PNB बैंक से 6.50 करोड़ का सोना गायब, मैनेजर अमित जांगिड़ गिरफ्तार: मथुरा रेलवे स्टेशन से दबोचा, हिरासत से भागने की कोशिश

राजस्थान के झुंझुनूं जिले की नवलगढ़ शाखा में पंजाब नेशनल बैंक से 6.50 करोड़ रुपये मूल्य के 4.198 किलोग्राम सोने के आभूषण गायब होने का बड़ा घोटाला सामने आया। असली ज्वेलरी की जगह नकली रखकर फ्रॉड किया गया। मुख्य आरोपी तत्कालीन ब्रांच मैनेजर अमित जांगिड़ को मथुरा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया, जहां उसने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की। बीसी संचालक संतोष सैनी भी गिरफ्तार। आरोपी ने घोटाले के पैसे से करोड़ों की जमीनें और डेयरी प्लांट बनाया। बैंक जांच जारी, ग्राहकों को क्लेम का आश्वासन।

Feb 6, 2026 - 14:37
PNB बैंक से 6.50 करोड़ का सोना गायब, मैनेजर अमित जांगिड़ गिरफ्तार: मथुरा रेलवे स्टेशन से दबोचा, हिरासत से भागने की कोशिश

राजस्थान के झुंझुनूं जिले में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की नवलगढ़ शाखा से 6.50 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घोटाले के मुख्य आरोपी तत्कालीन ब्रांच मैनेजर अमित जांगिड़ को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मथुरा रेलवे स्टेशन के बाहर से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस टीम ने उसका पीछा कर उसे सफलतापूर्वक काबू कर लिया।

घोटाले का खुलासा कैसे हुआ?

यह मामला 3 फरवरी 2026 को सामने आया, जब बैंक की नवलगढ़ शाखा में गोल्ड लोन के बदले जमा किए गए सोने की जांच के दौरान गड़बड़ी का पता चला। वर्तमान ब्रांच मैनेजर मुकेश सिहाग ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 28 जनवरी को गोल्ड सेफ (स्ट्रॉन्ग रूम) का चार्ज डिप्टी मैनेजर सीमा महला को सौंपा जा रहा था।

इससे पहले स्ट्रॉन्ग रूम की दो चाबियां तत्कालीन मैनेजर अमित कुमार जांगिड़ और डिप्टी मैनेजर अनंतप्रकाश चौधरी के पास थीं। चार्ज ट्रांसफर के दौरान जांच में पता चला कि गोल्ड सेफ में रखे 73 पैकेटों में से असली सोने के आभूषण निकालकर नकली ज्वेलरी (जैसे पीतल या अन्य धातु के बने) रख दिए गए थे। इसके अलावा तीन पैकेटों में सोने का वजन भी कम पाया गया।

बैंक की प्रारंभिक जांच में कुल 4.198 किलोग्राम सोने के आभूषण गायब पाए गए, जिनकी बाजार मूल्य अनुमानित 6.50 करोड़ रुपये है। कुछ रिपोर्टों में ग्राहकों का दावा है कि घोटाला इससे बड़ा हो सकता है, संभवतः 10 करोड़ या अधिक का, क्योंकि बैंक में कुल 450 पैकेट थे और कई में गड़बड़ी की आशंका है।

आरोपी और उनकी भूमिका

पुलिस ने बैंक की शिकायत पर तीन मुख्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया:अमित कुमार जांगिड़ (तत्कालीन ब्रांच मैनेजर) – मुख्य आरोपी, मास्टरमाइंड माना जा रहा है।संतोष कुमार सैनी (बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट – BC संचालक) – पहले ही गिरफ्तार, अमित जांगिड़ के साथ मिलीभगत का आरोप।अनंतप्रकाश चौधरी (डिप्टी मैनेजर) – स्ट्रॉन्ग रूम की चाबी संभालने वाला।प्रारंभिक जांच से पता चला है कि अमित जांगिड़ और संतोष सैनी की सांठगांठ से ही यह फ्रॉड अंजाम दिया गया। सीसीटीवी फुटेज में भी उन्हें सोने के पैकेट लेकर स्ट्रॉन्ग रूम में छेड़छाड़ करते देखा गया है।

आरोपी की फरारी और गिरफ्तारी का ड्रामा

घटना सामने आने के बाद अमित जांगिड़ फरार हो गया था। वह झुंझुनूं के गुढ़ागौड़जी थानाक्षेत्र का निवासी है। फरारी के दौरान उसकी पत्नी ने 5 फरवरी को गुढ़ागौड़जी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।पुलिस ने तीन टीमें गठित की थीं। अंततः अमित जांगिड़ को मथुरा रेलवे स्टेशन के बाहर से दबोचा गया। गिरफ्तारी के समय उसने हिरासत से भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया। अब उसे नवलगढ़ लाया जा रहा है, जहां से गहन पूछताछ की जाएगी।

आरोपी की संपत्ति और अन्य खुलासे

जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि अमित जांगिड़ ने पिछले कुछ वर्षों में करोड़ों रुपये की जमीनें खरीदीं और उनमें से एक पर डेयरी प्लांट भी स्थापित किया। यह संपत्ति संभवतः घोटाले से प्राप्त अवैध कमाई से खरीदी गई। पुलिस अब बेनामी संपत्तियों और अन्य संभावित मिलीभगत की जांच कर रही है।

ग्राहकों पर प्रभाव और बैंक का रुख

पीड़ित ग्राहकों (जिन्होंने शादी, मंगलसूत्र आदि के लिए सोना गिरवी रखा था) का कहना है कि उनका सोना गायब होने से उनकी जिंदगी प्रभावित हुई है। बैंक के एजीएम सुधीर कुमार साहू ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने के बाद पात्र ग्राहकों को कोई नुकसान नहीं होगा और पूरा क्लेम दिलवाया जाएगा। बैंक ने आरोपियों को सस्पेंड कर दिया है और आरबीआई स्तर पर भी जांच चल रही है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.