राजस्थान: अरावली की गोद में छिपा खजाना उजागर होने को तैयार, 100 मिलियन टन दुर्लभ खनिजों समेत सोने के मिलने के संकेत
राजस्थान की अरावली में छिपा दुर्लभ खजाना उजागर! उदयपुर-सिरोही-अंबाजी क्षेत्र में 100 मिलियन टन से ज्यादा कॉपर, गोल्ड व अन्य खनिजों का अनुमान, माइनिंग क्रांति की शुरुआत।
राजस्थान की प्राचीन अरावली पर्वतमाला की गोद में छिपा एक विशाल खनिज खजाना अब सामने आने वाला है। उदयपुर, सिरोही और आबूरोड से सटे गुजरात के अंबाजी क्षेत्र में वैज्ञानिकों ने 100 मिलियन टन से अधिक दुर्लभ खनिज भंडारों का आकलन किया है। इनमें कॉपर, गोल्ड, लेड, जिंक और सिल्वर जैसे मूल्यवान धातुओं की प्रचुरता है, जो इस इलाके को भारत के प्रमुख माइनिंग हॉटस्पॉट के रूप में स्थापित कर रही है।
इस खोज से न केवल आर्थिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि रोजगार और औद्योगिक अवसर भी बढ़ेंगे।इस संभावना को हकीकत में बदलने के लिए गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (GMDC) ने उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के भू-विज्ञान विभाग के साथ दो साल का MoU साइन किया है। इस समझौते के तहत रिसर्च, कंसलटेंसी और माइनिंग गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं।
विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की टीम 1840 हेक्टेयर के विशाल क्षेत्र में खनिजों की खोज और उनके फैलाव का वैज्ञानिक मूल्यांकन कर रही है। पहले चरण में लगभग 140 हेक्टेयर भूमि पर फोकस किया गया है। GMDC ने एक विशेष सोसायटी का गठन कर इन वैज्ञानिकों को पूरी जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ सतत विकास सुनिश्चित हो। यह परियोजना राजस्थान और गुजरात के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है, जो देश की खनिज आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगी।