शांत हुए। मौके पर तीन थानों के साथ ही पुलिस लाइन का जाब्ता तैनात किया गया। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है।
सीसीटीवी वीडियो सामने आए
हमले के सीसीटीवी वीडियो भी सामने आ चुके हैं, जिनमें हमलावरों द्वारा घर में घुसकर हमला करने के दृश्य साफ दिख रहे हैं। पुलिस इन वीडियो के आधार पर जांच तेज कर रही है।यह घटना अजमेर में जमीन विवाद को लेकर बढ़ रही हिंसा की एक और मिसाल है। परिवार ने न्याय की मांग करते हुए सभी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की अपील की है। पुलिस का कहना है कि जांच चल रही है और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी पकड़ लिया जाएगा।