जम्मू में पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमला: 63 वर्षीय कमल सिंह जमवाल ने 20 साल से रची साजिश, गोली चूक गई, लोगो ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया
जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में एक शादी समारोह के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर 63 वर्षीय कमल सिंह जमवाल ने पॉइंट-ब्लैंक रेंज से गोली चलाने की कोशिश की, लेकिन गोली चूक गई। हमलावर को सुरक्षा कर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने पकड़ लिया, कुछ थप्पड़ भी मारे गए और पुलिस के हवाले किया गया। आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह पिछले 20 साल से फारूक अब्दुल्ला को मारने की योजना बना रहा था, यह उसका व्यक्तिगत एजेंडा था। घटना में कोई गंभीर चोट नहीं आई, जांच जारी है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर 11 मार्च 2026 की रात को जानलेवा हमले की कोशिश की गई। घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में रॉयल पार्क स्थित एक शादी समारोह के दौरान हुई, जहां फारूक अब्दुल्ला एक वरिष्ठ वकील के परिवार के विवाह में शामिल होने पहुंचे थे। हमलावर ने पॉइंट-ब्लैंक रेंज से उनकी कनपटी पर बंदूक तानकर गोली चलाने की कोशिश की, लेकिन गोली चूक गई और फारूक अब्दुल्ला बाल-बाल बच गए।
घटना का विवरण
रात करीब 10 बजे जब फारूक अब्दुल्ला समारोह से निकलकर अपनी गाड़ी की ओर जा रहे थे, तब भीड़ में छिपे हमलावर ने पीछे से उन पर हमला किया। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि आरोपी ने अचानक पिस्तौल निकाली और फायरिंग की कोशिश की। सुरक्षा कर्मियों (जम्मू-कश्मीर पुलिस और NSG कमांडो) ने तुरंत हस्तक्षेप किया, बंदूक को हटा दिया और हमलावर को दबोच लिया। घटना में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ, हालांकि डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी को मामूली छर्रे लगे, जिनका इलाज किया गया।
हमलावर को कैसे पकड़ा गया
हमले के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोग और सुरक्षा गार्ड्स ने आरोपी को घेर लिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, लोगों ने उसे पकड़कर कुछ थप्पड़ भी मारे और फिर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने .32 बोर की लाइसेंसी पिस्तौल बरामद की, जो आरोपी की अपनी थी। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
कौन है कमल सिंह जमवाल?
आरोपी की पहचान कमल सिंह जमवाल (उम्र लगभग 63-65 वर्ष) के रूप में हुई है। वह जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी है और स्थानीय स्तर पर व्यापार करता है। पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा किया कि वह पिछले 20 साल से फारूक अब्दुल्ला को मारने की योजना बना रहा था। उसने कहा, "मैं उन्हें 20 साल से मारना चाहता था... यह मेरा व्यक्तिगत एजेंडा था।" कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया कि वह नशे की हालत में भी था। पुलिस उसकी पृष्ठभूमि, पारिवारिक संबंधों और किसी संगठन से लिंक की जांच कर रही है, लेकिन फिलहाल इसे व्यक्तिगत दुश्मनी से जुड़ा बताया जा रहा है, न कि किसी आतंकी साजिश से।
फारूक अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया
हमले के बाद फारूक अब्दुल्ला ने कहा, "मैं ठीक हूं, भगवान ने मुझे बचा लिया।" उन्होंने पटाखे जैसी आवाज सुनी और सुरक्षा कर्मियों के हस्तक्षेप से बच गए। उनके बेटे उमर अब्दुल्ला ने इसे हत्या की कोशिश करार दिया और Z+ सुरक्षा के बावजूद हमलावर के इतने करीब पहुंचने पर सवाल उठाए। गृह मंत्री अमित शाह ने भी फारूक अब्दुल्ला से संपर्क कर उनकी हालत पूछी।