सिरोही जिले में बीमारी से त्रस्त दो व्यक्तियों ने अलग-अलग स्थानों पर फंदा लगाकर की आत्महत्या, पुलिस जांच जारी
सिरोही जिले में बीमारी से त्रस्त दो अलग-अलग व्यक्तियों ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। शिवगंज में तीन महीने पहले रिटायर हुए शिक्षक गणेश मल पुत्र दुदाराम और स्वरूपगंज के केरवा अरठ में युवक महेंद्र पुत्र शंकर लाल चौधरी ने ऐसा किया। दोनों मामलों में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, पुलिस जांच कर रही है और बीमारी को मुख्य कारण मान रही है। शवों का पोस्टमॉर्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया।
सिरोही, राजस्थान – सिरोही जिले में बीमारी से परेशान दो अलग-अलग व्यक्तियों ने फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। ये दोनों घटनाएं अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुईं, जिससे इलाके में शोक और चिंता का माहौल है। पुलिस ने दोनों मामलों में अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं और जांच शुरू कर दी है। दोनों घटनाओं में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, और प्रारंभिक जांच में बीमारी को मुख्य कारण माना जा रहा है।
पहली घटना – रिटायर्ड शिक्षक गणेश मल की दुखद मौत
शिवगंज थाना क्षेत्र की शिव कॉलोनी, गली नंबर 2 में तीन महीने पहले सेवानिवृत्त हुए शिक्षक गणेश मल पुत्र दुदाराम ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। गणेश मल लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे, जिसके कारण वे काफी परेशान थे।
सूचना मिलते ही शिवगंज थाने के ड्यूटी अधिकारी भीम सिंह अपने दल के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान उनके पलंग के पास कई दवाइयां बरामद हुईं, जो उनकी लंबी बीमारी की ओर इशारा करती हैं। पुलिस ने प्रथम दृष्टया इसे बीमारी से उपजी निराशा और परेशानी का मामला माना है। हालांकि, घटना की असली वजह परिजनों की विस्तृत रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। गणेश मल के कमरे से कोई सुसाइड नोट या लिखित संदेश नहीं मिला है।
दूसरी घटना – युवक महेंद्र चौधरी ने लगाया फंदा
दूसरी घटना स्वरूपगंज थाना क्षेत्र के बावरी उप तहसील के पास केरवा अरठ इलाके में हुई। यहां रविवार की सुबह बीमारी से परेशान युवक महेंद्र पुत्र शंकर लाल चौधरी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
स्वरूपगंज थाने के सहायक उप निरीक्षक रामनाथ अपने दल के साथ मौके पर पहुंचे और मौका मुआयना किया। शव को फंदे से उतारकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया गया। इस मामले में भी पुलिस को कोई सुसाइड नोट या कोई लिखित सामग्री नहीं मिली है। प्रारंभिक जांच में बीमारी को ही मुख्य वजह बताया जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
पुलिस ने दोनों घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं। दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम करवाया गया और परिजनों को सौंप दिया गया है। जांच अधिकारी दोनों मामलों की अलग-अलग जांच कर रहे हैं, जिसमें परिजनों से पूछताछ, आसपास के लोगों के बयान और अन्य संभावित कारणों की पड़ताल शामिल है।