राजस्थान में गर्मी को लेकर एक्शन में सरकार: जलदाय विभाग के कर्मचारियों की छुट्टियाँ निरस्त, पेयजल संकट से निपटने को करोड़ों का बजट जारी

राजस्थान में गर्मी से पहले पेयजल की जंग! मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जलदाय विभाग की छुट्टियाँ कीं निरस्त। 41 जिलों के लिए करोड़ों का बजट जारी, अब टैंकर और कंट्रोल रूम से होगी पानी की मॉनिटरिंग।

Mar 20, 2026 - 12:27
राजस्थान में गर्मी को लेकर एक्शन में सरकार: जलदाय विभाग के कर्मचारियों की छुट्टियाँ निरस्त, पेयजल संकट से निपटने को करोड़ों का बजट जारी

जयपुर। राजस्थान में समय से पहले बढ़ती तपिश को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों को पेयजल संकट से बचाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि गर्मियों के दौरान पानी की किल्लत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए जलदाय विभाग (PHED) के सभी फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियाँ तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई हैं।

कंट्रोल रूम से होगी सीधी मॉनिटरिंग

ग्रीष्म ऋतु-2026 के दौरान शुद्ध और पर्याप्त पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर के साथ-साथ हर जिले में नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित कर दिए गए हैं। ये कंट्रोल रूम स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे।

पेयजल आपूर्ति के लिए खुला सरकारी खजाना

सरकार ने 41 जिलों में पानी की व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए भारी-भरकम बजट आवंटित किया है:

  • शहरी क्षेत्र: बुनियादी ढांचे के लिए 55.88 करोड़ रुपए स्वीकृत।

  • ग्रामीण क्षेत्र: ग्रामीण पेयजल योजनाओं के लिए 154.83 करोड़ रुपए की मंजूरी।

  • आपातकालीन फंड: हर जिले को आपात कार्यों के लिए 1-1 करोड़ रुपए खर्च करने की अनुमति दी गई है।

  • जल जीवन मिशन: पूर्ण हो चुकी योजनाओं के संचालन के लिए प्रत्येक जिले को 25-25 लाख रुपए अतिरिक्त दिए गए हैं।

टैंकर सप्लाई और मैनपावर पर विशेष जोर

1 अप्रैल से 31 जुलाई 2026 तक के संकट काल के लिए सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं:

  • जल परिवहन (टैंकर्स): शहरी क्षेत्रों के लिए 23 करोड़ और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 82.37 करोड़ रुपए का अलग से बजट रखा गया है।

  • अतिरिक्त वर्कफोर्स: मई से जुलाई के बीच 2500 श्रमिक और 450 किराए के वाहन प्रतिमाह तैनात रहेंगे ताकि फील्ड में पानी की सप्लाई की निगरानी की जा सके।

लापरवाही पर नपेगा प्रशासन

मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, अब फील्ड अधिकारियों की मौके पर उपस्थिति अनिवार्य होगी। केवल बेहद अनिवार्य स्थिति में ही उच्च स्तर से अनुमति लेने पर अवकाश मिल सकेगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।

Kashish Sain Bringing truth from the ground