भारत के सभी ऑनलाइन गेमिंग Dream11, MPL, Zupe बंद,लेकिन यूजर्स का पैसा सुरक्षित.
भारत में ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर पाबंदी का तूफान! Dream11, MPL, Zupee, Gameskraft, और Probo जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स ने अपने पैसे वाले गेम्स बंद कर दिए। ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के तहत ये गेम्स अब गैरकानूनी हैं, क्योंकि सरकार इन्हें जुआ और लत का कारण मानती है। यूजर्स का जमा पैसा सुरक्षित है और निकाला जा सकता है, लेकिन जल्दी करें! अब कंपनियां फ्री टू प्ले गेम्स और ई-स्पोर्ट्स पर फोकस करेंगी। इस बैन से 2.4 बिलियन डॉलर की इंडस्ट्री और लाखों नौकरियों पर संकट, लेकिन यूजर्स के लिए मुफ्त गेम्स का नया दौर शुरू!
नई दिल्ली, 22 अगस्त 2025: भारत की ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री में भूचाल आ गया है। संसद द्वारा हाल ही में पारित ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन एंड रेगुलेशन बिल 2025 ने रियल मनी गेमिंग (RMG) पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। इस कानून के तहत उन सभी गेम्स को बंद कर दिया गया है, जिनमें खिलाड़ी पैसे जमा करके जीतने की उम्मीद रखते हैं। इसका असर देश की प्रमुख गेमिंग कंपनियों जैसे Dream11, MPL, Gameskraft, Zupee, और Probo पर पड़ा है, जिन्होंने अपने रियल मनी गेम्स को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। लेकिन सवाल यह है कि जिन यूजर्स का पैसा इन प्लेटफॉर्म्स पर जमा है, उनका क्या होगा? आइए, विस्तार से जानते हैं।
क्या हुआ है नए कानून में?
लोकसभा और राज्यसभा से पारित ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के तहत रियल मनी गेम्स, जैसे फैंटेसी स्पोर्ट्स, रम्मी, पोकर, और ऑनलाइन लॉटरी, को गैरकानूनी घोषित कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि ये गेम्स जुआ और सट्टेबाजी को बढ़ावा देते हैं, जिससे लोगों में लत, आर्थिक नुकसान, मानसिक तनाव, और यहाँ तक कि आत्महत्या जैसे मामले बढ़ रहे हैं। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ये गेम्स ड्रग्स से भी ज्यादा खतरनाक हैं, क्योंकि इनके जरिए लोग अपनी जिंदगी भर की कमाई गंवा देते हैं। इसके अलावा, डिजिटल वॉलेट और क्रिप्टो के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग और गैरकानूनी फंडिंग का खतरा भी बढ़ रहा था।
नए कानून के प्रमुख प्रावधान:
रियल मनी गेम्स पर पूर्ण प्रतिबंध: कोई भी प्लेटफॉर्म अब पैसे जमा करके जीतने वाले गेम्स ऑफर नहीं कर सकता।
सजा का प्रावधान: नियम तोड़ने वाली कंपनियों पर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना और 3 साल की जेल हो सकती है। गेम्स को प्रमोट करने वालों पर 50 लाख रुपये तक का जुर्माना और 2 साल की जेल।
ई-स्पोर्ट्स और फ्री गेम्स को बढ़ावा: सरकार अब स्किल-बेस्ड गेम्स जैसे ई-स्पोर्ट्स (BGMI, Free Fire) और सोशल गेमिंग को प्रोत्साहित करेगी। इसके लिए एक National Gaming Commission भी बनाई जाएगी।
किन कंपनियों ने क्या बंद किया?
Dream11: भारत का सबसे बड़ा फैंटेसी स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म, जिसकी वैल्यूएशन 8 बिलियन डॉलर है, ने अपने सभी पे टू प्ले कॉन्टेस्ट बंद कर दिए हैं।
ड्रीम स्पोर्ट्स ने अपने नए ऐप्स Dream Picks और Dream Play पर भी रियल मनी गेम्स बंद कर दिए हैं।
कंपनी ने यूजर्स को भरोसा दिलाया है कि उनका पैसा पूरी तरह सुरक्षित है और Dream11 ऐप से कभी भी निकाला जा सकता है।
भविष्य में कंपनी अपने अन्य वेंचर्स जैसे FanCode, DreamSetGo, और Dream Game Studios पर फोकस करेगी।
MPL (मोबाइल प्रीमियर लीग):2.5 बिलियन डॉलर की यह कंपनी ने अपने सभी रियल मनी गेम्स बंद कर दिए हैं।
MPL ने लिंक्डइन पर घोषणा की कि वह अब केवल फ्री टू प्ले गेम्स पर ध्यान देगी, जैसे क्विज़, पज़ल, और बोर्ड गेम्स।
यूजर्स अपने खाते में जमा बैलेंस को आसानी से निकाल सकते हैं, लेकिन नए डिपॉजिट स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
Gameskraft:बेंगलुरु स्थित इस कंपनी ने अपने लोकप्रिय रम्मी ऐप्स, जैसे RummyCulture, पर Add Cash और Gameplay सर्विसेज बंद कर दी हैं।
कंपनी ने कहा कि यूजर्स का पैसा सुरक्षित है और निकासी की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
वित्त वर्ष 24 में कंपनी ने 947 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था।
Zupee:ज़ूपी ने अपने सभी पेड गेम्स, जैसे रियल मनी लूडो, 21 अगस्त से बंद कर दिए हैं।
इसके मुफ्त गेम्स जैसे Ludo Supreme, Ludo Turbo, Snakes & Ladders, और Trump Card Mania पहले की तरह उपलब्ध रहेंगे।
कंपनी के 15 करोड़ से ज्यादा यूजर्स अब केवल मुफ्त गेम्स खेल सकेंगे।
Probo:इस प्लेटफॉर्म ने भी अपने रियल मनी गेम्स तत्काल प्रभाव से बंद कर दिए हैं।
कंपनी ने कहा कि वह सरकार के फैसले का सम्मान करती है और भविष्य में नए इनोवेशन पर काम करेगी।
यूजर्स का पैसा सुरक्षित है या नहीं?
