जोधपुर में IIT सिक्योरिटी इंचार्ज के साथ दिन-दहाड़े मारपीट: राष्ट्रीय महत्व की संस्था की सुरक्षा पर सवाल
जोधपुर के IIT में सिक्योरिटी इंचार्ज (रिटायर्ड एडिशनल एसपी) दिनेश सिंह पर दिन-दहाड़े तीन स्कॉर्पियो में आए 10-15 बदमाशों ने मारपीट की। पुरानी रंजिश के कारण अनाधिकृत प्रवेश रोकने पर हमला हुआ, गंभीर चोटें आईं। तीन आरोपी हिरासत में, पुलिस जांच जारी। राष्ट्रीय महत्व की संस्था में सुरक्षा पर बड़ा सवाल, सख्त कार्रवाई की मांग।
जोधपुर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) जोधपुर जैसी राष्ट्रीय महत्व की प्रतिष्ठित संस्था में सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले सिक्योरिटी इंचार्ज के साथ बुधवार दोपहर को हुई मारपीट की घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। यह घटना न केवल संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी चिंता जताती है।
घटना के अनुसार, IIT जोधपुर के सिक्योरिटी इंचार्ज दिनेश सिंह (जो पुलिस सेवा से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) पद से रिटायर्ड हैं) सरकारी अनुबंधित वाहन में ड्राइवर के साथ अपने घर के पास टूंट की बाड़ी क्षेत्र में घरेलू सामान (घर की बाड़ लगाने के लिए सामग्री) लेने गए थे। यह घटना करवड़ रोड पर, करवड़ थाने के सामने घड़ाव क्षेत्र में हुई, जहां उनका मकान स्थित है।
दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच, दिनेश सिंह दुकान से सामान खरीदकर लौट रहे थे, तभी 10-15 बदमाशों ने दो स्कॉर्पियो गाड़ियों में उनका पीछा किया। उन्होंने उनकी सरकारी गाड़ी को रोक लिया, गाली-गलौज की और फिर हाथापाई शुरू कर दी। मारपीट इतनी तेज थी कि दिनेश सिंह के चेहरे, आंखों, जबड़े और पेट पर गंभीर चोटें आईं। हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से हमला किया। हमले के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हमलावर घड़ाव क्षेत्र (करवड़ थाना अंतर्गत) के निवासी थे और इनके साथ दिनेश सिंह की पुरानी रंजिश थी। कारण यह था कि IIT परिसर में सिक्योरिटी इंचार्ज होने के नाते दिनेश सिंह बाहरी लोगों के अनाधिकृत प्रवेश और निकास को सख्ती से रोकते थे। इसके अलावा, 6 फरवरी को कुछ बदमाश IIT कैंपस में घुसे थे और एक ठेकेदार को धमकाया था, जिसकी जानकारी पुलिस को दी गई थी। इससे रंजिश और गहरा गई। आरोपियों का दावा था कि दिनेश सिंह उनके ग्राहकों को घर बेचने से रोक रहे थे, हालांकि पीड़ित ने इसे खारिज किया है।
करवड़ थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की। घटना के बाद तीन युवकों को हिरासत में लिया गया है, जिनकी पहचान दुर्गाराम (35), धीरेंद्र (41) और देवेंद्र (32) के रूप में हुई है। धीरेंद्र के खिलाफ 8 और देवेंद्र के खिलाफ 4 मारपीट के पुराने मामले दर्ज हैं, जबकि दुर्गाराम के खिलाफ एक मामला है। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है।
IIT जोधपुर एक रेजिडेंशियल संस्थान है, जहां देशभर से हजारों छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं। अभिभावक अपने बच्चों को यहां सुरक्षित और अनुशासित माहौल की उम्मीद में भेजते हैं। साथ ही, यहां कई राष्ट्रीय और सामरिक महत्व के रिसर्च प्रोजेक्ट चल रहे हैं। ऐसे में यदि संस्थान के सिक्योरिटी इंचार्ज जैसे जिम्मेदार अधिकारी के साथ ही दिन-दहाड़े इतनी बेखौफी से हमला हो सकता है, तो यह पूरी कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। अपराधियों को इतनी हिम्मत और संरक्षण किसके भरोसे मिल रहा है, यह सोचने की जरूरत है।
इस घटना पर विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों ने गहरी नाराजगी जताई है। मांग की जा रही है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो, FIR दर्ज कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाए और IIT जोधपुर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। सीसीटीवी, अतिरिक्त गार्ड्स और पुलिस की नियमित गश्त जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति न हो और छात्रों, कर्मचारियों तथा संस्थान की सुरक्षा बरकरार रहे।