एएनटीएफ की बड़ी सफलता: ऑपरेशन 750 और ऑपरेशन मदप्रलय में 50,000 के दो इनामी तस्कर गिरफ्तार, एक क्विंटल से अधिक अफीम सहित 5 करोड़ से ज्यादा की ड्रग्स बरामद
राजस्थान एएनटीएफ ने ऑपरेशन 750 और ऑपरेशन मदप्रलय के तहत छह बड़ी कार्रवाइयों में 50 हजार रुपये के दो इनामी तस्करों समेत 12 मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया। एक क्विंटल से अधिक अफीम का दूध (81 किलो सहित कुल 5.25 करोड़ से ज्यादा कीमत) के अलावा डोडा चूरा और गांजा बरामद कर कई वाहन जब्त किए। मध्यप्रदेश में छिपे तस्करों को भी दबोचा गया, नशे के काले साम्राज्य पर निर्णायक प्रहार।
राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशे के काले कारोबार पर लगातार प्रहार करते हुए छह अलग-अलग कार्यवाहियों में बड़ा झटका दिया है। इन ऑपरेशनों में कुल 12 मादक पदार्थ तस्करों को दबोचा गया, जिसमें 50,000 रुपये के दो इनामी तस्कर शामिल हैं। बरामद मादक पदार्थों में अफीम का दूध, डोडा चूरा और गांजा शामिल है, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 5.25 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। एक क्विंटल से ज्यादा अफीम का दूध बरामद होना इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
एएनटीएफ के महानिरीक्षक श्री विकास कुमार ने बताया कि अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री एम.एन. दिनेश के मार्गदर्शन में एएनटीएफ ने गठन के बाद से ही अवैध मादक पदार्थों की धरपकड़ के साथ फरार इनामी तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का अभियान तेज किया है। ये छह कार्यवाहियां इसी क्रम में की गईं, जिन्हें ऑपरेशन 750 और ऑपरेशन मदप्रलय के नाम से अंजाम दिया गया।
प्रथम कार्यवाही: ऑपरेशन 750 - 50,000 के दो इनामी तस्कर गिरफ्तार (मध्यप्रदेश में छिपे थे)
एएनटीएफ की टीम कोटा और झालावाड़ ने संयुक्त रूप से मध्यप्रदेश के आगर जिले के बड़ोद थाना क्षेत्र से दो इनामी तस्करों को दबोचा। झालावाड़ पुलिस द्वारा 25,000-25,000 रुपये का इनाम घोषित किए गए ये आरोपी थे:गोपाल सिंह पुत्र मांग सिंह, उम्र 28 वर्ष, राजपूत, निवासी आमलिया खेड़ा, थाना मिश्रोली, जिला झालावाड़।नरेंद्र सिंह पुत्र विजय सिंह, उम्र 35 वर्ष, राजपूत, निवासी झिझनी, थाना मिश्रोली, जिला झालावाड़।
आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि और गिरफ्तारी की कहानी:
नरेंद्र सिंह ने पढ़ाई के दौरान गलत संगत में पड़कर नशे की लत पाली, फिर अवैध शराब तस्करी शुरू की। बाद में लाइसेंस प्राप्त शराब ठेका चलाया, लेकिन फिर सिंथेटिक ड्रग एम.डी.एम.ए. बनाने की फैक्ट्री गोपाल सिंह के खेत पर लगाई। तीनों (नरेंद्र, गोपाल और दिनेश) मामा-भुआ के रिश्ते में हैं। पूर्व में दोनों के खिलाफ मारपीट, एससी/एसटी एक्ट और मादक पदार्थ तस्करी के मामले दर्ज हैं।
फरार होने के बाद दोनों मध्यप्रदेश में रिश्तेदारों के यहां छिपे थे। गोपाल ने खुद को दूध डेयरी मालिक बताकर सगाई कराई, जबकि नरेंद्र भोला-भाला बनकर फरारी काट रहा था। एएनटीएफ ने तकनीकी और मानवीय सूचना से रेकी की, खुद को कम्बाइन हार्वेस्टर ऑपरेटर बनाकर गांव पहुंची और फसल कटाई के बहाने दोनों को अलग-अलग ठिकानों से दबोचा।
अन्य प्रमुख कार्यवाहियां (ऑपरेशन मदप्रलय के तहत):
द्वितीय: जालोर के सांचोर में 81 किलोग्राम अफीम का दूध बरामद, 19.20 लाख नकद, स्कॉर्पियो जब्त। आरोपी: श्रवण कुमार और सुरजाराम (पाली)।
तृतीय: भीलवाड़ा के रायला में 22 किलोग्राम अफीम, बोलेरो पिकअप जब्त। आरोपी: सुभाष भूरिया, मनफूल और कैलाश (श्रीगंगानगर-बीकानेर)।
चतुर्थ: ब्यावर (जोधपुर) में 41 किलोग्राम डोडा चूरा, कार जब्त। आरोपी: प्रवीण सिंह और अरविंद।
पंचम: भीलवाड़ा के मांडल में 527 ग्राम अफीम, मोटरसाइकिल जब्त। आरोपी: अबरार खान और मुन्ना भाई (चित्तौड़गढ़)।
षष्ठम: उदयपुर के कोटड़ा में 5 किलोग्राम गांजा बरामद। आरोपी: सहीद मोहम्मद।ये सभी कार्यवाहियां मुखबिर सूचना, नाकाबंदी, घेराबंदी और साहसिक कार्रवाई से सफल हुईं। विभिन्न जिलों की एएनटीएफ चौकियों (कोटा, झालावाड़, जालोर, भीलवाड़ा, जोधपुर, उदयपुर) और मुख्यालय जयपुर की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
श्री विकास कुमार ने कार्रवाई में शामिल टीमों को विशेष सम्मान देने की घोषणा की है। आमजन से अपील की है कि अपराधियों या मादक पदार्थों से जुड़ी सूचना एटीएस नियंत्रण कक्ष 0141-2601583 या व्हाट्सएप 9001999070 पर गोपनीय रूप से दें।एएनटीएफ का यह अभियान नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का संकेत है, जो राजस्थान में ड्रग माफिया के नेटवर्क को कमजोर कर रहा है।