उदयपुर के बाहुबली हिल पर भीषण जंगल की आग: अकेले घूमने गए पर्यटक की दम घुटने से मौत, 3 हेक्टेयर क्षेत्र जलकर राख
उदयपुर के बाहुबली हिल पर लगी भीषण जंगल की आग में मध्य प्रदेश के रतलाम निवासी 33 वर्षीय पर्यटक माखन सिंह फंस गए। अकेले पहाड़ी पर घूमते समय धुएं में फंसकर उनका दम घुट गया। इमरजेंसी कॉल के बाद रेस्क्यू टीम ने उन्हें बचाया, लेकिन अस्पताल में मंगलवार सुबह उनकी मौत हो गई। आग से करीब 3 हेक्टेयर जंगल क्षेत्र जलकर राख हो गया, जिसमें दुर्लभ वनस्पतियां भी प्रभावित हुईं। यह इस सीजन की पांचवीं ऐसी घटना है।
उदयपुर, राजस्थान: प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बाहुबली हिल्स पर सोमवार शाम अचानक लगी भीषण जंगल की आग ने एक पर्यटक की जान ले ली। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से आए 33 वर्षीय माखन सिंह धुएं और आग के बीच फंस गए, जिससे उनका दम घुट गया। अस्पताल में इलाज के दौरान मंगलवार सुबह उनकी मौत हो गई। इस आग ने क्षेत्र के करीब 3 हेक्टेयर घने जंगल को पूरी तरह तबाह कर दिया, जिसमें दुर्लभ वनस्पतियां भी शामिल हैं।
घटना का विवरण
बाहुबली हिल्स उदयपुर शहर से लगभग 15 किलोमीटर दूर बड़ी लेक के पास स्थित एक लोकप्रिय जंगल क्षेत्र है। यहां पर्यटक ट्रैकिंग के लिए आते हैं और हाल के वर्षों में प्री-वेडिंग फोटो शूट के लिए भी यह जगह काफी पॉपुलर हो गई है। सोमवार रात आग लगने की सूचना मिलते ही पूरा इलाका घने काले धुएं से ढक गया। आग इतनी तेज थी कि पहाड़ी का लगभग आधा किलोमीटर हिस्सा जलकर खाक हो गया। फायर ब्रिगेड की टीमों ने डेढ़ घंटे से अधिक की मशक्कत के बाद देर रात आग पर काबू पाया, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर रातभर टीमें मौके पर तैनात रहीं।फायर ब्रिगेड अधिकारी बीएल चौधरी ने बताया कि आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पूरी पहाड़ी काले धुएं से घिर गई थी, जिससे दृश्यता लगभग शून्य हो गई थी। गर्मी के मौसम में सूखी घास और पत्तियों के कारण आग तेजी से फैली।
पर्यटक कैसे फंसे और मौत का कारण
माखन सिंह (33), रतलाम जिले की जावरा तहसील के ऊपरवाड़ा गांव के निवासी थे। वे प्राइवेट जॉब करते थे और हार्वेस्टर शोरूम में मैनेजर थे। उनके तीन छोटे बच्चे हैं। गांव के सरपंच कमलेश पाटीदार के अनुसार, माखन सिंह घर से घूमने के लिए निकले थे और अकेले ही पहाड़ी पर चढ़ गए।रात को जब आग लगी, तो माखन सिंह धुएं के गुबार में फंस गए। उन्होंने तुरंत इमरजेंसी नंबर (100 या 112) पर कॉल कर आग की सूचना दी और मदद मांगी। लेकिन जब तक रेस्क्यू टीमें पहुंचीं, तब तक धुएं और जहरीली गैसों के कारण उनका दम घुट गया और वे बेहोश होकर गिर पड़े। फायर ब्रिगेड की टीम ने झाड़ियों के बीच उन्हें बेहोशी की हालत में पाया और उन्हें तुरंत महाराणा भूपाल (एमबी) अस्पताल पहुंचाया।
एमबी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आर एल सुमन ने बताया कि मौत का मुख्य कारण आग से दम घुटना (स्मोक इनहेलेशन) था। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अन्य कारणों की भी पुष्टि हो सकती है।
इस सीजन में बढ़ती आग की घटनाएं
यह घटना इस सीजन की पांचवीं प्रमुख जंगल आग है। इससे पहले:15 दिन पहले नीमचमाता पहाड़ी पर आग लगी।सप्ताह भर पहले ऋषभदेव की पहाड़ी प्रभावित हुई।3 दिन पहले चित्रकूट नगर में आग लगी।2 दिन पहले बड़ी गांव की पांडवा पहाड़ी पर भी आग फैली।फॉरेस्ट अधिकारियों के अनुसार, बाहुबली हिल्स में कई दुर्लभ वनस्पतियां पाई जाती हैं, जिन्हें इस आग से भारी नुकसान पहुंचा है। गर्मी और सूखे के कारण ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।