क्या सोशल मीडिया की दोस्ती बन रही है नया जाल…और किसी को भनक तक नहीं लगी?
एक साधारण सी दोस्ती… फिर अचानक बदला सब कुछ। भरोसे के नाम पर बुना गया ऐसा जाल, जिसका सच सामने आते ही सब हैरान रह गए… आखिर पूरा खेल क्या था?
राजस्थान में साइबर और संगठित अपराध का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। Jaipur Rural के रायसर थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सक्रिय हनीट्रैप गिरोह का पर्दाफाश किया है। खास बात यह रही कि पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर इस गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें 4 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल हैं।
फेसबुक से शुरू हुआ जाल
पूरे मामले की शुरुआत एक फेसबुक दोस्ती से हुई। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसकी पहचान दीपक नाम के युवक से सोशल मीडिया पर हुई थी। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और आरोपी ने उसका भरोसा जीत लिया। यही भरोसा आगे चलकर उसके लिए जाल बन गया।
साजिश के तहत रचा गया पूरा प्लान
6 अप्रैल को पीड़ित अपनी जमीन पर गया हुआ था। इसी दौरान आरोपी दीपक ने अपनी गर्लफ्रेंड को वहां बुलाने की बात कही। पीड़ित के मना करने के बावजूद महिला को वहां बुला लिया गया।
इसके बाद रास्ते में कार सवार बदमाशों ने पीड़ित को रोक लिया। उसके साथ मारपीट की गई और जबरदस्ती महिला के साथ बैठाकर उसका अश्लील वीडियो बना लिया गया। यह पूरी घटना पहले से सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी।
ब्लैकमेलिंग और पैसों की मांग
वीडियो बनाने के बाद आरोपियों ने पीड़ित को धमकाना शुरू कर दिया। उसे Shahpura ले जाकर बलात्कार का केस दर्ज कराने और वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई।
पहले आरोपियों ने 15 लाख रुपये की मांग की, लेकिन बाद में 7 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। दबाव में आकर पीड़ित से तुरंत 80 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर भी करवा लिए गए।
पुलिस की तेज कार्रवाई
मामले की शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और एक विशेष टीम का गठन किया गया। योजना के तहत पीड़ित के जरिए आरोपियों को दोबारा पैसे लेने के लिए बुलाया गया।
जैसे ही आरोपी मौके पर पहुंचे, पुलिस ने घेराबंदी कर दी। एक आरोपी कार लेकर फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने करीब 25 किलोमीटर तक पीछा कर उसे भी पकड़ लिया।
फरार महिलाओं की गिरफ्तारी
गिरफ्तारी की भनक लगते ही दोनों महिला आरोपी फरार हो गईं और अपने मोबाइल बंद कर लिए। हालांकि पुलिस ने तकनीकी सहायता से उनकी लोकेशन ट्रेस कर Bundi जिले से उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया।
बरामदगी और आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बोलेरो और बलेनो कार के साथ 20 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी रामकिशन और दीपक के खिलाफ पहले से लूट के मामले दर्ज हैं।
बढ़ता खतरा और सतर्क रहने की जरूरत
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती कितनी खतरनाक हो सकती है। हनीट्रैप जैसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, जहां पहले भरोसा जीता जाता है और फिर उसी का फायदा उठाकर लोगों को फंसाया जाता है।
बड़ा सवाल…
क्या सोशल मीडिया पर बन रही दोस्तियां अब खतरे का संकेत बनती जा रही हैं?
और क्या हम सच में ऐसे जाल से खुद को सुरक्षित रख पा रहे हैं?