रींगस में लेपर्ड का आतंक: घर में घुसकर 65 वर्षीय महिला पर किया हमला, चेहरे पर गंभीर चोटें, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
सीकर जिले के रींगस कस्बे में एक तेंदुए ने घर में घुसकर 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला आंची देवी पर हमला कर दिया। महिला के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तेंदुआ सुबह से रिहायशी इलाकों में घूम रहा था, जिससे अफरा-तफरी मच गई। जयपुर और सीकर की वन विभाग टीमें मौके पर पहुंचीं, जेसीबी की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। इलाके में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
सीकर जिले के रींगस कस्बे में एक खौफनाक घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। एक लेपर्ड (तेंदुआ) ने सुबह से रिहायशी इलाकों में घूमना शुरू किया और अंततः एक घर में घुसकर 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला आंची देवी पर हमला कर दिया। महिला के चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें कस्बे के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
घटना का विवरण
मामला नगर पालिका के वार्ड नंबर-23, कुमावत मोहल्ला का है। मोबाइल दुकान के मालिक गोविंद परसका ने बताया कि सुबह करीब 11 बजे लेपर्ड को इलाके में देखा गया। यह पहले मुकेश जांगिड़ के मकान के चौक में घुस गया। लेपर्ड को देखकर परिवार के सदस्य घबरा गए और तुरंत कमरों में जाकर दरवाजे बंद कर लिए।
इसके बाद लेपर्ड पास ही स्थित श्रीराम कुमावत के मकान में दाखिल हो गया। यहां उसने दीपक दम्बीवाल की ताई आंची देवी (65) पर अचानक हमला बोल दिया। लेपर्ड ने महिला के चेहरे को नोंच लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों में दुबक गए।
लेपर्ड ने सुबह से ही रिहायशी इलाकों में मूवमेंट किया था। उसने छलांग लगाकर एक दीवार से छत पर चढ़ाई की और कुछ देर वहां बैठा रहा। फिर वह दूसरे घर की ओर उतर गया और आंगन में घूमता रहा। बाद में यह एक बंद पड़े सार्वजनिक भवन में घुस गया, जहां यह अभी भी मौजूद है।
रेस्क्यू ऑपरेशन
वन विभाग की जयपुर और सीकर की टीमें दोपहर करीब 1:30 बजे घटनास्थल पर पहुंच गईं। लेपर्ड के छिपे होने के कारण रेस्क्यू चुनौतीपूर्ण हो गया है। मौके पर जेसीबी मशीन मंगवाई गई है, जिसकी मदद से झाड़ियों और मलबे को हटाया जा रहा है ताकि लेपर्ड को सुरक्षित रूप से पकड़ा या ट्रैंक्विलाइज किया जा सके।
इलाके में पुलिस और प्रशासनिक टीम भी मौजूद है। लोगों को सतर्क रहने और बिना वजह घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। यह घटना बताती है कि जंगली जानवरों का मानव बस्तियों में आना राजस्थान में एक बढ़ती समस्या बनी हुई है, खासकर सीकर जैसे जिलों में जहां जंगल और आबादी करीब-करीब हैं।