“‘सेल्फी’ के नाम पर हो क्या रहा है? शहर की छवि पर मंडराता बड़ा खतरा!”

पर्यटन के लिए मशहूर शहर में कुछ घटनाएं अब चिंता बढ़ाने लगी हैं। ‘सेल्फी’ के बहाने हो रही हरकतों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं… क्या अब हालात बदलेंगे?

Apr 9, 2026 - 09:47
Apr 9, 2026 - 09:54
“‘सेल्फी’ के नाम पर हो क्या रहा है? शहर की छवि पर मंडराता बड़ा खतरा!”

राजस्थान की सांस्कृतिक राजधानी जयपुर, जो अपनी मेहमाननवाजी और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए दुनिया भर में जानी जाती है, अब एक नई चुनौती का सामना कर रही है। विदेशी महिला पर्यटकों के साथ छेड़छाड़ और अभद्रता की लगातार सामने आ रही घटनाओं ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था बल्कि शहर की छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

 ‘सेल्फी’ बना खतरा

इन मामलों में एक खतरनाक ट्रेंड सामने आया है:

भीड़ बनाकर पर्यटकों को घेरना

‘सेल्फी’ के बहाने करीब आना

फिर गलत तरीके से छूना या अभद्र व्यवहार करना

यह पैटर्न अब पर्यटन स्थलों पर एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है।

इस साल सामने आए प्रमुख मामले

 केस 1: आमेर-जयगढ़ किला (अप्रैल 2026)

आमेर किला और जयगढ़ किला क्षेत्र में एक विदेशी महिला को कुछ युवकों ने सुनसान रास्ते में घेर लिया। आरोप है कि उन्होंने अभद्र हरकतें कीं और जबरदस्ती करने की कोशिश की।

केस 2: जलमहल (मार्च 2026)

जलमहल के पास एक विदेशी महिला को युवकों ने ‘सेल्फी’ के बहाने घेर लिया। इस दौरान गलत तरीके से छूने और अभद्रता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे व्यापक आक्रोश फैल गया।

केस 3: ऑटो चालक की हरकत

एक ऑटो ड्राइवर ने हिंदी सिखाने के नाम पर विदेशी महिला से आपत्तिजनक शब्द बुलवाए। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

केस 4: भीड़ में असुरक्षा

कई विदेशी महिला पर्यटकों ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें भीड़ में घेर लिया जाता है, बिना अनुमति छूने या जबरन सेल्फी लेने की कोशिश की जाती है।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाई गई कालिका-निर्भया स्क्वॉड की मौजूदगी कई जगहों पर नजर नहीं आ रही है, जिससे मनचलों के हौसले बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।

‘पिंक गार्ड ऐप’ से उम्मीद

जयपुर पुलिस अब इस चुनौती से निपटने के लिए “पिंक गार्ड ऐप” लॉन्च करने जा रही है।

स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश के अनुसार:

शिकायत मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचेगी

ऐप में पर्यटन स्थलों की लाइव जानकारी होगी

भीड़ वाले स्थान रेड जोन और कम भीड़ वाले ग्रीन जोन के रूप में दिखेंगे

नजदीकी अस्पताल और थानों की जानकारी भी उपलब्ध रहेगी

क्या बदलेगा हालात?

लगातार बढ़ती घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि केवल पर्यटन को बढ़ावा देना ही काफी नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना भी उतना ही जरूरी है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि:

क्या नई तकनीक और सख्ती से इन घटनाओं पर रोक लगेगी?

क्या जयपुर अपनी ‘मेहमाननवाजी’ की पहचान को फिर से कायम कर पाएगा?

Kashish Sain Bringing truth from the ground