राजस्थान के MBBS छात्र राहुल यादव की कजाकिस्तान में दर्दनाक मौत: सड़क हादसे ने छीन ली जिंदगी, जून में पूरी होती डिग्री
राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ के नांगल खोड़िया गांव के 25 वर्षीय राहुल यादव, जो साउथ कजाकिस्तान मेडिकल एकेडमी में एमबीबीएस की अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहे थे, 6 जनवरी 2026 को अल्माटी-बिश्केक हाईवे पर कार दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में दो अन्य भारतीय छात्रों की मौके पर मौत हो गई, जबकि राहुल का 9 जनवरी को अस्पताल में निधन हो गया। वह परिवार के इकलौते बेटे थे और जून 2026 में उनकी डिग्री पूरी होने वाली थी। शव शनिवार शाम तक गांव पहुंचने की संभावना है, जहां अंतिम संस्कार होगा। परिवार को मौत की पूरी सूचना नहीं दी गई थी।
राजस्थान के अलवर जिले के कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र के नांगल खोड़िया गांव में शनिवार (10 जनवरी 2026) को गहरा मातम छाया हुआ है। गांव के 25 वर्षीय राहुल यादव, जो South Kazakhstan Medical Academy (SKMA), शिमकेंट में MBBS की पढ़ाई कर रहे थे, एक भीषण सड़क हादसे में अपनी जान गंवा बैठे। राहुल परिवार के इकलौते बेटे थे और उनकी MBBS डिग्री इसी साल जून महीने में पूरी होने वाली थी।
परिवार की पृष्ठभूमि और राहुल का सफर
राहुल यादव पुत्र दीपचंद यादव के घर में पैदा हुए थे। उनके पिता दीपचंद गुरुग्राम (हरियाणा) में टैक्सी चलाकर परिवार का गुजारा करते हैं। राहुल की एक बड़ी बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है, जबकि राहुल खुद अविवाहित थे। वह पिछले कुछ वर्षों से कजाकिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे। पिछले साल 4 सितंबर 2025 को वह घर से वापस कजाकिस्तान लौटे थे और पढ़ाई के अंतिम चरण में थे। परिवार के लिए वह सपनों का सहारा थे, लेकिन किस्मत ने सब कुछ छीन लिया।
हादसे का पूरा विवरण
6 जनवरी 2026 को राहुल अपने चार दोस्तों के साथ अल्माटी (कजाकिस्तान) के पास घूमने गए थे। वे Almaty–Bishkek हाईवे पर यात्रा कर रहे थे, जब उनकी कार का एक ट्रक से जोरदार टकराव हो गया। इस भयानक हादसे में:
कार के ड्राइवर सहित तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई (जिनमें दो अन्य भारतीय छात्र करण परमार और ऋषिराज बरैठ शामिल थे, दोनों राजस्थान के ही थे)।राहुल और उनका दोस्त मंजीत सिंह सोलंकी गंभीर रूप से घायल हो गए।
राहुल को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया और उन्हें ICU में रखा गया। डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन 9 जनवरी 2026 की दोपहर को राहुल ने दम तोड़ दिया। भारतीय दूतावास ने भी इसकी पुष्टि की और परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।यह हादसा पांच भारतीय नागरिकों (चार छात्र और एक पर्यटक) की कार में हुआ था, जो शिमकेंट से अल्माटी जा रहे थे। घायलों में राहुल के अलावा मंजीत और एक पर्यटक बृजेशकुमार भी शामिल थे, जिनका इलाज अभी भी चल रहा है और हालत गंभीर बनी हुई है।
परिवार की व्यथा और मौत की सूचना न मिलना
परिवार को अभी तक बेटे की मौत की पूरी जानकारी नहीं दी गई है। उन्हें सिर्फ इतना बताया गया कि राहुल का एक्सीडेंट हुआ है। पिता दीपचंद ने बताया कि 6 जनवरी को ही हादसे की सूचना मिली थी, लेकिन मौत की पुष्टि बाद में हुई। मां रो-रोकर बेबसी जाहिर कर रही हैं और सरकार से गुहार लगा रही हैं कि बेटे का शव जल्द से जल्द भारत लाया जाए।गांव वालों के अनुसार, राहुल का शव शनिवार शाम तक गांव पहुंचने की संभावना है। उसके बाद नांगल खोड़िया में ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पूरे गांव में शोक की लहर है, जहां राहुल को एक होनहार और मेहनती छात्र के रूप में जाना जाता था।