नागौर के मेड़ता में किसान सम्मेलन: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और सीएम भजनलाल शर्मा ने दी 3200 करोड़ की सौगात, खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा नहीं दिखे
नागौर के मेड़ता में राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और सीएम भजनलाल शर्मा ने किसानों को 3200 करोड़ रुपये से अधिक की सौगातें दीं। किरोड़ी लाल मीणा ने शिवराज को 'मामा' कहकर क्षेत्रीय कार्य करवाने की जिम्मेदारी ली। हालांकि, दैनिक भास्कर के स्टिंग में कमीशन मांगने के आरोपों के चलते खींवसर भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा कार्यक्रम में नजर नहीं आए और उनके पोस्टरों से भी गायब रहे।
राजस्थान के नागौर जिले की मेड़ता सिटी के डांगावास में 23 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय किसान दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय "उन्नत खेती–समृद्ध किसान" सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे, जबकि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अध्यक्षता की। सम्मेलन राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था, जिसमें प्रदेश भर से 25 हजार से अधिक किसान शामिल हुए।
किसानों को मिली बड़ी सौगात कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण किसानों के लिए घोषित सौगातें रही। किसानों को 3200 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं और अनुदान का लाभ दिया गया। इसमें कृषि अनुदान, पशुपालक सहायता, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को सहायता और नई कृषि नीतियों का विमोचन शामिल था। नागौर जिले के लिए विशेष रूप से 351 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया गया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और सीएम भजनलाल शर्मा ने किसानों को संबोधित करते हुए केंद्र और राज्य सरकार की किसान कल्याण योजनाओं पर जोर दिया। कृषि, ग्रामीण विकास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
किरोड़ी लाल मीणा का बयान: "मामा से काम कराकर देना मेरी जिम्मेदारी" सम्मेलन में डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने शिवराज सिंह चौहान (जिन्हें मध्य प्रदेश में प्यार से 'मामा' कहा जाता है) का विशेष जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किसानों और क्षेत्र की समस्याओं को 'मामा' से करवाना उनकी जिम्मेदारी है। यह बयान कार्यक्रम की मित्रता और सहयोग की भावना को दर्शाता है, जहां राज्य मंत्री ने केंद्रीय मंत्री से क्षेत्रीय विकास कार्यों और किसान हितों के लिए समर्थन की अपील की।
खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा की अनुपस्थिति सुर्खियां बटोरी कार्यक्रम में एक बड़ा राजनीतिक संकेत खींवसर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा की अनुपस्थिति रही। डांगा सम्मेलन में नजर नहीं आए, जो कि उनके क्षेत्र के निकट होने के बावजूद चर्चा का विषय बना। कार्यक्रम से जुड़े होर्डिंग और बैनरों में जिला अध्यक्ष रामधन पोटलिया, राजसमंद सांसद महिमा कुमारी और नागौर सांसद ज्योति मिर्धा की तस्वीरें प्रमुखता से लगी थीं, लेकिन विधायक डांगा की फोटो कहीं नहीं दिखी। इस अनुपस्थिति की वजह हालिया विवाद माना जा रहा है। दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में रेवंतराम डांगा विधायक निधि (MLA लैड फंड) से विकास कार्यों की अनुशंसा के बदले कमीशन मांगते हुए कैमरे में कैद हुए थे। इस स्टिंग के बाद सरकार ने उनके MLA फंड खाते को फ्रीज कर दिया था। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया और पार्टी की अनुशासन समिति को जांच सौंपी गई। पार्टी उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुई, जिसके चलते डांगा को कार्यक्रम से दूर रखा गया लगता है। यह घटना भाजपा की आंतरिक सफाई और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है।
कार्यक्रम का राजनीतिक महत्व यह सम्मेलन न केवल किसान कल्याण पर केंद्रित था, बल्कि भाजपा सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का मंच भी बना। केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी से केंद्र-राज्य सहयोग को बल मिला, जबकि डांगा की गैरमौजूदगी पार्टी के अंदर अनुशासन और विवादों की झलक दिखाती है। सम्मेलन में किसानों ने विभिन्न योजनाओं का लाभ लिया और नेताओं से अपनी समस्याएं साझा कीं।