सीकर में जेठानी-देवरानी का अटूट प्रेम: एक की मौत के सदमे में दूसरी ने भी तोड़ा दम, एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार

सीकर जिले के घसीपुरा गांव में मकर संक्रांति के दिन 83 वर्षीय देवरानी बिदामी देवी की मौत हो गई। सदमे में उनकी जेठानी नारायणी देवी ने भी महज 4 घंटे बाद दम तोड़ दिया। दोनों के गहरे प्रेम को देखते हुए परिवार ने एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया। इससे पहले नीमकाथाना के भूदोली गांव में भी ऐसी ही घटना हुई थी, जहां जेठानी-देवरानी का एक साथ अंतिम संस्कार हुआ। यह रिश्तों की अनोखी मिसाल बन गई है।

Jan 17, 2026 - 13:07
सीकर में जेठानी-देवरानी का अटूट प्रेम: एक की मौत के सदमे में दूसरी ने भी तोड़ा दम, एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार

राजस्थान के सीकर जिले में एक ऐसी मार्मिक और भावुक घटना घटी है, जिसने रिश्तों की गहराई और प्रेम की मिसाल को एक बार फिर साबित कर दिया। यहां जेठानी और देवरानी का बंधन इतना मजबूत था कि एक की मौत का सदमा दूसरी नहीं झेल पाई और महज कुछ घंटों में ही उसने भी दुनिया छोड़ दी। दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया, जिससे पूरा क्षेत्र भावुक हो उठा।

यह घटना सीकर जिले के कांवट क्षेत्र के घसीपुरा गांव में हुई। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर बुजुर्ग देवरानी बिदामी देवी (उम्र 83 वर्ष) का दोपहर करीब 3 बजे निधन हो गया। जब इस दुखद खबर की जानकारी उनकी जेठानी नारायणी देवी को हुई, तो वे गहरे सदमे में चली गईं। सदमे और वियोग की पीड़ा इतनी गहन थी कि देर शाम लगभग 7:30 बजे नारायणी देवी ने भी अंतिम सांस ली। इस तरह दोनों का निधन एक ही दिन में हो गया।

परिवार और गांव वालों ने दोनों के बीच के गहरे प्रेम और आपसी लगाव को देखते हुए फैसला किया कि जिन्होंने जीवनभर साथ निभाया, उनकी अंतिम यात्रा भी साथ होनी चाहिए। इसलिए दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। श्मशान घाट पर यह दृश्य देखने वाले हर किसी की आंखें नम हो गईं। दोनों के बीच का यह प्रेम जिलेभर में चर्चा का विषय बन गया है। लोग इसे रिश्तों की अनोखी मिसाल बताते हुए भावुक हो रहे हैं।

बता दें कि इससे पहले भी सीकर जिले के नीमकाथाना क्षेत्र के भूदोली गांव में ऐसी ही एक घटना सामने आई थी। वहां 85 वर्षीय देवरानी पतासी देवी का निधन हुआ था, जिसके सदमे में उनकी 88 वर्षीय जेठानी माली देवी ने भी कुछ घंटों बाद दम तोड़ दिया। उस समय भी दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया था। यह घटनाएं बताती हैं कि राजस्थानी संस्कृति में परिवारिक रिश्ते कितने गहरे और भावनात्मक होते हैं, जहां जेठानी-देवरानी का बंधन कभी-कभी बहनों से भी अधिक मजबूत साबित होता

है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.