अडानी सिंघरौली पावर प्लांट में मजदूर की मौत पर हिंसक बवाल: 12 गाड़ियां पलटीं, ठेकेदार ऑफिस में आग, पुलिस जिप्सी क्षतिग्रस्त – 5 घंटे तक मचा हंगामा

सिंघरौली के अदानी बधौरा पावर प्लांट में झारखंड के मजदूर लल्लन सिंह की हार्ट अटैक मौत पर अफवाह फैलने से हजारों मजदूर भड़क उठे। शनिवार को 12 गाड़ियां तोड़ीं, 25 एसी क्षतिग्रस्त, ठेकेदार ऑफिस और प्लांट हिस्सा जलाया, पुलिस जिप्सी का शीशा तोड़ा। 5 घंटे हंगामा चला, 200 पुलिस तैनात; पोस्टमार्टम में हार्ट अटैक पुष्टि, जांच जारी।

Mar 16, 2026 - 13:38
अडानी सिंघरौली पावर प्लांट में मजदूर की मौत पर हिंसक बवाल: 12 गाड़ियां पलटीं, ठेकेदार ऑफिस में आग, पुलिस जिप्सी क्षतिग्रस्त – 5 घंटे तक मचा हंगामा

सिंगरौली (मध्य प्रदेश), 16 मार्च 2026: मध्य प्रदेश के सिंघरौली जिले के बधौरा (बंधौरा) स्थित अदानी पावर प्लांट (महान थर्मल पावर प्लांट) में शुक्रवार रात एक ठेकेदार मजदूर की मौत के बाद शनिवार को प्लांट परिसर में भारी हंगामा मच गया। झारखंड के गढ़वा जिले के निवासी लल्लन सिंह की मौत को लेकर फैली अफवाह ने हजारों मजदूरों का गुस्सा भड़का दिया। मजदूरों ने आरोप लगाया कि मौत काम के दौरान ऊंचाई से गिरने के कारण हुई और कंपनी प्रबंधन शव छिपाने की कोशिश कर रहा था। जबकि प्रबंधन और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में स्पष्ट है कि मौत हार्ट अटैक से हुई।

घटना की शुरुआत शुक्रवार रात 11 बजे हुई। लल्लन सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ी। उनके रूममेट कमलेश ने बताया कि लल्लन को गले में फंसने और सांस न आने की शिकायत थी। वे अदरक चूसने में असमर्थ रहे और सीने को पीटते हुए गिर पड़े। उन्हें एंबुलेंस से बैढ़न ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। कंपनी प्रबंधन ने इसे हार्ट अटैक बताया, लेकिन मजदूरों ने इसे हादसा मान लिया और शव छिपाने का आरोप लगाया।

शनिवार सुबह हजारों ठेकेदार मजदूर (ज्यादातर झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश से आए) एकत्रित हो गए। प्रदर्शन तेजी से हिंसक रूप ले लिया। गुस्साए मजदूरों ने प्लांट परिसर में खड़ी 10 से 12 से ज्यादा कंपनी गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दीं, कई को पलट दिया। 25 से ज्यादा एयर कंडीशनर तोड़ दिए गए। ठेकेदार के ऑफिस में आग लगा दी गई और प्लांट के एक हिस्से में भी आगजनी हुई। कुछ स्टाफ सदस्यों से मारपीट भी हुई। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो मजदूरों ने पुलिस जिप्सी का शीशा और विंडशील्ड लकड़ी के डंडों से तोड़ दिया। पूरे इलाके में 5 घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। कई मजदूर प्लांट छोड़कर घर लौट गए और निर्माण कार्य ठप हो गया।

जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। कलेक्टर गौरव बैनाल ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मौत हार्ट अटैक से हुई थी। शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया और पूरी घटना की जांच का आश्वासन दिया। एसडीएम, तहसीलदार, एडिशनल एसपी समेत 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए। बधौरा चौकी और माड़ा पुलिस को अलर्ट पर रखा गया। फिलहाल किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, लेकिन वीडियोग्राफी के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। स्थिति अब नियंत्रण में है और प्रशासन निरंतर निगरानी रख रहा है।

यह घटना सिंघरौली के औद्योगिक क्षेत्र में मजदूर सुरक्षा और श्रमिक अधिकारों को लेकर सवाल उठा रही है। सिंगरौली कोयला बेल्ट है जहां अदानी समेत कई बड़ी कंपनियों के प्लांट और खदान चल रहे हैं। ठेकेदार मजदूरों की शिकायतें अक्सर काम के घंटे, सुरक्षा उपकरण और मुआवजे को लेकर सामने आती रहती हैं। इस बार मौत की अफवाह ने आग में घी डाल दिया। मजदूर विष्णु ने बताया, “रात में ड्यूटी कर सो रहे थे, सुबह मौत की खबर सुनकर गुस्सा फूट पड़ा। अब कई साथी घर जा रहे हैं।”

अदानी पावर प्लांट प्रबंधन ने अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया है, लेकिन जिला प्रशासन के साथ मिलकर स्थिति संभालने में जुटा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हार्ट अटैक की पुष्टि हो चुकी है, फिर भी मजदूर यूनियन और स्थानीय नेता जांच की मांग कर रहे हैं। इस घटना से श्रमिक अशांति की आशंका बढ़ गई है। आने वाले दिनों में प्लांट में कामकाज कैसे प्रभावित होगा, यह देखना बाकी है।

सिंघरौली में पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। 2025 में अदानी की धिरौली कोल माइन प्रोजेक्ट में पर्यावरण और विस्थापन को लेकर विरोध हुआ था। अब यह श्रमिक मौत वाली घटना राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गई है। विपक्षी दल अब कंपनी पर मजदूर सुरक्षा की उपेक्षा का आरोप लगा रहे हैं।

प्रशासन का कहना है कि मजदूरों की मांगों पर विचार किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल प्लांट में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूर कल्याण और सुरक्षा कितनी जरूरी है। अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.