जयपुर में प्याज की फसल की आड़ में अवैध अफीम की खेती का बड़ा खुलासा: 363 पौधे जब्त, 65.5 किलो वजन; फलों पर चीरा लगाकर दूध निकाला जा रहा था, आरोपी रामलाल शर्मा गिरफ्तार

जयपुर के खोराबीसल थाना क्षेत्र के किशनपुरा गांव में प्याज की फसल के बीच छिपाकर अवैध अफीम की खेती का खुलासा हुआ। पुलिस ने 363 अफीम के पौधे (कुल 65.5 किलो) जब्त किए, जिनके फलों पर चीरा लगाकर दूध निकाला जा रहा था। आरोपी रामलाल शर्मा (52) को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज किया गया। आरोपी के खिलाफ पहले से 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह कार्रवाई ऑपरेशन क्लीन स्वीप के तहत की गई।

Mar 12, 2026 - 17:43
जयपुर में प्याज की फसल की आड़ में अवैध अफीम की खेती का बड़ा खुलासा: 363 पौधे जब्त, 65.5 किलो वजन; फलों पर चीरा लगाकर दूध निकाला जा रहा था, आरोपी रामलाल शर्मा गिरफ्तार

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक बार फिर अवैध मादक पदार्थों की खेती का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां प्याज की फसल के बीच छिपाकर अफीम के पौधे उगाए जा रहे थे। जयपुर वेस्ट पुलिस ने खोराबीसल थाना क्षेत्र के गांव किशनपुरा में छापेमारी कर इस धंधे का पर्दाफाश किया। पुलिस ने कुल 363 अफीम के पौधे जब्त किए, जिनका वजन करीब 65 किलो 500 ग्राम था। कई पौधों के फलों (डोडों) पर चीरा लगाया हुआ था, जिससे अफीम का दूध (लेटेक्स) निकल रहा था। यह दूध एकत्र करके अफीम तैयार की जाती है।

पुलिस की कार्रवाई और ऑपरेशन क्लीन स्वीप

डीसीपी वेस्ट हनुमान प्रसाद के अनुसार, पुलिस द्वारा ऑपरेशन क्लीन स्वीप के तहत अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार देर रात मुखबिर से सूचना मिली कि खोराबीसल थाना क्षेत्र के गांव किशनपुरा में रामलाल शर्मा नामक व्यक्ति अपने खेत में अवैध अफीम की खेती कर रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और खेत की गहन जांच की।

खेत में प्याज की फसल के बीच 1 से 3 फीट ऊंचाई के अफीम के पौधे छिपे हुए मिले। पुलिस ने इन्हें उखाड़कर जब्त कर लिया। मौके पर पटवारी को बुलाकर राजस्व रिकॉर्ड जांचा गया। खेत का खसरा नंबर 687/104 है, जिसका रकबा 0.3376 हेक्टेयर है और यह राजस्व रिकॉर्ड में आरोपी रामलाल शर्मा के नाम दर्ज है।

आरोपी की गिरफ्तारी और आपराधिक इतिहास

पुलिस ने खेत के मालिक रामलाल शर्मा (52 वर्ष), निवासी बस स्टैंड के पास गांव किशनपुरा, को मौके से गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ में आरोपी से अवैध अफीम खेती के साथ-साथ संभावित तस्करी नेटवर्क के बारे में भी जानकारी ली जा रही है।

जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि रामलाल शर्मा के खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में पहले से 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इससे लगता है कि आरोपी लंबे समय से इस तरह की अवैध गतिविधियों में संलिप्त रहा है।

अफीम खेती का तरीका और खतरा

अफीम के पौधों को प्याज की फसल के बीच उगाकर छिपाया गया था, ताकि बाहरी लोगों की नजर से बचा जा सके। पौधों के फलों पर चीरा लगाकर दूध निकाला जा रहा था, जो अफीम का मुख्य स्रोत है। यह तरीका आमतौर पर अवैध अफीम उत्पादकों द्वारा अपनाया जाता है, क्योंकि अफीम एक नियंत्रित पदार्थ है और इसकी खेती बिना लाइसेंस के पूरी तरह प्रतिबंधित है।ऐसी खेती न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि समाज में नशे के प्रसार को बढ़ावा देती है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों पर सख्त नजर रखी जा रही है और अभियान जारी रहेगा।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.