श्रीगंगानगर में स्कूल की जिद ने छीन ली 12वीं की छात्रा की जान: ऊंचाई से डरती बेटी को जबरन दूसरी मंजिल पर ले गए, गिरकर हुई मौत; पिता का दर्द - "साथ रहने देते तो बच जाती"
श्रीगंगानगर के एसडी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 12वीं की छात्रा रमनदीप कौर (18) की दूसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। वह ऊंचाई से डरती थी और बीमार थी, लेकिन स्कूल ने परिवार के साथ रहने की अनुमति नहीं दी और जबरन प्रैक्टिकल के लिए ऊपर ले जाया। परिजनों का आरोप है कि स्कूल की जिद और लापरवाही से बेटी की जान गई; पुलिस जांच जारी, प्रिंसिपल-स्टाफ पर मुकदमा दर्ज करने की शिकायत।
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। एसडी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा रमनदीप कौर (18 वर्ष) की दूसरी मंजिल से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि छात्रा ऊंचाई से बेहद डरती थी, उसकी तबीयत कई दिनों से खराब चल रही थी, लेकिन स्कूल प्रशासन ने उसकी स्थिति की अनदेखी की और प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए जबरन ऊपरी मंजिल पर ले जाया। अगर परिवार के सदस्य को उसके साथ रहने की अनुमति दे दी जाती, तो शायद यह हादसा टल जाता।
घटना का पूरा विवरण
घटना 16 जनवरी 2026 (शुक्रवार शाम) की है। रमनदीप कौर 12वीं मेडिकल साइंस की छात्रा थी और बायोलॉजी प्रैक्टिकल के लिए स्कूल आई थी। उसके पिता विजय कुमार ने बताया कि रमनदीप को ऊंचाई से गहरा डर लगता था। वह छत पर भी नहीं जाती थी। कई दिनों से उसकी तबीयत खराब चल रही थी।
परिवार ने 8 जनवरी को ही स्कूल स्टाफ से अनुरोध किया था कि प्रैक्टिकल के दौरान परिवार का कोई सदस्य उसके साथ रहे, क्योंकि उसकी हालत ठीक नहीं थी। लेकिन स्कूल ने साफ मना कर दिया। स्टाफ ने कहा, "हमारा सिस्टम आपके हिसाब से नहीं चलेगा। प्रैक्टिकल नहीं दिया तो भविष्य खराब हो जाएगा।" यहां तक कि जबरन 11,960 रुपये फीस जमा करवाई गई, जिसमें से 4 हजार रुपये की रसीद भी नहीं दी गई।
14 जनवरी को फिजिक्स पेपर के दौरान भी यही हुआ। मां देवकी उसके साथ गईं, लेकिन छात्रा को जबरदस्ती दूसरी मंजिल पर ले जाया गया। वहां बेहोश हो गई। मुश्किल से नीचे लाई गई, दवाई दी गई, लेकिन फिर प्रैक्टिकल के लिए ऊपर ले जाने की कोशिश की गई। विरोध करने पर प्रिंसिपल कमलेश कटारिया ने कहा, "प्रैक्टिकल नहीं दिया तो रिजल्ट खराब होगा, स्कूल की बदनामी होगी। टीसी कटवाकर घर ले जाओ।"
16 जनवरी को फिर बायोलॉजी प्रैक्टिकल के लिए दबाव डाला गया। तबीयत खराब होने के बावजूद उसे दूसरी मंजिल की लैब में ले जाया गया। प्रैक्टिकल पूरा करके लैब से निकलते ही रमनदीप को चक्कर आया और वह सीढ़ियों/बालकनी से नीचे ग्राउंड फ्लोर पर गिर गई। उसकी मां और भांजे ने यह देखा और शोर मचाया। उसे तुरंत अर्पण हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां से सरकारी अस्पताल रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का गुस्सा और आरोप
पिता विजय कुमार ने कहा, "स्कूल की जिद और लापरवाही के कारण मेरी बेटी की मौत हुई। हमने बार-बार तबीयत खराब होने की जानकारी दी, लेकिन उन्होंने नहीं सुना। अगर साथ रहने देते तो शायद बेटी बच जाती।" परिजनों ने स्कूल प्रिंसिपल कमलेश कटारिया, स्टाफ कृष्ण वर्मा और टीचर किरण के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज करने की शिकायत दी है।
पुलिस और स्कूल प्रशासन की प्रतिक्रिया
कोतवाली थाना SHO ने बताया कि जांच जारी है। CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। सभी एंगल से जांच की जा रही है।प्रिंसिपल कमलेश कटारिया ने कहा, "अभी जांच चल रही है। हम भी छात्रा के परिजनों से बात कर रहे हैं।"शव अभी सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में है और पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।