बाल-बाल बचे यात्री: फुकेट एयरपोर्ट पर एयर इंडिया एक्सप्रेस विमान की 'हार्ड लैंडिंग', तकनीकी खराबी के बाद मचा हड़कंप
हैदराबाद से फुकेट जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट को नोज व्हील में तकनीकी खराबी के कारण फुकेट एयरपोर्ट पर 'हार्ड लैंडिंग' करनी पड़ी। पायलट की सतर्कता से सभी यात्री सुरक्षित हैं और एयरलाइन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
नई दिल्ली/हैदराबाद: हैदराबाद से थाईलैंड के फुकेट जा रहे एयर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express) के एक विमान के साथ बड़ा हादसा होते-होते रह गया। जानकारी के मुताबिक, विमान को लैंडिंग के दौरान गंभीर तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ा, जिसके चलते पायलट को फुकेट एयरपोर्ट पर विमान की 'हार्ड लैंडिंग' करानी पड़ी। इस घटना के दौरान विमान में सवार सैकड़ों यात्रियों की सांसें अटक गईं, हालांकि राहत की बात यह है कि सभी यात्री और क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं।
क्या थी तकनीकी समस्या?
एयरलाइन द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, जब विमान फुकेट एयरपोर्ट के रनवे के करीब था, तभी उसके नोज व्हील (विमान के आगे का पहिया) में खराबी का पता चला। नोज व्हील से जुड़ी इस तकनीकी समस्या के कारण विमान को सामान्य तरीके से उतारना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में पायलट ने सूझबूझ का परिचय देते हुए विमान की सुरक्षित लेकिन 'हार्ड लैंडिंग' कराने का फैसला लिया। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में रनवे पर टायर के रगड़ के निशान और विमान की स्थिति को देखा जा सकता है।
पायलट की सतर्कता ने टाला बड़ा हादसा
विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि नोज व्हील की समस्या लैंडिंग के समय बेहद खतरनाक साबित हो सकती है, क्योंकि इससे विमान के रनवे से फिसलने या पलटने का डर रहता है। हालांकि, एयर इंडिया एक्सप्रेस के पायलट और क्रू की त्वरित कार्रवाई और सतर्कता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। विमान के लैंड होते ही इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू किया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित तरीके से विमान से बाहर निकाल लिया गया। किसी भी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।
यात्रियों का अनुभव और एयरलाइन की कार्रवाई
विमान में सवार यात्रियों ने बताया कि लैंडिंग के दौरान उन्हें एक जोरदार झटका महसूस हुआ, जिससे केबिन के अंदर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। क्रू ने तुरंत स्थिति को संभाला और यात्रियों को शांत रहने के निर्देश दिए। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। तकनीकी टीम इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि उड़ान भरने से पहले जांच के दौरान नोज व्हील की यह खराबी पकड़ में क्यों नहीं आई। विमान को फिलहाल फुकेट में ही ग्राउंडेड (खड़ा) कर दिया गया है और यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
हार्ड लैंडिंग और सुरक्षा मानक
यह घटना एक बार फिर हवाई यात्राओं में तकनीकी सुरक्षा और विमानों के रखरखाव पर सवाल खड़े करती है। 'हार्ड लैंडिंग' वह स्थिति होती है जब विमान सामान्य से अधिक गति या बल के साथ रनवे से टकराता है। इससे विमान के ढांचे को नुकसान पहुँचने की संभावना रहती है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को भी इस घटना की रिपोर्ट भेज दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।