श्री सांवलिया सेठ मंदिर में भक्तों की आस्था का सैलाब: डेढ़ महीने में 46.58 करोड़ का चढ़ावा, 3 किलो सोना और 152 किलो चांदी भेंट

चित्तौड़गढ़ के प्रसिद्ध श्री सांवलियाजी सेठ मंदिर में 18 जनवरी से 1 मार्च तक डेढ़ महीने में भक्तों ने 46 करोड़ 58 लाख 32 हजार 924 रुपये का नकद चढ़ावा चढ़ाया। साथ ही लगभग 3 किलो सोना (2 किलो 967 ग्राम) और 152 किलो चांदी के गहने-आइटम दान किए गए, जिनकी कीमत करीब 8.70 करोड़ रुपये है। सात राउंड में हुई गिनती के बाद यह राशि सामने आई, जो पिछले साल की तुलना में काफी अधिक है। यह मंदिर की बढ़ती लोकप्रियता और भक्तों की गहरी आस्था का प्रमाण है।

Mar 12, 2026 - 14:30
श्री सांवलिया सेठ मंदिर में भक्तों की आस्था का सैलाब: डेढ़ महीने में 46.58 करोड़ का चढ़ावा, 3 किलो सोना और 152 किलो चांदी भेंट

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलियाजी सेठ मंदिर में भक्तों की श्रद्धा ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। होली के बाद खुले मंदिर के भंडार (दानपेटी) से डेढ़ महीने (18 जनवरी से 1 मार्च 2026 तक) की अवधि में कुल 46 करोड़ 58 लाख 32 हजार 924 रुपये का नकद चढ़ावा प्राप्त हुआ। इसके अलावा भक्तों ने भगवान के चरणों में करीब 3 किलो सोना और 152 किलो चांदी के गहने व अन्य आइटम भी दान किए, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 8 करोड़ 70 लाख रुपये है।

यह चढ़ावा मंदिर के लिए एक बड़ा रिकॉर्ड साबित हुआ है, खासकर पिछले साल की तुलना में जहां होली के दौरान डेढ़ महीने में मात्र 29 करोड़ 8 लाख रुपये का चढ़ावा मिला था। भक्तों की बढ़ती आस्था और ऑनलाइन दान के माध्यम से भी बड़ी राशि आने से यह आंकड़ा और प्रभावशाली हो गया है।

सोना-चांदी के दान का विवरण

भंडार से प्राप्त सोने की मात्रा 2 किलो 967 ग्राम 480 मिलीग्राम (लगभग 3 किलो) रही, जबकि चांदी 152 किलो 609 ग्राम निकली। राजस्थान सर्राफा संघ के महामंत्री किशन पिछोलिया के अनुसार, वर्तमान बाजार भाव पर सोने की कीमत करीब 4.5 करोड़ रुपये और चांदी की 4 करोड़ 20 लाख रुपये आंकी गई है। कुल मिलाकर सोना-चांदी के गहनों व आइटम्स की वैल्यू 8.70 करोड़ रुपये के आसपास पहुंचती है। ये दान भक्तों की गहरी श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक हैं, जहां लोग न केवल नकद बल्कि कीमती धातुओं से भी अपने आराध्य को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं।

चढ़ावे की गिनती का राउंड-वाइज विवरण

मंदिर का भंडार 2 मार्च 2026 को खोला गया था। गिनती सात चरणों में पूरी हुई, जिसमें कुछ दिनों छुट्टियां या विशेष अवसरों (जैसे चंद्र ग्रहण, सूतक और फूलडोल महोत्सव) के कारण गिनती नहीं हुई। मंदिर मंडल सदस्य पवन तिवारी ने बताया कि बुधवार (11 मार्च) को सातवें और अंतिम राउंड की गिनती पूरी हुई। राउंड-वाइज विवरण इस प्रकार है:पहला राउंड (2 मार्च): 10 करोड़ 65 लाख रुपये, दूसरा राउंड (5 मार्च): 7 करोड़ 25 लाख 80 हजार रुपये, तीसरा राउंड (6 मार्च): 2 करोड़ 61 लाख 75 हजार रुपये, चौथा राउंड (7 मार्च): 8 करोड़ 55 लाख 55 हजार रुपये, पांचवां राउंड (9 मार्च): 5 करोड़ 47 लाख 45 हजार रुपये, छठा राउंड (10 मार्च): 1 करोड़ 95 लाख 27 हजार रुपये, सातवां राउंड (11 मार्च): 10 करोड़ 45 हजार 282 रुपये (ऑनलाइन, ड्राफ्ट और चिल्लर सहित)। इन सभी राउंड्स को जोड़ने पर कुल नकद चढ़ावा 46 करोड़ 58 लाख 32 हजार 924 रुपये पहुंचा। ऑनलाइन और ड्राफ्ट के माध्यम से आने वाली राशि भी इस बार काफी अधिक रही, जो भक्तों की डिजिटल श्रद्धा को दर्शाती है।

पिछले रिकॉर्ड्स से तुलना

यह चढ़ावा मंदिर के इतिहास में महत्वपूर्ण है, हालांकि नवंबर 2025 में एक महीने में 51 करोड़ 27 लाख 30 हजार 112 रुपये का रिकॉर्ड चढ़ावा मिला था, जो अब तक का सर्वाधिक मासिक आंकड़ा है। फिर भी, डेढ़ महीने की इस अवधि में 46.58 करोड़ का आंकड़ा भक्तों की निरंतर बढ़ती भक्ति का प्रमाण है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, पिछले सालों में भी चढ़ावा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इस बार होली के बाद की अवधि में इतनी बड़ी राशि मिलना विशेष है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.