रास्ते के पुराने विवाद में परिवारजनों ने ही दिखाई दबंगई: बेटे के सामने मां का सिर फोड़ा, लहूलुहान किया – लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से किया हमला, चौथी बार हुई मारपीट
अलवर जिले के तिजारा थाना क्षेत्र के खलीलपुरी गांव में रास्ते को लेकर पुरानी पारिवारिक रंजिश के कारण परिवार के ही सदस्यों ने सोमवार शाम मां सीमा देवी, बेटे चेतन जाट और चाची पर लाठी-डंडों व लोहे की रॉड से हमला कर दिया। महिला का सिर फट गया और वे लहूलुहान हो गईं। यह पिछले तीन महीनों में चौथा हमला है। पीड़ितों को तिजारा से अलवर और संभवतः जयपुर रेफर किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज किया है, लेकिन पीड़ित पक्ष का आरोप है कि कार्रवाई नहीं हो रही।
अलवर (राजस्थान), 27 जनवरी 2026 – राजस्थान के अलवर जिले के तिजारा थाना क्षेत्र अंतर्गत खलीलपुरी गांव में एक बार फिर रास्ते को लेकर चल रही पुरानी पारिवारिक रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया। सोमवार शाम को परिवार के ही कुछ सदस्यों ने मां-बेटे और चाची पर लाठी-डंडों तथा लोहे की रॉड से जमकर हमला कर दिया। हमले में मां सीमा देवी का सिर फट गया और वे खून से लथपथ हो गईं। बेटा चेतन जाट और चाची भी बुरी तरह घायल हो गए।
पीड़ित परिवार के अनुसार, यह घटना रास्ते के उपयोग को लेकर लंबे समय से चली आ रही विवाद का नतीजा है। पिता की मृत्यु के बाद आरोपी पक्ष लगातार दबंगई दिखा रहा है और परिवार पर बार-बार हमले कर रहा है। चेतन जाट ने बताया कि पिछले तीन महीनों में उनके परिवार पर यह चौथा हमला है। हर बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए हैं।
घटना के दौरान अचानक हमला होने से मां-बेटा बच नहीं पाए। महिला के सिर पर लोहे की रॉड से जोरदार प्रहार किया गया, जिससे उनका सिर फट गया और खून बहने लगा। वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। शुरुआत में उन्हें तिजारा के अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर अलवर जिला अस्पताल रेफर किया गया। यहां से उनकी स्थिति को देखते हुए जयपुर के बड़े अस्पताल में रेफर करने की तैयारी चल रही है।
पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि आरोपी उदयचंद, वीर सिंह, सुभाष, हेमंत सहित कई अन्य लोग शामिल थे। इन लोगों ने न केवल लाठियां-डंडे चलाए, बल्कि लोहे की रॉड से भी वार किया। हमले के बाद घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
तिजारा थाने में पीड़ित परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है और जांच पड़ताल में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रास्ते के इस छोटे-मोटे विवाद को लेकर परिवार में इतनी गहरी दरार आ गई है कि अब हिंसा ही एकमात्र रास्ता बचा है।
पीड़ित चेतन जाट ने कहा, "हम सिर्फ अपने रास्ते का इस्तेमाल करना चाहते हैं, लेकिन आरोपी पक्ष हमें दबाने की कोशिश कर रहा है। पुलिस अगर समय पर कार्रवाई करती तो शायद यह चौथा हमला न होता।" परिवार अब न्याय की उम्मीद में है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।