नागौर में ऐसा चालान… जिसे सुनकर आप भी कहेंगे “ये कैसे मुमकिन है?” एक मामूली सी कार्रवाई कैसे बन गई बड़ा विवाद—पूरी कहानी जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान!

नागौर में हुई एक कार्रवाई ने सबको चौंका दिया है… एक ऐसी गाड़ी, जिसे लेकर चालान होना ही नहीं चाहिए था, उसी पर जुर्माना लगा दिया गया! आखिर क्या हुआ मौके पर ऐसा कि बात बहस से बढ़कर विवाद बन गई? पूरा मामला जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे…

Apr 10, 2026 - 12:11
Apr 10, 2026 - 12:45
नागौर में ऐसा चालान… जिसे सुनकर आप भी कहेंगे “ये कैसे मुमकिन है?” एक मामूली सी कार्रवाई कैसे बन गई बड़ा विवाद—पूरी कहानी जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान!

नागौर में अजीब चालान: इलेक्ट्रिक कार पर ही ‘प्रदूषण’ का जुर्माना!

नागौर शहर के कृषि मंडी तिराहे पर 6 अप्रैल को हुई एक कार्रवाई अब सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन चुकी है। ट्रैफिक जांच के दौरान पुलिस ने एक इलेक्ट्रिक कार को रोका—और जो हुआ, उसने पूरे मामले को वायरल बना दिया।

बताया जा रहा है कि यह कार Tata Motors की इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) थी, जिसका नंबर RJ 19 CO 0119 था। हैरानी की बात यह रही कि इस कार पर प्रदूषण (Pollution) का चालान काट दिया गया—जबकि इलेक्ट्रिक कारों में न तो इंजन होता है, न साइलेंसर और न ही वे धुआं छोड़ती हैं।

मामूली बहस से बढ़ा विवाद

मौके पर तैनात एएसआई रामकुमार अपनी टीम के साथ वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। जब इस इलेक्ट्रिक कार को रोका गया, तो पुलिस की नजर उसकी खिड़कियों पर लगी काली जालियों (ब्लैक फिल्म) पर गई।

पुलिस ने चालक को जालियां हटाने के निर्देश दिए, लेकिन इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बहस बढ़ने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए:

  • 200 रुपये का चालान काली फिल्म के लिए
  • और 1500 रुपये का चालान प्रदूषण उल्लंघन के नाम पर

काट दिया।

यहीं से यह मामला सामान्य चेकिंग से निकलकर विवाद में बदल गया।

ड्राइवर की दलील—“EV में प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं होता”

कार चालक लगातार पुलिस को समझाता रहा कि यह एक इलेक्ट्रिक कार है और इसमें प्रदूषण सर्टिफिकेट (PUC) की जरूरत नहीं होती।

लेकिन आरोप है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी ने उसकी बात नहीं मानी और चालान काट दिया।

वीडियो वायरल, लोगों का फूटा गुस्सा

घटना के दौरान मौजूद कुछ लोगों ने इसका वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वीडियो सामने आते ही लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कई यूजर्स ने इसे सिस्टम की लापरवाही बताया, तो कुछ ने इसे “गुस्से में की गई कार्रवाई” करार दिया।

सोशल मीडिया पर यह मामला ‘एक तो गलती, ऊपर से दबाव’ जैसी प्रतिक्रियाओं के साथ ट्रेंड करने लगा।

पुलिस ने मानी गलती, क्या होगा आगे?

मामला बढ़ने के बाद नागौर ट्रैफिक पुलिस ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अधिकारियों का कहना है कि:

  • कार की जालियां हटाने को लेकर बहस हो रही थी
  • उसी दौरान जल्दबाजी और तनाव में पॉल्यूशन चालान कट गया
  • यह एक मानवीय भूल (Human Error) थी

विभाग ने यह भी आश्वासन दिया है कि:

? गलत चालान को सिस्टम से रद्द (Cancel) किया जाएगा
? पूरे मामले की जांच की जा रही है

EV और नियम: क्या कहता है कानून?

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अलग नियम लागू होते हैं। चूंकि EV में पारंपरिक इंजन नहीं होता, इसलिए:

  • इन्हें प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) की आवश्यकता नहीं होती
  • इनसे धुआं या उत्सर्जन (Emission) नहीं निकलता

ऐसे में इस तरह का चालान तकनीकी रूप से गलत माना जा रहा है।

सिस्टम पर सवाल, जागरूकता की जरूरत

यह घटना सिर्फ एक चालान की गलती नहीं है, बल्कि यह सवाल उठाती है कि क्या ट्रैफिक नियमों को लागू करने वाले सभी अधिकारियों को नई तकनीक और नियमों की पूरी जानकारी है?

जैसे-जैसे देश इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे सिस्टम को भी अपडेट होना जरूरी है।

फिलहाल चर्चा का केंद्र बना नागौर

यह पूरा मामला नागौर जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
एक छोटी सी बहस से शुरू हुई घटना अब प्रशासन, तकनीक और जागरूकता—तीनों पर सवाल खड़े कर रही है।