राजस्थान बोर्ड 10वीं का रिजल्ट कल घोषित होगा: पहली बार 12वीं से पहले और मार्च महीने में जारी; 10 लाख से ज्यादा छात्रों का इंतजार खत्म
राजस्थान बोर्ड (RBSE) 10वीं का रिजल्ट 24 मार्च 2026 को जारी होगा, जो पहली बार 12वीं से पहले और मार्च महीने में होगा। 10 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हुए थे। 12वीं का रिजल्ट भी इसी महीने संभावित। 2027 से 10वीं की परीक्षा साल में दो बार (फरवरी और मई) होगी, जिसमें 'बेस्ट ऑफ टू अटेम्प्ट' फॉर्मूला लागू होगा।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने कक्षा 10वीं (माध्यमिक) का परिणाम मंगलवार, 24 मार्च 2026 को घोषित करने की तैयारी पूरी कर ली है। यह ऐतिहासिक क्षण होगा, क्योंकि बोर्ड के इतिहास में पहली बार 10वीं का रिजल्ट 12वीं से पहले जारी हो रहा है और मार्च महीने में नतीजे आने जा रहे हैं। आमतौर पर रिजल्ट मई में आते थे, लेकिन इस बार राज्य सरकार के निर्देश पर 1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू करने की वजह से बोर्ड ने रिजल्ट प्रक्रिया को तेज किया है।
इस साल 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं 12 फरवरी 2026 से शुरू होकर 28 फरवरी 2026 तक चली थीं। इन परीक्षाओं में कुल 10 लाख 68 हजार 109 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। परीक्षाएं प्रदेश के विभिन्न केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुईं। बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया को मिशन मोड में पूरा किया, जिसके कारण रिजल्ट इतनी जल्दी घोषित हो पा रहा है।
रिजल्ट घोषणा के साथ बोर्ड प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा, जिसमें उत्तीर्ण प्रतिशत, टॉपर्स के नाम और अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े जारी किए जाएंगे। छात्र अपने रोल नंबर के माध्यम से आधिकारिक वेबसाइटों rajeduboard.rajasthan.gov.in और rajresults.nic.in पर रिजल्ट चेक कर सकेंगे।
12वीं का रिजल्ट भी इसी महीने संभावित
बोर्ड की कोशिश है कि 12वीं (वरिष्ठ माध्यमिक) के आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम के रिजल्ट भी मार्च 2026 में ही जारी कर दिए जाएं। 12वीं की परीक्षाएं 11 मार्च 2026 तक चली थीं, जिसमें 9 लाख 10 हजार 9 छात्र शामिल हुए थे। कुल 6 हजार 170 परीक्षा केंद्रों पर ये परीक्षाएं आयोजित की गईं। 10वीं के बाद 12वीं का रिजल्ट जल्द आने से छात्रों को आगे की पढ़ाई और एडमिशन की प्लानिंग में आसानी होगी।
2027 से 10वीं बोर्ड परीक्षा साल में दो बार होगी
राजस्थान बोर्ड ने एक बड़ा बदलाव की घोषणा की है। वर्ष 2027 से कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाएगी:
पहला सेशन: फरवरी महीने में,
दूसरा सेशन: मई महीने में,
दोनों परीक्षाएं पूरे सिलेबस पर आधारित होंगी और स्टडी पैटर्न या परीक्षा योजना में कोई बदलाव नहीं होगा।पहले सेशन में परीक्षा देने वाले छात्र दूसरे सेशन में अधिकतम 3 विषयों में अपने मार्क्स सुधारने (इम्प्रूवमेंट) के लिए बैठ सकते हैं।यदि कोई छात्र पहला सेशन पूरी तरह मिस कर देता है, तो वह दूसरे सेशन में परीक्षा दे सकता है, लेकिन इसके लिए वैध मेडिकल सर्टिफिकेट या जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी) की अनुमति जरूरी होगी।दोनों अटेम्प्ट्स के लिए एग्जामिनेशन फीस में कोई बदलाव नहीं होगा।बोर्ड 'बेस्ट ऑफ टू अटेम्प्ट' फॉर्मूला अपनाएगा, यानी दोनों प्रयासों में से जिसमें बेहतर अंक आएंगे, वही फाइनल रिजल्ट में जोड़े जाएंगे।यह नया सिस्टम छात्रों को बेहतर प्रदर्शन का मौका देगा और तनाव कम करने में मदद करेगा।