ईरान में सत्ता परिवर्तन और युद्ध की आग: मुजतबा खामेनेई घायल, नए सुप्रीम लीडर बने

ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई इजराइली हमले में घायल हो गए हैं। उन्हें हाल ही में ईरान का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया है। 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के हमलों में अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इजराइल ने नए लीडर को भी खत्म करने की धमकी दी थी, लेकिन मुजतबा घायल होने के बावजूद पद संभाल रहे हैं। यह घटना ईरान-इजराइल युद्ध के बीच सत्ता हस्तांतरण का संकेत है।

Mar 9, 2026 - 13:36
ईरान में सत्ता परिवर्तन और युद्ध की आग: मुजतबा खामेनेई घायल, नए सुप्रीम लीडर बने

तेहरान/यरुशलम, 9 मार्च 2026: मध्य पूर्व में चल रहे बड़े संघर्ष के बीच ईरान में एक बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया है। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब मुजतबा हाल ही में इजराइली हमले में घायल होने की रिपोर्ट्स सामने आई हैं।

अली खामेनेई की मौत और युद्ध की शुरुआत

अयातुल्ला अली खामेनेई, जो 1989 से ईरान के सुप्रीम लीडर थे और लगभग 36 वर्षों तक देश की सर्वोच्च सत्ता संभाले हुए थे, की मौत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमलों में हो गई थी। यह हमला "ऑपरेशन लायंस रोर" या इसी तरह के नाम से शुरू हुआ था, जिसमें तेहरान स्थित उनके कंपाउंड पर सटीक हमले किए गए। इजराइली और अमेरिकी बलों ने इस हमले को सफल बताया, जिसमें खामेनेई समेत कई उच्च पदाधिकारी मारे गए। ईरान ने इसे "शहादत" करार देते हुए 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया था।

अली खामेनेई 1979 की इस्लामिक क्रांति में प्रमुख भूमिका निभाने वाले नेता थे। क्रांति के बाद उन्हें 1981 में राष्ट्रपति बनाया गया, जहां वे 8 वर्ष रहे। 1989 में रुहोल्लाह खुमैनी की मौत के बाद उन्हें सुप्रीम लीडर चुना गया। ईरान के इस्लामिक कानून के अनुसार, सुप्रीम लीडर बनने के लिए अयातुल्ला (उच्च धार्मिक पदवी) होना अनिवार्य है, जो खामेनेई परिवार की विरासत को मजबूत बनाता है।

मुजतबा खामेनेई पर इजराइली हमला और घायल होना

मुजतबा खामेनेई (56 वर्ष), अली खामेनेई के दूसरे बेटे, को उनके पिता की मौत के बाद उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा था। रिपोर्ट्स के अनुसार, 28 फरवरी को शुरू हुए हमलों में ही मुजतबा को भी निशाना बनाया गया था। टाइम्स ऑफ इजराइल ने इजराइली सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से बताया कि मुजतबा एक एयरस्ट्राइक में घायल हुए, लेकिन वे जीवित हैं। इजराइली खुफिया आकलन में कहा गया कि हमले में वे घायल जरूर हुए, लेकिन मौत नहीं हुई।

ईरानी सरकारी मीडिया ने उन्हें "जानबाज" (शहीद होने वाले या दुश्मन हमले में घायल योद्धा) बताया, हालांकि घायल होने की घटना का पूरा विवरण नहीं दिया गया। मुजतबा युद्ध शुरू होने के बाद से सार्वजनिक रूप से कम दिखाई दिए थे। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि उनके परिवार के सदस्यों (पत्नी और बेटी) की भी मौत हो चुकी है।

इजराइल और अमेरिका की धमकी

अली खामेनेई की मौत के बाद इजराइल और अमेरिका ने साफ चेतावनी दी थी कि ईरान बिना अनुमति या पसंद के किसी नए सुप्रीम लीडर को चुनने पर उसे भी "खोजकर खत्म" कर दिया जाएगा। इजराइली अधिकारियों ने कहा था कि जो भी नया नेता बनेगा, उसे कहीं भी छिपे होने पर मार गिराया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी मुजतबा को "अस्वीकार्य" बताया था, क्योंकि यह उनके पिता की कट्टर नीतियों की निरंतरता होगी।

फिर भी, ईरान के एक्सपर्ट्स असेंबली (88 वरिष्ठ धर्मगुरुओं का निकाय) ने मुजतबा को चुना, जिससे हार्डलाइनरों का नियंत्रण बरकरार रहने का संकेत मिलता है। ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी मुजतबा के प्रति निष्ठा जताई है।

वर्तमान स्थिति और प्रभाव

मुजतबा के सुप्रीम लीडर बनने के साथ ही युद्ध तेज हो गया है। इजराइल ने तेहरान और अन्य जगहों पर हमले जारी रखे हैं, जबकि ईरान ने इजराइल पर मिसाइल दागे हैं। तेल की कीमतें 100 डॉलर से ऊपर पहुंच गई हैं, और क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ गई है। मुजतबा अब ईरान को सबसे बड़े संकट से गुजरते हुए नेतृत्व करेंगे।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.