राजस्थान कांग्रेस का बीजेपी मुख्यालय की ओर मार्च: पुलिस से धक्का-मुक्की, बैरिकेड से गिरे विधायक, महिला नेता बेहोश; डोटासरा-जूली सहित कई नेता हिरासत में

जयपुर में राजस्थान कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर ईडी का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को परेशान करने के आरोप लगाते हुए बीजेपी मुख्यालय की ओर मार्च निकाला। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोका, जिससे कार्यकर्ताओं और पुलिस में धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान विधायक मनीष यादव बैरिकेड से गिर पड़े, एक महिला नेता बेहोश हो गईं, जबकि कार्यकर्ताओं ने डोटासरा को कंधों पर उठाया। पुलिस ने गोविंद सिंह डोटासरा, टीकाराम जूली सहित कई नेताओं को हिरासत में लिया। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
December 17, 2025 • 4:45 PM  47
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राजस्थान कांग्रेस का बीजेपी मुख्यालय की ओर मार्च: पुलिस से धक्का-मुक्की, बैरिकेड से गिरे विधायक, महिला नेता बेहोश; डोटासरा-जूली सहित कई नेता हिरासत में
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राजस्थान कांग्रेस का बीजेपी मुख्यालय की ओर मार्च: पुलिस से धक्का-मुक्की, बैरिकेड से गिरे विधायक, महिला नेता बेहोश; डोटासरा-जूली सहित कई नेता हिरासत में

जयपुर में बुधवार को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बड़ा प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय की ओर मार्च निकाला, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जोरदार धक्का-मुक्की हुई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शन के दौरान कई घटनाएं हुईं, जिनमें एक विधायक बैरिकेड से गिर पड़े, एक महिला नेता बेहोश हो गईं, और प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया गया।

प्रदर्शन की पृष्ठभूमि और कारण कांग्रेस का यह प्रदर्शन मुख्य रूप से केंद्र सरकार पर लगाए गए आरोपों को लेकर था। पार्टी का दावा है कि भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार संवैधानिक संस्थाओं, खासकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का दुरुपयोग कर रही है। विपक्षी नेताओं को राजनीतिक प्रतिशोध के तहत परेशान किया जा रहा है। विशेष रूप से नेशनल हेराल्ड मामले का जिक्र करते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ईडी ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से लंबी पूछताछ की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मामले में स्पष्टता प्रदान की।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि ईडी जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष को दबाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया और राहुल गांधी से 55-55 घंटे की पूछताछ का उदाहरण देते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला। डोटासरा ने कहा, "यह राजनीतिक बदले की कार्रवाई है, लेकिन अदालत ने सच्चाई सामने ला दी।"नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बीजेपी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, "बीजेपी का चाल, चरित्र और चेहरा तीनों जनता के सामने आ गया है। बीजेपी वाले भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हैं, लेकिन अगर कोई नेता बीजेपी जॉइन कर ले तो उसके सारे पाप माफ हो जाते हैं।" जूली ने इसे दोहरा मापदंड बताया और कहा कि जनता इसका जवाब देगी।

प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाएं डोटासरा को कंधों पर उठाया: जब पुलिस ने बैरिकेड से कार्यकर्ताओं को रोका, तो उत्साहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को अपने कंधों पर उठा लिया। यह दृश्य प्रदर्शन की तीव्रता को दिखाता था। विधायक का बैरिकेड से गिरना: विधायक मनीष यादव बैरिकेड पर चढ़कर दूसरी तरफ जाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें डंडे से रोकने का प्रयास किया, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गिर पड़े। इससे उन्हें चोट लगने की आशंका जताई गई। महिला नेता बेहोश: धक्का-मुक्की के दौरान एक महिला कांग्रेस नेता बेहोश होकर गिर पड़ीं। साथी कार्यकर्ताओं ने उन्हें संभाला और मेडिकल सहायता प्रदान की। नेताओं की हिरासत: पुलिस ने प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए सख्ती बरती। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया। बाद में उन्हें रिहा किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर भारी बंदोबस्त किया था, लेकिन बैरिकेड तोड़ने की कोशिश में झड़प हुई।रा

जनीतिक प्रतिक्रियाएं यह प्रदर्शन कांग्रेस की केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ चल रही आक्रामक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा का आंदोलन बताया, जबकि भाजपा इसे राजनीतिक ड्रामा करार दे सकती है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन धक्का-मुक्की ने इसे सुर्खियों में ला दिया।

 

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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