राजस्थान के कोहिनूर: लंदन के प्रसिद्ध उद्योगपति श्री सुखदेव जांगिड़ को ब्रिटिश पार्लियामेंट में मिला सम्मान
लंदन के प्रसिद्ध एनआरआई उद्योगपति और आईटी विशेषज्ञ श्री सुखदेव जांगिड़ को ब्रिटिश पार्लियामेंट में आयोजित राजस्थान दिवस समारोह में ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन द्वारा आईटी क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। यह राजस्थान की प्रतिभा की वैश्विक पहचान का प्रतीक है। साथ ही, उन्होंने राजस्थान सरकार के साथ 60,000 करोड़ रुपये के निवेश का एमओयू किया है, जिसके तहत जोधपुर में दुबई स्टाइल अत्याधुनिक आईटी टेक्नो सिटी विकसित की जाएगी, जो हजारों रोजगार पैदा करेगी।
बीकानेर (राजस्थान), 18 मार्च 2026 राजस्थान की माटी से निकले एक चमकते सितारे ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा और योगदान का लोहा मनवाया है। लंदन में बसे सुप्रसिद्ध उद्योगपति, दानवीर और आईटी क्षेत्र के विजनरी श्री सुखदेव जांगिड़ (जिन्हें भामाशाह के रूप में भी जाना जाता है) को ब्रिटिश पार्लियामेंट में आयोजित राजस्थान दिवस समारोह में विशेष सम्मान प्राप्त हुआ।
इस यादगार अवसर पर ब्रिटिश सांसद श्री बॉब ब्लैकमैन ने आईटी सेक्टर में उनके उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देते हुए श्री सुखदेव जांगिड़ को एक प्रतिष्ठित मोमेंटो प्रदान कर अभिनंदन किया। यह कार्यक्रम राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत, प्रवासी राजस्थानियों की उपलब्धियों और राज्य के विकास में उनके योगदान को सेलिब्रेट करने के लिए आयोजित किया गया था, जिसमें श्री जांगिड़ का सम्मान एक प्रमुख क्षण बन गया।
समारोह के दौरान श्री सुखदेव जांगिड़ ने भावुक होते हुए कहा, "यह सम्मान केवल मेरे व्यक्तिगत लिए नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान की प्रतिभा, मेहनत और समर्पण की वैश्विक पहचान है। राजस्थान की माटी ने मुझे जो कुछ भी दिया है, मैं उसे वापस लौटाने का प्रयास कर रहा हूं।"श्री सुखदेव जांगिड़ मूल रूप से जोधपुर (राजस्थान) के हैं और लंदन में Capsitech कंपनी के सीईओ के रूप में कार्यरत हैं। वे पिछले दो दशकों से यूके में बसे हुए हैं और आईटी, टेक्नोलॉजी तथा उद्यमिता के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना चुके हैं।
हाल ही में उन्होंने राजस्थान सरकार के साथ एक ऐतिहासिक एमओयू साइन किया है, जिसमें जोधपुर में दुबई की तर्ज पर एक अत्याधुनिक आईटी टेक्नो सिटी विकसित करने के लिए 60,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई गई है। यह परियोजना अगले 5 वर्षों में पूरी होने की उम्मीद है और राज्य में हजारों रोजगार के अवसर पैदा करेगी, साथ ही राजस्थान को वैश्विक आईटी हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।यह उपलब्धि न केवल श्री सुखदेव जांगिड़ के व्यक्तिगत संघर्ष और सफलता की कहानी है, बल्कि राजस्थान के प्रवासी उद्यमियों की उस भावना का प्रतीक भी है जो 'वसुधैव कुटुम्बकम' की भावना से प्रेरित होकर देश-प्रदेश के विकास में योगदान दे रही है।