ईरान ने मोसाद के जासूस को फांसी दी: संवेदनशील इलाकों की तस्वीरें और जानकारी भेजने के आरोप में सजा, इजराइल पर मिसाइल हमले और अमेरिकी कार्रवाई के बीच तनाव चरम पर
ईरान ने मोसाद के लिए जासूसी के आरोप में कुरोश केयवानी को फांसी दी, जिसने संवेदनशील सैन्य स्थलों की तस्वीरें और जानकारी भेजी थीं। यह घटना इजराइल द्वारा ईरान के शीर्ष सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी और बसिज कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी की हत्या के बाद हुई, जिसके बदले ईरान ने तेल अवीव सहित कई जगहों पर 100+ मिसाइल हमले किए, जिसमें 2 मौतें हुईं। अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरानी मिसाइल ठिकानों पर 2200 किलो (5000 पाउंड) बंकर बस्टर बम गिराए। युद्ध तेज हो रहा है।
तेहरान/तेल अवीव, 18 मार्च 2026 — ईरान ने इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने के आरोप में एक व्यक्ति को फांसी दे दी है। ईरानी न्यायपालिका की आधिकारिक एजेंसी मिज़ान ने इसकी पुष्टि की है। आरोपी का नाम कुरोश केयवानी (Kourosh Keyvani) बताया गया है, जिसे संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें और महत्वपूर्ण जानकारी मोसाद को प्रदान करने का दोषी पाया गया।
ईरानी मीडिया के अनुसार, केयवानी को पिछले साल जून में सवजबलाघ शहर से गिरफ्तार किया गया था, जब ईरान और इजराइल के बीच 12 दिनों का तीव्र युद्ध चल रहा था। आरोप है कि उसे स्वीडन में ऑनलाइन भर्ती किया गया था और एक ट्रैवल लिंक के माध्यम से मोसाद एजेंट्स से संपर्क किया गया। उसने ईरान के संवेदनशील सैन्य और रणनीतिक इलाकों की फोटो और अन्य गोपनीय जानकारियां भेजी थीं। मोसाद अधिकारियों से मिलने और यूरोपीय देशों तथा तेल अवीव में ट्रेनिंग लेने के भी दावे किए गए हैं।
यह फांसी ऐसे समय में दी गई है जब ईरान-इजराइल संघर्ष चरम पर पहुंच चुका है। ईरान ने इजराइल के कई शहरों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमले किए हैं, जिसमें तेल अवीव सहित 100 से अधिक स्थानों को निशाना बनाया गया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बताया कि ये हमले खोर्रमशहर-4 जैसी बैलिस्टिक मिसाइलों से किए गए।
ईरान का दावा है कि यह हमला उसके बड़े नेता अली लारिजानी (Supreme National Security Council के सेक्रेटरी और वास्तविक नेता माने जाते थे), उनके बेटे, तथा बसिज फोर्स के कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी की मौत का बदला है। इजराइल ने मंगलवार रात को इन दोनों शीर्ष अधिकारियों को एयरस्ट्राइक में मार गिराया था। इजराइल का कहना है कि उसने कई मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया (इंटरसेप्ट किया), लेकिन कुछ शहरों में मलबा गिरने से हादसे हुए, जिसमें कम से कम 2 लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए।
इसी बीच, अमेरिका ने भी बड़ा एक्शन लिया है। अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को सुरक्षित बनाने के लिए ईरान के समुद्र तटीय मिसाइल ठिकानों पर हमला किया। यूएस सेंट्रल कमांड के अनुसार, 5,000 पाउंड (लगभग 2,200-2,268 किलोग्राम) वजनी डीप पेनेट्रेटर या बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया, जो जमीन के अंदर बने हार्डनड ठिकानों को भी नष्ट कर सकते हैं। ये हमले ईरानी एंटी-शिप क्रूज मिसाइलों को निशाना बनाने के लिए थे, जो होर्मुज स्ट्रेट में अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रहे थे।
यह घटनाक्रम फरवरी-अंत में शुरू हुए ईरान युद्ध का हिस्सा है, जिसमें अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त रूप से ईरान के सैन्य, मिसाइल और परमाणु ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। ईरान की ओर से इजराइल और खाड़ी देशों पर मिसाइल-ड्रोन हमले जारी हैं, जबकि अमेरिका-इजराइल गठबंधन ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को कमजोर करने पर फोकस कर रहा है।