क्या योजनाओं के नाम पर चल रही है सियासत…...या कुछ और ही है असल कहानी?

राजस्थान की सियासत में एक बयान ने मचा दी हलचल… योजनाओं को लेकर उठे सवालों के बीच छिपी है एक बड़ी सच्चाई—लेकिन असली कहानी अभी पूरी तरह सामने आना बाकी है।

Apr 12, 2026 - 11:06
क्या योजनाओं के नाम पर चल रही है सियासत…...या कुछ और ही है असल कहानी?

राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। इस बार मुद्दा है—जनकल्याणकारी योजनाएं। Prem Chand Bairwa ने पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot के आरोपों पर तीखा पलटवार करते हुए कांग्रेस पर झूठ और भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है।

डॉ. बैरवा ने साफ शब्दों में कहा कि वर्तमान सरकार ने किसी भी योजना को बंद नहीं किया है। उनका कहना है कि कांग्रेस बिना तथ्यों के बयान देकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।

“कांग्रेस ने बंद की थीं योजनाएं”

डिप्टी सीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में भाजपा की कई अहम योजनाओं को बंद या कमजोर कर दिया था। उन्होंने खास तौर पर Bhamashah Yojana, Annapurna Yojana और Mukhyamantri Jal Swavlamban Yojana का जिक्र किया।

उनके अनुसार, इन योजनाओं का उद्देश्य आम जनता को सीधा लाभ पहुंचाना था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने न केवल इन्हें बंद किया बल्कि इनके स्वरूप को भी बिगाड़ दिया, जिससे जनता को नुकसान हुआ।

“अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचा रही सरकार”

डॉ. बैरवा ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार सिर्फ घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर तेजी से काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए ठोस कदम उठा रही है।

उनके अनुसार, वर्तमान सरकार योजनाओं को अधिक पारदर्शी बना रही है ताकि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह सरकार “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र पर काम कर रही है।

“कांग्रेस को विकास रास नहीं आ रहा”

डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि Bhajan Lal Sharma के नेतृत्व में राजस्थान तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। लेकिन कांग्रेस इस विकास को स्वीकार नहीं कर पा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार बेबुनियाद आरोप लगाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है, क्योंकि उसे विकास की राजनीति रास नहीं आ रही।

सियासत या सच्चाई?

राजस्थान में योजनाओं को लेकर यह टकराव केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनता के बीच भरोसे की लड़ाई भी बनता जा रहा है। एक ओर भाजपा सरकार अपने कामकाज और योजनाओं के क्रियान्वयन का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस इन दावों पर सवाल उठा रही है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि जनता इन दावों और आरोपों के बीच किस पर भरोसा करती है—और असल सच्चाई क्या है, यह आने वाले समय में और स्पष्ट होगा।