अजमेर में सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दर्दनाक मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने लगाया जाम, प्रशासन ने समझाया तो शांत हुए

अजमेर के कायड़ चौहारे पर NH-89 में तेज रफ्तार ट्रेलर ने खेत से लौट रहे रामलाल, पत्नी कांता देवी व पुत्र मयंक को टक्कर मार दी; तीनों की मौत हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने 10 मिनट तक सड़क जाम की। पुलिस-प्रशासन की समझाइश के बाद जाम खुला। ट्रेलर चालक फरार, पुलिस तलाश में जुटी।

Nov 24, 2025 - 16:34
अजमेर में सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दर्दनाक मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने लगाया जाम, प्रशासन ने समझाया तो शांत हुए

अजमेर, 24 नवंबर 2025: राजस्थान के अजमेर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 89 पर स्थित कायड़ चौहारे के पास रविवार शाम को एक दिल दहला देने वाले सड़क हादसे ने एक ही परिवार को हमेशा के लिए छीन लिया। एक ट्रेलर की तेज रफ्तार ने एक परिवार की गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें रामलाल, उनकी पत्नी कांता देवी और उनका पुत्र मयंक की मौके पर ही मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने तत्काल विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और करीब 10 मिनट के लिए अजमेर-नागौर सड़क पर जाम लगा दिया। बाद में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के पहुंचने तथा समझाइश के बाद ग्रामीण शांत हुए।

हादसे का पूरा विवरण: खेत से लौटते वक्त ट्रेलर की चपेट में आए परिवार घटना रविवार शाम को करीब 5 बजे के आसपास घटी, जब रामलाल (उम्र लगभग 55 वर्ष), उनकी पत्नी कांता देवी (उम्र लगभग 50 वर्ष) और उनका इकलौता पुत्र मयंक (उम्र लगभग 25 वर्ष) गगवाना गांव स्थित अपने खेत से घर लौट रहे थे। परिवार अपनी एक छोटी सी पिकअप वैन पर सवार था, जो सामान्य रूप से खेती-बाड़ी के कामों के लिए इस्तेमाल की जाती है। वे अजमेर शहर के निकटवर्ती इलाके में रहते हैं और खेती उनका मुख्य पेशा था।आंखों देखा बताते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 89 पर कायड़ चौहारे के पास एक तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित हो गया। ट्रेलर चालक ने अचानक दाहिने तरफ मोड़ लिया, जिससे सीधे रामलाल की वैन से जोरदार ठोकर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन सड़क के किनारे पलट गई और तीनों यात्रियों को गंभीर चोटें आ गईं। हादसे के समय सड़क पर वाहनों की आवाजाही कम थी, लेकिन जो गवाह बने, उन्होंने चीख-पुकार मचाने के बाद तुरंत मदद की कोशिश की।घटना की सूचना मिलते ही गेगल थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। इंस्पेक्टर नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने घायलों को तुरंत निकाला और 108 एंबुलेंस की मदद से अजमेर के जेलेन (जेएलएन) मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाया गया कि मौत का कारण सिर और छाती पर लगी गंभीर चोटें थीं। ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने वाहन जब्त कर लिया है और चालक की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ट्रेलर पर ओवरलोडिंग और चालक की लापरवाही मुख्य कारण बताई जा रही है।

ग्रामीणों का आक्रोश: 'सड़कें खतरनाक, प्रशासन सो रहा है' हादसे की खबर जैसे ही आसपास के गांवों में फैली, वैसे ही गगवाना, कायड़ और आसपास के ग्रामीण सड़क पर उमड़ पड़े। वे चिल्ला रहे थे, "ये सड़कें मौत की सौगात बन गई हैं!" ग्रामीणों का कहना था कि राष्ट्रीय राजमार्ग 89 पर कायड़ चौहारे के पास कई जगहों पर गड्ढे हैं, स्पीड ब्रेकर नहीं हैं और ट्रकों-ट्रेलरों की अंधाधुंध दौड़ चलती रहती है। पिछले एक साल में इसी इलाके में कम से कम 5-6 बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई जानें गई हैं।आक्रोशित ग्रामीणों ने तत्काल सड़क जाम कर दिया। उन्होंने टायर जलाए, नारे लगाए और ट्रैफिक को रोक दिया। जाम की वजह से अजमेर से नागौर जाने वाले दर्जनों वाहन रुक गए, जिसमें कारें, ट्रक और बसें शामिल थीं। जाम करीब 10 मिनट चला, लेकिन तनाव बढ़ता जा रहा था। ग्रामीणों ने मांग की कि प्रशासन तुरंत सड़क की मरम्मत करे, स्पीड लिमिट लगाए और दोषी ट्रेलर चालक को गिरफ्तार करे।पुलिस-प्रशासन की त्वरित कार्रवाई: समझाइश से शांत हुए ग्रामीणजाम की सूचना मिलते ही अजमेर जिला प्रशासन और पुलिस ने फुर्ती दिखाई। गेगल थाने के एसएचओ (स्टेशन हाउस ऑफिसर) और एक टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की, हादसे पर शोक व्यक्त किया और आश्वासन दिया कि जांच तेजी से होगी। एसडीएम ने कहा, "हम दोषियों को बख्शेंगे नहीं। सड़क सुरक्षा के लिए तुरंत सर्वे कराया जाएगा और आवश्यक सुधार किए जाएंगे।" समझाइश के बाद ग्रामीण शांत हो गए और जाम खोल दिया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और परिवार को सरकारी सहायता का भरोसा दिलाया। जिला कलेक्टर ने भी हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।

परिवार का दर्द: इकलौते बेटे की मौत से टूटा सबकुछ रामलाल का परिवार अजमेर के ग्रामीण इलाके में रहता था। रामलाल एक मेहनती किसान थे, जो पत्नी कांता देवी और बेटे मयंक के साथ मिलकर खेतीबाड़ी संभालते थे। मयंक, जो परिवार का इकलौता सहारा था, हाल ही में शादी के बंधन में बंधा था और भविष्य की योजनाएं बुन रहा था। हादसे के बाद परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। पड़ोसियों के अनुसार, रामलाल हमेशा सतर्क रहते थे, लेकिन किस्मत ने साथ दे दिया। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया, "ये हादसा सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे इलाके की लापरवाही को उजागर करता है। ग्रामीणों का गुस्सा जायज है।" पुलिस ने मामला एक्सीडेंटल डेथ के तहत दर्ज किया है, लेकिन ट्रेलर चालक के खिलाफ लापरवाही से मौत का केस भी जोड़ा जाएगा।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.