पाली जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र में गर्भवती पत्नी के साथ पति ने की क्रूर मारपीट
पाली जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र के निम्बला गांव में एक गर्भवती महिला गुडी देवी के साथ उसके शराबी पति ने बेरहमी से मारपीट की। नशे में धुत पति ने लात-घूंसे मारे, जिससे महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे बांगड़ अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और आरोपी पति की तलाश शुरू कर दी। यह घटना पहले भी हुई मारपीट की पुनरावृत्ति है, जो घरेलू हिंसा और शराब के खतरे को उजागर करती है।
पाली, राजस्थान: जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत निम्बला गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक शराबी पति ने अपनी गर्भवती पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट की। पीड़िता गुडी देवी को गंभीर हालत में बांगड़ अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, निम्बला गांव निवासी गुडी देवी (पति का नाम उपलब्ध नहीं) गर्भवती हैं। घटना उस समय हुई जब उनका पति शराब के नशे में धुत था। नशे की हालत में उसने अपनी पत्नी पर अचानक हमला बोल दिया और लात-घूंसे तथा अन्य तरीकों से बेरहमी से पीटा। मारपीट इतनी तेज थी कि गुडी देवी बुरी तरह घायल हो गईं।
घटना के बाद परिजनों ने तुरंत उन्हें बांगड़ अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत देखते हुए भर्ती कर इलाज शुरू किया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, महिला की चोटें गंभीर हैं और गर्भ पर भी असर पड़ने की आशंका है, हालांकि बच्चे की स्थिति की विस्तृत जांच की जा रही है।परिजनों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है। पूर्व में भी पति ने गुडी देवी के साथ मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन परिवार ने सामाजिक दबाव और अन्य कारणों से मामला दर्ज नहीं कराया था। इस बार स्थिति इतनी गंभीर होने पर उन्होंने जैतपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
जैतपुर थाना पुलिस ने पीड़िता के परिजनों की तहरीर पर पति के खिलाफ घरेलू हिंसा, मारपीट और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी पति की तलाश की जा रही है और उसे जल्द गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी। साथ ही पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि दोषी को सख्त सजा मिल सके।यह घटना एक बार फिर घरेलू हिंसा और शराब के दुरुपयोग से जुड़ी महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को उजागर करती है। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने इस मामले में न्याय की मांग की है और महिलाओं के खिलाफ हिंसा रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की बात कही है।