विश्वास का साइलेंट तूफान: रविंद्रसिंह भाटी के समर्थक गाड़ियों पर उतार लाए 'विश्वास' का जादू, छोटू सिंह रावणा विवाद के बाद राजस्थान में नया ट्रेंड!
छोटू सिंह रावणा विवाद के बाद रविंद्र सिंह भाटी के समर्थकों ने शुरू किया अनोखा साइलेंट कैंपेन। राजस्थान भर में युवा अपनी गाड़ियों पर भाटी का फोटो और 'विश्वास' लिखा पोस्टर लगा रहे हैं, अब तक 5000 से ज्यादा गाड़ियां सज चुकी हैं।"
जयपुर/बाड़मेर। राजस्थान की राजनीति इन दिनों 'विश्वास' के नाम से गूंज रही है। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी और मशहूर भजन गायक छोटू सिंह रावणा के बीच सोशल मीडिया पर शुरू हुआ विवाद अब सड़कों पर उतर आया है लेकिन अलग अंदाज में। विवाद की आग अभी थमी नहीं कि भाटी के समर्थकों ने एक अनोखा 'साइलेंट कैंपेन' छेड़ दिया। युवा अपनी गाड़ियों के पीछे बड़े-बड़े पोस्टर चिपका रहे हैं, जिनमें एक तरफ रविंद्र सिंह भाटी का फोटो और दूसरी तरफ गाढ़े अक्षरों में सिर्फ एक शब्द "विश्वास"।
यह कोई जोर-जुलूस या रैली नहीं, बल्कि सड़कों पर दौड़ती 'विश्वास' वाली गाड़ियों का साइलेंट क्रांति है। बाड़मेर-जैसलमेर से शुरू होकर बीकानेर, राजसमंद, जोधपुर तक फैल चुका यह ट्रेंड अब पूरे राजस्थान में वायरल है। बताया जा रहा है कि भाटी के समर्थकों का यह प्लान्ड कैंपेन है, जो एक नया मैसेज दे रहा है "विवादों से ऊपर, जनता का विश्वास अटूट है"।
विवाद की जड़ और फिर 'विश्वास' का जन्म
सब कुछ शुरू हुआ एक सोशल मीडिया कमेंट से। एक बच्चे के वीडियो पर छोटू सिंह रावणा ने टिप्पणी की, जिसके बाद दोनों के बीच जुबानी जंग छिड़ गई। आरोप-प्रत्यारोप हुए, फोन पर धमकी का मामला दर्ज हुआ और FIR तक पहुंच गई। लेकिन भाटी के युवा समर्थक इस विवाद को हथियार बना बैठे। उन्होंने कहा "हम बोलते नहीं, दिखाते हैं!" और गाड़ियों पर 'विश्वास' पोस्टर चिपकाने शुरू कर दिए। युवा वर्ग खासतौर पर इस कैंपेन में आगे है। थार, बलेनो, कार, बुलेट बाइक हर वाहन पर भाटी का चेहरा और 'विश्वास' का संदेश।
5000+ गाड़ियां, विदेश तक पहुंचा ट्रेंड!
आंकड़ों की मानें तो अब तक 5000 से ज्यादा गाड़ियों पर ये पोस्टर लग चुके हैं। एक दिन में ही हजारों गाड़ियां सज गईं। और सिर्फ राजस्थान तक सीमित नहीं सोशल मीडिया पर अपलोड कुछ वीडियो में जापान और दुबई की सड़कों पर भी 'विश्वास' वाली गाड़ियां दौड़ती दिख रही हैं! समर्थक कह रहे हैं, "रविंद्र सिंह भाटी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाओ।" यह साइलेंट कैंपेन सिर्फ सपोर्ट नहीं, बल्कि एक स्मार्ट मैसेज भी है। विवाद के बीच भाटी की छवि को 'युवा आइकॉन' के रूप में मजबूत करना। भाटी खुद अभी जनता के बीच घूम रहे हैं, समस्याएं सुन रहे हैं। उन्होंने कोई बयान नहीं दिया, लेकिन उनके समर्थकों ने बोल दिया "विश्वास"।
अब अन्य नेताओं के समर्थक भी कूद पड़े
ट्रेंड का असर इतना कि अब दूसरे नेताओं के समर्थक भी अपनी-अपनी स्टाइल में पोस्टर बनाकर गाड़ियों पर लगाने लगे हैं। राजनीति में 'कॉपी-पेस्ट' का नया रूप! एक नेता के फैंस ने अपना वर्शन तैयार कर लिया, तो दूसरे ने अलग डिजाइन। राजस्थान की सड़कें अब पोस्टरों की प्रदर्शनी बन गई हैं।
राजनीतिक विश्लेषक कह रहे हैं, कि "यह युवाओं की ताकत का प्रदर्शन है। भाटी ने पहले ही '36 कौम' और युवा वोट बैंक को जोड़ा था। यह कैंपेन उसकी मिसाल है।" लेकिन कुछ सवाल भी उठ रहे हैं क्या इतने बड़े स्केल पर जिम्मेदारी निभा पाएंगे? क्योंकि हर पोस्टर वाली गाड़ी अब भाटी के नाम से जुड़ गई है।
छोटू सिंह रावणा विवाद ने उन्हें घेरने की कोशिश की, लेकिन 'विश्वास' कैंपेन ने उल्टा फायदा दे दिया। अब सड़कें गवाह हैं राजस्थान में राजनीति अब सिर्फ भाषणों में नहीं, गाड़ियों के पीछे भी खेली जा रही है! फिलहाल तो राजस्थान की हर सड़क पर 'विश्वास' की गूंज है। भाटी का फोटो देखकर उनके समर्थक मुस्कुरा रहे हैं और कह रहे हैं " विश्वास ही जीतता है!"