सीकर में किडनैपिंग और हत्या की कोशिश: फरार आरोपी गिरफ्तार, CCTV फुटेज से खुलासा

सीकर में 12 सितंबर की रात किडनैप कर सुखाराम जाट के पैर तोड़ने वाले पांचवें फरार आरोपी को पुलिस ने CCTV की मदद से शुक्रवार को गिरफ्तार किया; चार आरोपी पहले से हिरासत में।

Nov 8, 2025 - 10:49
सीकर में किडनैपिंग और हत्या की कोशिश: फरार आरोपी गिरफ्तार, CCTV फुटेज से खुलासा

सीकर, 8 नवंबर 2025:

राजस्थान के सीकर जिले में एक सनसनीखेज किडनैपिंग और हत्या की कोशिश के मामले में पुलिस ने लंबे समय से फरार एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की गई, जिसमें आरोपियों द्वारा पीड़ित को गाड़ी में जबरन घसीटकर ले जाते हुए साफ नजर आ रहा था। घटना के कुल पांच आरोपी थे, जिनमें से चार पहले ही हिरासत में थे, जबकि पांचवें आरोपी को शुक्रवार को पकड़ा गया। पीड़ित सुखाराम जाट को बदमाशों ने न केवल किडनैप किया, बल्कि क्रूरता से उसके दोनों पैर तोड़ दिए थे। पुलिस के अनुसार, यह घटना पुरानी रंजिश से प्रेरित हो सकती है, हालांकि विस्तृत पूछताछ अभी जारी है।

घटना का पूरा विवरण: रात के अंधेरे में अपहरण का खौफनाक मंजर घटना 12 सितंबर 2024 की रात की है, जब सीकर जिले के खुड गामनव गांव के निवासी सुखाराम जाट अपने दैनिक कामकाज से लौट रहे थे। सुखाराम, जो एक साधारण किसान और मजदूर हैं, उस दिन रोडवेज बस से काम पर गए थे। शाम को बस से उतरने के बाद वे पैदल ही राजपुरा गांव की ओर जा रहे थे। अंधेरी सड़क पर अकेले चलते हुए उन्हें शायद इस बात का अंदाजा भी न रहा हो कि मौत उनके करीब आ रही है।रात के करीब 9 बजे, अचानक एक सफेद रंग की बोलेरो जीप और एक बाइक पर सवार चार-पांच संदिग्ध युवक सुखाराम के पास पहुंचे। बाइक सवारों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जबकि जीप वाले युवकों ने झपटकर सुखाराम को जबरन गाड़ी में धकेल दिया। चीखने-चिल्लाने की कोशिश में सुखाराम को लातें और घूंसे बरसाए गए। पूरा अपहरण एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जो बाद में पुलिस जांच का आधार बना। फुटेज में साफ दिख रहा है कि कैसे आरोपी सुखाराम को घसीटते हुए जीप में डालते हैं और गाड़ी तेजी से मौके से भाग जाती है।आरोपियों ने सुखाराम को जीप में बिठाकर सीकर से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित अर्जुनपुर गांव के एक सुनसान इलाके में ले जाया। वहां जंगल के किनारे पर उन्हें उतारकर क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। पहले तो लाठियों और डंडों से जमकर पिटाई की गई, फिर हत्या की नीयत से उनके दोनों पैरों पर वार किए गए। सुखाराम के पैरों की हड्डियां चटक गईं, और वे जमीन पर तड़पने लगे। आरोपियों को शायद यकीन था कि पीड़ित अब बच नहीं पाएगा, इसलिए वे मौके से फरार हो गए। सुखाराम ने किसी तरह अपनी जान बचाई और रेंगते हुए नजदीकी सड़क पर पहुंचे, जहां से राहगीरों ने उन्हें निजी वाहन में सीकर के एक अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि उनके पैरों में कई फ्रैक्चर हैं, और इलाज के बावजूद वे अभी भी लंगड़ाते हैं।

पीड़ित की शिकायत और पुलिस जांच की शुरुआत;  अगले दिन, 13 सितंबर 2024 को, सुखाराम ने सीकर के खुड थाने में किडनैपिंग (IPC धारा 363), मारपीट (धारा 323), गंभीर चोट पहुंचाने (धारा 325) और हत्या का प्रयास (धारा 307) समेत कई धाराओं में FIR दर्ज कराई। अपनी शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला पुरानी जमीन विवाद या व्यक्तिगत रंजिश से जुड़ा हो सकता है। सुखाराम ने बताया कि आरोपी उन्हें पहले से जानते थे, और अपहरण के दौरान वे गालियां देकर धमकी भी देते रहे।पुलिस ने FIR दर्ज करने के तुरंत बाद जांच शुरू कर दी। सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल से जीप का नंबर ट्रेस हो गया, जो एक आरोपी के नाम पर रजिस्टर्ड था। इसके अलावा, घटनास्थल पर मिले खून के धब्बे और सुखाराम के बयानों से सुराग मिले।4 आरोपियों को 15 सितंबर 2024 को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उन्होंने अपराध कबूल किया और बताया कि वे सुखाराम को सबक सिखाने के इरादे से आए थे। उनके कब्जे से लाठियां, डंडे और एक चाकू भी बरामद हुआ।हालांकि, पांचवां आरोपी, जो अपहरण के दौरान जीप चला रहा था, फरार हो गया था। पुलिस ने उसके खिलाफ NBW (नॉन-बेलेबल वारंट) जारी किया और कई टीमों को तलाशी अभियान सौंपा।

फरार आरोपी की गिरफ्तारी: CCTV ने फिर खेला जादू लगभग दो माह बाद, 7 नवंबर 2025 को (शुक्रवार),सीकर शहर के एक बाजार में दबोच लिया गया। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि वह छिपकर रह रहा था और कभी-कभी बाजार में सामान खरीदने आता है। एक दांव लगाकर पुलिस ने सीसीटीवी नेटवर्क का सहारा लिया, जिसमें आरोपी की तस्वीर कैद हो गई। जैसे ही वह एक दुकान पर रुका, सादे लिबास में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे घेर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने विरोध किया, लेकिन उसे आसानी से हिरासत में ले लिया गया।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.