सभी प्रमुख कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि यूजर्स का जमा पैसा पूरी तरह सुरक्षित है और उसे निकाला जा सकता है। Dream11: ऐप पर नोटिस के अनुसार, यूजर्स अपने खाते से बैलेंस निकाल सकते हैं। GST को छोड़कर बाकी राशि वापस की जाएगी।
MPL: कंपनी ने कहा कि नई जमा राशि स्वीकार नहीं की जाएगी, लेकिन मौजूदा बैलेंस निकाला जा सकता है।
Gameskraft: निकासी की सुविधा चालू है, और यूजर्स का पैसा सुरक्षित है।
Zupee और Probo: दोनों ने यूजर्स को आश्वासन दिया है कि उनके फंड्स सुरक्षित हैं और निकाले जा सकते हैं।
हालांकि, कुछ विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर कोई कंपनी दिवालिया हो जाती है या विदेशी प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स का पैसा फंस जाता है, तो रिकवरी में मुश्किल हो सकती है। इसलिए यूजर्स को जल्द से जल्द अपने फंड्स निकाल लेने की सलाह दी जा रही है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार का कहना है कि यह कदम जनहित में लिया गया है। आर्थिक नुकसान: अनुमान है कि 45 करोड़ लोग हर साल रियल मनी गेमिंग में 20,000 करोड़ रुपये गंवा देते हैं।
मानसिक तनाव और लत: कई यूजर्स को गेमिंग की लत लग जाती है, जिससे वे कर्ज में डूब जाते हैं और कुछ मामलों में आत्महत्या जैसा कदम उठा लेते हैं। 31 महीनों में 32 आत्महत्याओं का जिक्र करते हुए सरकार ने इसे गंभीर समस्या बताया।
मनी लॉन्ड्रिंग: डिजिटल वॉलेट और क्रिप्टो के जरिए गैरकानूनी फंडिंग का खतरा बढ़ रहा था।
इंडस्ट्री और यूजर्स पर असरइंडस्ट्री को झटका: भारत का ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर 3.8 बिलियन डॉलर का है, जिसमें रियल मनी गेम्स की हिस्सेदारी 2.4 बिलियन डॉलर थी। इस बैन से करीब 2 लाख नौकरियों और 400 से ज्यादा कंपनियों पर संकट मंडरा रहा है।
BCCI और IPL पर प्रभाव: Dream11 और My11Circle जैसे प्लेटफॉर्म्स BCCI और IPL के बड़े स्पॉन्सर्स हैं। इनके बंद होने से नए स्पॉन्सर्स की तलाश करनी पड़ सकती है।
यूजर्स की चिंता: लाखों यूजर्स, जिन्होंने इन प्लेटफॉर्म्स पर पैसे लगाए थे, अब अपने फंड्स को लेकर चिंतित हैं। हालांकि, कंपनियों ने निकासी की गारंटी दी है।
यूजर्स के लिए सलाह
जल्द से जल्द पैसे निकालें: सभी कंपनियों ने निकासी की सुविधा उपलब्ध कराई है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि देरी करने से फंड्स फंसने का जोखिम हो सकता है। अपने Dream11, MPL, Zupee, या अन्य ऐप्स से बैलेंस तुरंत निकाल लें।
फ्री गेम्स का विकल्प चुनें: अगर आप गेमिंग का शौक रखते हैं, तो अब मुफ्त गेम्स जैसे Ludo Supreme, BGMI, या ई-स्पोर्ट्स टूर्नामेंट्स में हिस्सा ले सकते हैं।
सावधानी बरतें: अवैध विदेशी प्लेटफॉर्म्स या मटका साइट्स की ओर रुख करने से बचें, क्योंकि इनसे धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का खतरा है।
रियल मनी गेमिंग ने भारत में एक विशाल यूजर बेस बनाया था, जिसमें 45 करोड़ लोग शामिल थे। Dream11 जैसे प्लेटफॉर्म्स ने IPL और टीम इंडिया की स्पॉन्सरशिप के जरिए अपनी मजबूत पहचान बनाई थी। लेकिन नए कानून ने इस इंडस्ट्री को पूरी तरह बदल दिया है। यह कदम जहाँ एक ओर यूजर्स को लत से बचाने का प्रयास है, वहीं दूसरी ओर यह गेमिंग कंपनियों और उनके कर्मचारियों के लिए एक बड़ा झटका है।