राजस्थान में RTI एडमिशन नियमों में बड़ा बदलाव अब नर्सरी से पहली कक्षा तक मिलेगा मुफ्त प्रवेश, 20 फरवरी से आवेदन शुरू
राजस्थान में आरटीई योजना के तहत इस बार बड़ा बदलाव किया गया है। अब निजी स्कूलों में नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और पहली कक्षा सहित कुल चार कक्षाओं में मुफ्त एडमिशन मिलेगा। आवेदन प्रक्रिया 20 फरवरी से शुरू होगी और 6 मार्च को लॉटरी के जरिए छात्रों का चयन किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने आयु सीमा और सीट निर्धारण का नया नियम भी लागू किया है, जिसके तहत स्कूलों की कुल सीटों में से 25% सीटें आरटीई के तहत आरक्षित रहेंगी।
राजस्थान में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाई का अवसर देने वाली राइट टू एजुकेशन (RTE) योजना को इस साल और विस्तारित किया गया है। शिक्षा विभाग ने पहली बार आरटीई के तहत एडमिशन की व्यवस्था को बढ़ाते हुए नर्सरी से लेकर पहली कक्षा तक कुल चार कक्षाओं में मुफ्त प्रवेश देने का निर्णय लिया है। इससे हजारों अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
20 फरवरी से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया
प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार आरटीई प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 20 फरवरी 2026 से शुरू होगी। आवेदन के बाद पात्र विद्यार्थियों का चयन लॉटरी सिस्टम के माध्यम से किया जाएगा, जिसकी तिथि 6 मार्च 2026 तय की गई है।
पहली बार चार कक्षाओं में मिलेगा आरटीई का लाभ
अब तक आरटीई योजना के तहत केवल नर्सरी या पहली कक्षा में ही प्रवेश मिल पाता था, लेकिन इस बार शिक्षा विभाग ने नियमों में बदलाव करते हुए दायरा बढ़ा दिया है। अब निम्न कक्षाओं में प्रवेश संभव होगा—
नर्सरी
एलकेजी (LKG)
यूकेजी (UKG)
पहली कक्षा
इस बदलाव से अभिभावकों को बच्चों की उम्र और तैयारी के अनुसार कक्षा चुनने का विकल्प मिलेगा।
आयु सीमा भी तय
आरटीई प्रवेश के लिए प्रत्येक कक्षा के अनुसार आयु सीमा निर्धारित की गई है—
नर्सरी (3+) : 3 वर्ष से अधिक और 4 वर्ष से कम
एलकेजी (4+) : 4 वर्ष से अधिक और 5 वर्ष तक
यूकेजी (5+) : 5 वर्ष से अधिक और 6 वर्ष से कम
पहली कक्षा : 6 वर्ष से अधिक और 7 वर्ष से कम
निर्धारित आयु सीमा के अनुसार ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
ऐसे तय होंगी फ्री सीटें
शिक्षा विभाग ने सीट निर्धारण का नया फार्मूला भी लागू किया है। इसके तहत—
निजी स्कूलों में पिछले तीन वर्षों में नर्सरी से पहली कक्षा तक हुए प्रवेश का रिकॉर्ड देखा जाएगा।
इन आंकड़ों के आधार पर औसत (एवरेज) सीट संख्या तय की जाएगी।
तय औसत सीटों का 25 प्रतिशत हिस्सा आरटीई के तहत मुफ्त प्रवेश के लिए आरक्षित रहेगा।
उदाहरण के तौर पर यदि किसी स्कूल में औसत रूप से किसी कक्षा में 40 सीटें निकलती हैं, तो उनमें से 10 सीटों पर आरटीई के तहत निशुल्क एडमिशन दिया जाएगा।
लॉटरी से होगा चयन
आवेदन की अंतिम प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र विद्यार्थियों का चयन पूरी तरह पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन लॉटरी सिस्टम के जरिए किया जाएगा। चयन सूची जारी होने के बाद अभिभावकों को निर्धारित समय में स्कूल में दस्तावेज सत्यापन करवाना होगा।
अभिभावकों के लिए बड़ी राहत
नई व्यवस्था से अब अभिभावकों को केवल एक या दो कक्षाओं तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा। छोटे बच्चों को शुरुआती शिक्षा से ही निजी स्कूलों में प्रवेश का मौका मिलेगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और अवसर दोनों बढ़ेंगे।
योजना का उद्देश्य
आरटीई योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और वंचित परिवारों के बच्चों को निजी विद्यालयों में समान शिक्षा का अधिकार देना है, ताकि सामाजिक और शैक्षणिक असमानता को कम किया जा सके।
महत्वपूर्ण तिथियां एक नजर में:
आवेदन शुरू : 20 फरवरी 2026
लॉटरी जारी : 6 मार्च 2026
प्रवेश कक्षाएं : नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी, पहली कक्षा
आरक्षित सीटें : कुल सीटों का 25%