डोटासरा बोले- बीजेपी राजस्थान में वोट पर डाका डाल रही है: शाह की बैठक के बाद SIR में फर्जीवाड़े का एजेंडा बना; कांग्रेस मुकदमे दर्ज करा रही

राजस्थान में SIR प्रक्रिया के तहत बीजेपी पर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि पार्टी ने अमित शाह और बीएल संतोष की बैठकों के बाद फर्जी कंप्यूटराइज्ड फॉर्म भरवाकर कांग्रेस समर्थक मतदाताओं (खासकर अल्पसंख्यक वर्ग) के नाम बड़े पैमाने पर कटवाने की साजिश रची। डोटासरा ने दावा किया कि पेन ड्राइव से डेटा बांटकर विधानसभा-वार हजारों फॉर्म जमा करवाए गए, जिनमें फर्जी हस्ताक्षर थे। 15 जनवरी तक 1.4 लाख दावे-आपत्तियां रजिस्टर्ड हुईं, मुख्य रूप से कांग्रेस जीते क्षेत्रों में। कांग्रेस इसे वोट पर डाका और लोकतंत्र पर हमला बता रही है, जबकि बीजेपी इसे फर्जी/डुप्लिकेट वोटर हटाने की सफाई बता रही है। मामला चुनाव आयोग तक पहुंचा और मुकदमे दर्ज कराने की तैयारी है।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
January 19, 2026 • 11:53 AM  225
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डोटासरा बोले- बीजेपी राजस्थान में वोट पर डाका डाल रही है: शाह की बैठक के बाद SIR में फर्जीवाड़े का एजेंडा बना; कांग्रेस मुकदमे दर्ज करा रही
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19 Jan 2026
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डोटासरा बोले- बीजेपी राजस्थान में वोट पर डाका डाल रही है: शाह की बैठक के बाद SIR में फर्जीवाड़े का एजेंडा बना; कांग्रेस मुकदमे दर्ज करा रही

राजस्थान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद गरमाया हुआ है। कांग्रेस ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे "वोट चोरी" और "लोकतंत्र से खिलवाड़" करार दिया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने दिल्ली में AICC मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर फर्जी फॉर्म भरवाकर कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम कटवाने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया है और कहा कि कांग्रेस इस मामले में मुकदमे दर्ज करा रही है।

डोटासरा ने विस्तार से आरोप लगाते हुए एक टाइमलाइन पेश की:

3 जनवरी तक SIR प्रक्रिया सामान्य रूप से चल रही थी, कोई बड़ी समस्या नहीं थी।3 जनवरी को बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने जयपुर में एक बैठक बुलाई। डोटासरा के अनुसार, इस बैठक में फर्जी वोट जोड़ने-घटाने का एजेंडा तय किया गया।3 से 13 जनवरी के बीच बीजेपी ने गुप्त रूप से तैयारी की। फर्जी कंप्यूटराइज्ड फॉर्म प्रिंट किए गए और हर विधानसभा क्षेत्र के अनुसार तैयार किए गए।13 जनवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जयपुर में CMR (संभवतः किसी कैंप या बैठक स्थल) में रुके। डोटासरा का दावा है कि शाह के दौरे के बाद यह खेल तेज हो गया।विधायकों और उम्मीदवारों को बुलाकर पेन ड्राइव दी गईं, जिनमें विधानसभा-वार डेटा था। इनके आधार पर फर्जी फॉर्म भरवाए गए।13 जनवरी की शाम से 15 जनवरी तक बड़े पैमाने पर षड्यंत्र चला। कुछ क्षेत्रों में 10 हजार से 20 हजार फॉर्म एक साथ जमा करवाए गए। मुख्य रूप से उन विधानसभा क्षेत्रों को टारगेट किया गया जहां कांग्रेस ने चुनाव जीते थे। वहां विशेष वर्ग (वर्ग विशेष) के मतदाताओं के नाम कटवाने के फॉर्म दिए गए।

डोटासरा ने अपने विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण दिया: वहां 2 हजार से ज्यादा फर्जी फॉर्म लेकर गए थे, लेकिन SDM ने इन्हें स्वीकार करने से मना कर दिया।बीएलए (Booth Level Agent) के फर्जी हस्ताक्षर किए गए। कई बीएलए ने खुद स्वीकार किया कि उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं।15 जनवरी तक बीजेपी ने लगभग 1 लाख 40 हजार दावे-आपत्तियां रजिस्टर्ड करवा ली थीं।कांग्रेस ने 14 जनवरी को ही आशंका जताई थी कि फर्जीवाड़ा करने के लिए दावे-आपत्तियों की तारीख बढ़ाई जाएगी। कांग्रेस नेताओं ने SDM और कलेक्टर कार्यालयों में जाकर धरना दिया और निगरानी की।

15 जनवरी को निर्वाचन आयोग में शिकायत की गई कि मंत्री स्तर तक SDM को फोन कर फर्जी फॉर्म स्वीकार करने का दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन आयोग ने आश्वासन दिया कि ऐसा नहीं होगा।डोटासरा ने इसे "वोट पर डाका" बताया और कहा कि बीजेपी SIR की आड़ में कांग्रेस के मतदाताओं को हटाकर चुनावी फायदे की कोशिश कर रही है। उन्होंने अफसरों पर भी सवाल उठाए और कहा कि गड़बड़ी करने वालों को नहीं छोड़ा जाएगा।

यह विवाद अब दिल्ली तक पहुंच गया है और कांग्रेस इसे राष्ट्रीय स्तर पर उठा रही है। दूसरी ओर, बीजेपी के नेताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि SIR प्रक्रिया फर्जी और बोगस मतदाताओं को हटाने के लिए है, जैसे कि एक ही घर में 200 वोटर होने जैसे मामले। बीजेपी का कहना है कि पारदर्शिता से सफाई हो रही है, जबकि कांग्रेस पुराने फर्जी वोटरों को बचाने की कोशिश कर रही है।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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