अजमेर सेंट्रल जेल में बंदियों के बीच झगड़ा: गर्म चाय फेंकने और स्टील मग से हमले में एक कैदी की आंख की रोशनी गई

अजमेर सेंट्रल जेल में 11 नवंबर 2025 को कैदी रामदेव ने राजकुमार से चाय मांगने पर विवाद के बाद गर्म चाय फेंकी और स्टील मग से आंख पर हमला किया। राजकुमार की आंख गंभीर रूप से घायल हुई, ऑपरेशन के बाद भी रोशनी वापस नहीं आई। पुलिस ने रामदेव (पॉक्सो केस में सजा काट रहा) को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा। घटना जेल सुरक्षा पर सवाल उठाती है।

Jan 3, 2026 - 18:32
अजमेर सेंट्रल जेल में बंदियों के बीच झगड़ा: गर्म चाय फेंकने और स्टील मग से हमले में एक कैदी की आंख की रोशनी गई

अजमेर की सेंट्रल जेल में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां दो बंदियों के बीच मामूली विवाद इतना बढ़ गया कि एक कैदी ने दूसरे पर गर्म चाय फेंक दी और फिर स्टील के मग से उसकी आंख पर हमला कर दिया। इस हमले से पीड़ित कैदी की आंख गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसके बाद उसका ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन में आंख में नया लेंस डाला गया, लेकिन इसके बावजूद उसकी रोशनी वापस नहीं लौटी। पुलिस ने आरोपी कैदी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

घटना का विवरण यह घटना 11 नवंबर 2025 को अजमेर की सेंट्रल जेल में हुई। जेल के अंदर तैनात प्रहरी गुमानाराम ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पीड़ित बंदी राजकुमार (निवासी ब्यावर रोड, अजमेर) की ओर से थी। राजकुमार ने बताया कि आरोपी बंदी रामदेव ने उनसे चाय मांगी, लेकिन जब राजकुमार ने चाय देने से इनकार कर दिया तो दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।विवाद बढ़ने पर रामदेव ने पहले गर्म चाय राजकुमार की आंख पर फेंक दी, जिससे आंख जल गई। इसके बाद गुस्से में आकर रामदेव ने स्टील के मग से राजकुमार की आंख पर जोरदार प्रहार किया। इस हमले से राजकुमार की आंख इतनी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई कि तुरंत मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने आंख का ऑपरेशन किया और नया लेंस इंप्लांट किया। हालांकि, पुलिस जांच के अनुसार, ऑपरेशन के बाद भी राजकुमार की आंख की रोशनी पूरी तरह वापस नहीं आई है, जिससे वह स्थायी रूप से प्रभावित हो सकता है।

पुलिस कार्रवाई सिविल लाइन थाने के एएसआई हरि यादव ने मामले की जांच की। थाना प्रभारी के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस टीम ने प्रोडक्शन वारंट जारी कर आरोपी रामदेव को सेंट्रल जेल से ही गिरफ्तार किया। रामदेव को कोर्ट में पेश किया गया, जहां मजिस्ट्रेट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इसके बाद उसे वापस जेल भेज दिया गया।पुलिस के अनुसार, आरोपी रामदेव पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत दोषी ठहराए जाने के बाद सजा काट रहा है। यह मामला जेल के अंदर सुरक्षा व्यवस्था और कैदियों के बीच तनाव पर भी सवाल उठाता है, क्योंकि ऐसी घटनाएं जेलों में कभी-कभी सामने आती रहती हैं।

जेलों में ऐसी घटनाओं का संदर्भ जेलों में बंदियों के बीच छोटी-छोटी बातों पर झगड़े आम हैं, लेकिन यह मामला विशेष रूप से गंभीर है क्योंकि इसमें एक कैदी को स्थायी नुकसान पहुंचा है। पीड़ित राजकुमार की आंख की रोशनी न लौटने से उसकी जेल जीवन और रिहाई के बाद की जिंदगी पर गहरा असर पड़ेगा। पुलिस ने मामले में आगे की जांच जारी रखी है, और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.