देश को दहलाने की थी तैयारी! स्लीपर सेल मिशन पर काम कर रहा था अजमेर का आरोपी...

अजमेर का एक ऑटो चालक सुरक्षा एजेंसियों की जांच में आतंकी नेटवर्क से जुड़ा पाया गया। वह सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए संपर्क बनाकर राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में स्लीपर सेल तैयार करने की साजिश में शामिल था। उसे लोगों को जोड़ने के बदले पैसे का लालच दिया गया था। STF और पुलिस ने उसे साथियों सहित गिरफ्तार कर करीब 2 किलो RDX बरामद किया। फिलहाल एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी हैं।

Mar 18, 2026 - 19:12
देश को दहलाने की थी तैयारी! स्लीपर सेल मिशन पर काम कर रहा था अजमेर का आरोपी...

अजमेर

राजस्थान के अजमेर से जुड़े एक बड़े सुरक्षा मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हरियाणा के अंबाला में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) द्वारा पकड़ा गया एक ऑटो चालक कथित तौर पर अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से जुड़ा हुआ पाया गया है। जांच में सामने आया है कि वह सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए एक बड़े मॉड्यूल का संचालन कर रहा था।

सोशल मीडिया से जुड़ा, फिर बढ़ता गया नेटवर्क

जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी ने पहले स्थानीय स्तर पर रेलवे स्टेशन और दरगाह क्षेत्र में काम करते हुए बाहरी लोगों से संपर्क बनाए। इसी दौरान वह अपराध जगत से जुड़े लोगों के संपर्क में आया और धीरे-धीरे एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा बन गया।

बताया जा रहा है कि उसने करीब डेढ़ साल पहले सोशल मीडिया के जरिए विदेशी हैंडलर्स से संपर्क स्थापित किया। बाद में बातचीत के लिए सुरक्षित मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल किया जाने लगा, जिससे एजेंसियों को उसकी गतिविधियों का पता लगाने में समय लगा।

स्लीपर सेल तैयार करने का मिला था जिम्मा

खुफिया जांच में यह सामने आया है कि आरोपी को राजस्थान के अलावा दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में स्लीपर सेल तैयार करने का काम सौंपा गया था। इसके लिए उसे आर्थिक लालच भी दिया गया था। हर नए व्यक्ति को जोड़ने पर मोटी रकम देने का वादा किया गया था।

होटल-गेस्ट हाउस में ठहराने का करता था इंतजाम

आरोपी की भूमिका केवल संपर्क तक सीमित नहीं थी। वह बाहर से आने वाले संदिग्ध व्यक्तियों को शहर में ठहराने, उनके लिए होटल और गेस्ट हाउस की व्यवस्था करने और स्थानीय स्तर पर सहयोग देने का काम भी करता था।

रेलवे स्टेशन पर ऑटो चलाने के दौरान वह यात्रियों से संपर्क बनाता और इसी नेटवर्क को आगे बढ़ाता था।

विस्फोटक बरामद, समय रहते कार्रवाई

STF और पंजाब पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी और उसके साथियों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री (करीब 2 किलो RDX) बरामद की गई, जो किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करती है।

बताया जा रहा है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो यह नेटवर्क सक्रिय होकर गंभीर घटनाओं को अंजाम दे सकता था।

लंबे समय से नजर में थे आरोपी

सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही इन संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं। सर्विलांस और तकनीकी इनपुट के आधार पर ही यह कार्रवाई संभव हो पाई।

अब आरोपियों के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, जिसमें डिलीट किए गए चैट, लोकेशन और अन्य अहम डिजिटल सबूत जुटाए जा रहे हैं।

परिवार और स्थानीय कनेक्शन की जांच

अजमेर में आरोपी के परिवार और उसके करीबी लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में स्थानीय स्तर पर और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

यह मामला दिखाता है कि किस तरह सोशल मीडिया और छोटे स्तर के स्थानीय नेटवर्क के जरिए बड़ी आतंकी साजिशें तैयार की जा रही हैं। हालांकि, समय रहते की गई कार्रवाई से एक संभावित बड़े खतरे को टाल दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं, जिससे आने वाले समय में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।