ट्रेन में छूटा लाखों के गहनों से भरा बैग, जीआरपी की तत्परता से यात्री को सुरक्षित मिला सामान.

जोधपुर में ट्रेन यात्रा के दौरान एक यात्री का लाखों रुपये के गहनों से भरा बैग छूट गया। सूचना मिलने पर जीआरपी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बैग को सुरक्षित बरामद कर उसके असली मालिक को सौंप दिया। जीआरपी की तत्परता और ईमानदारी से यात्री को बड़ी राहत मिली।

Jan 27, 2026 - 14:13
ट्रेन में छूटा लाखों के गहनों से भरा बैग, जीआरपी की तत्परता से यात्री को सुरक्षित मिला सामान.

जोधपुर 27 जनवरी 2026 (राजस्थान):- जोधपुर से जुड़ी एक राहत भरी खबर सामने आई है, जहां ट्रेन यात्रा के दौरान एक यात्री का कीमती गहनों से भरा बैग छूट गया। सूचना मिलते ही जीआरपी की टीम तुरंत हरकत में आई और कुछ ही समय में बैग को खोजकर उसके असली मालिक तक सुरक्षित पहुंचा दिया।

यात्रा के दौरान हुआ हादसा

जोधपुर की जनता कॉलोनी निवासी विक्की तेजी अपनी पत्नी प्रियंका के साथ गाड़ी संख्या 14707 से मूंडवा से जोधपुर की यात्रा कर रहे थे। जब ट्रेन जोधपुर स्टेशन पहुंची तो दोनों यात्री उतर गए, लेकिन जल्दबाजी में उनका एक काला रंग का बैग सीट पर ही रह गया।

इस बैग में कीमती जेवरात और जरूरी कपड़े रखे हुए थे।

 हेल्पलाइन पर दी सूचना

बैग छूटने का पता चलते ही यात्री ने तुरंत रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने जीआरपी को बैग के रंग, स्थान और ट्रेन नंबर की पूरी जानकारी उपलब्ध करवाई।

जीआरपी की सक्रियता लाई रंग

सूचना मिलते ही लूणी जीआरपी चौकी की एएसआई कंचन राठौड़ और हेड कॉन्स्टेबल कविता बिश्नोई ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।

जब ट्रेन लूणी स्टेशन पहुंची, तो जीआरपी टीम ने संबंधित कोच और सीट पर जाकर जांच की। वहां एक काले रंग का बैग मिला। सहयात्रियों से पूछताछ करने पर किसी ने भी बैग पर अपना दावा नहीं किया।

बैग में मिले लाखों के जेवरात

मौके पर मौजूद यात्रियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में बैग को खोला गया। जांच के दौरान उसमें कीमती सोने-चांदी के गहने और कपड़े पाए गए।

सामान की कीमत अधिक होने के कारण जीआरपी टीम बैग को सुरक्षित रूप से लूणी जीआरपी चौकी ले आई।

पहचान के बाद सौंपा गया सामान

इसके बाद जीआरपी द्वारा यात्री को सूचना दी गई कि उनका सामान मिल गया है। विक्की तेजी अपनी पत्नी प्रियंका के साथ लूणी स्टेशन पहुंचे।

आवश्यक दस्तावेज, पहचान पत्र और पूछताछ के बाद जब यह पुष्टि हो गई कि बैग उन्हीं का है, तब पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत बैग उन्हें सौंप दिया गया।

 8 से 9 लाख रुपए की बताई गई कीमत

बताया जा रहा है कि बैग में रखे जेवरातों की अनुमानित कीमत करीब 8 से 9 लाख रुपए थी। इतने महंगे सामान का सुरक्षित मिलना यात्री के लिए बड़ी राहत साबित हुआ।

यात्रियों ने की जीआरपी की सराहना

सामान मिलने के बाद विक्की तेजी और उनकी पत्नी ने जीआरपी टीम का आभार जताया। उन्होंने कहा कि समय पर कार्रवाई और ईमानदारी के कारण उन्हें उनका कीमती सामान वापस मिला।

स्थानीय लोगों और यात्रियों ने भी जीआरपी की तत्परता और ईमानदारी की सराहना की।