जयपुर: मणिपाल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान महिला की मौत, रिटायर्ड फौजी पति ने लगाया लापरवाही का आरोप – न्याय न मिला तो 24 घंटे में आत्महत्या करने की धमकी

जयपुर के मणिपाल हॉस्पिटल में बच्चेदानी के क्लॉट के इलाज के दौरान 32 वर्षीय राजकंवर राठौड़ की मौत हो गई। उनके रिटायर्ड फौजी पति दुर्गासिंह शेखावत ने डॉक्टरों पर दवाओं की हैवी डोज और लापरवाही का आरोप लगाया। न्याय न मिलने पर आत्महत्या की धमकी दी। परिजनों ने अस्पताल के बाहर धरना दिया, जो पुलिस आश्वासन के बाद समाप्त हुआ। पोस्टमॉर्टम करवाया जाना है और जांच में अस्पताल सहयोग कर रहा है।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
December 20, 2025 • 3:53 PM  44
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राजस्थान
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जयपुर: मणिपाल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान महिला की मौत, रिटायर्ड फौजी पति ने लगाया लापरवाही का आरोप – न्याय न मिला तो 24 घंटे में आत्महत्या करने की धमकी
“जयपुर: मणिपाल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान महिला की मौत, रिटायर्ड फौजी पति ने लगाया लापरवाही का आरोप – न्याय न मिला तो 24 घंटे में आत्महत्या करने की धमकी”
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जयपुर: मणिपाल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान महिला की मौत, रिटायर्ड फौजी पति ने लगाया लापरवाही का आरोप – न्याय न मिला तो 24 घंटे में आत्महत्या करने की धमकी

जयपुर के मणिपाल हॉस्पिटल में एक महिला मरीज की इलाज के दौरान मौत हो जाने से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मृतका के पति, जो एक रिटायर्ड आर्मी जवान हैं, ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने न्याय नहीं दिया तो वे 24 घंटे के अंदर आत्महत्या कर लेंगे। इस घटना के बाद परिजनों और सेना से जुड़े लोगों ने अस्पताल के बाहर धरना-प्रदर्शन किया, जो कई घंटों तक चला। अंततः पुलिस के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

घटना का विवरण सीकर जिले के खंडेला निवासी 32 वर्षीय राजकंवर राठौड़ को बच्चेदानी में क्लॉट (खून का थक्का) की समस्या थी। इसके इलाज के लिए उन्हें 17 दिसंबर (बुधवार) को जयपुर के मणिपाल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। मृतका के पति दुर्गासिंह शेखावत, जो भारतीय सेना से रिटायर्ड हैं और जम्मू-कश्मीर, राजस्थान तथा मध्य प्रदेश बॉर्डर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं, ने बताया कि उनकी पत्नी चलकर अस्पताल में आई थीं और शुरुआत में उनकी हालत स्थिर थी। दुर्गासिंह शेखावत के अनुसार, 18 दिसंबर (गुरुवार) सुबह करीब 10 बजे उन्होंने पत्नी से मिलने की इच्छा जताई, लेकिन डॉक्टरों ने इलाज चलने का हवाला देकर मना कर दिया। दोपहर ढाई बजे जब वे जबरदस्ती अंदर घुसे तो देखा कि डॉक्टर मरीज को हाथ से सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) दे रहे थे। उस समय पत्नी की बॉडी में कोई हलचल नहीं थी। डॉक्टर ने बताया कि मशीन पर हार्ट को सपोर्ट किया जा रहा है, लेकिन मशीन हटाने के बाद हार्ट और पल्स सपोर्ट नहीं कर रही। शाम 5 बजे डॉक्टरों ने राजकंवर को मृत घोषित कर दिया।

लापरवाही के आरोप दुर्गासिंह शेखावत ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही और दवाओं की हैवी डोज देने के कारण उनकी पत्नी की मौत हुई है। उन्होंने कहा, "मैं एक फौजी रहा हूं। देश की सेवा करते हुए कभी नहीं हारा, लेकिन आज इस मणिपाल हॉस्पिटल जयपुर के धनबल के आगे हार गया हूं। हॉस्पिटल ने गलत ऑपरेशन करके मेरी पत्नी की जान ले ली। दो दिन से मैं परेशान हूं। यहां इतने समाज के लोग बैठे हैं, लेकिन हॉस्पिटल प्रशासन पर कोई असर नहीं हो रहा। यदि प्रशासन ने मेरा साथ नहीं दिया और न्याय नहीं मिला, तो मेरी पत्नी नहीं जी सकी तो मैं जीकर क्या करूंगा? 24 घंटे में आत्महत्या कर लूंगा।"

धरना-प्रदर्शन और पुलिस की भूमिका मौत की जानकारी मिलते ही परिजन और सेना से जुड़े लोग अस्पताल में एकत्र हो गए। उन्होंने लापरवाही के आरोप लगाते हुए जिम्मेदार डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की और शुक्रवार (19 दिसंबर) सुबह 12 बजे से अस्पताल के बाहर धरना शुरू कर दिया। धरना कई घंटों तक चला, जिससे अस्पताल में अन्य मरीजों का इलाज प्रभावित होने की शिकायतें आईं। देर शाम विद्याधर नगर पुलिस ने हस्तक्षेप किया। पुलिस ने दुर्गासिंह शेखावत को एक पत्र देकर सूचित किया कि जानबूझकर पोस्टमॉर्टम नहीं करवाया जा रहा है, जिससे शव डिकंपोज हो रहा है और अन्य मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार में सहयोग करने की अपील की।लगभग 7 घंटे से अधिक चले धरने के बाद पुलिस के आश्वासन पर शाम 7:30 बजे प्रदर्शन समाप्त किया गया। पुलिस ने आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सरकारी डॉक्टरों की टीम गठित की जाएगी, जो रिपोर्ट सौंपेगी। इसी टीम की निगरानी में पोस्टमॉर्टम होगा। यदि डॉक्टर दोषी पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी।विद्याधर नगर थाना प्रभारी नरेंद्र खींचड़ ने बताया कि समझाइश के बाद परिजनों ने धरना समाप्त किया। शनिवार (20 दिसंबर) को कांवटिया हॉस्पिटल में महिला का पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा।

अस्पताल प्रबंधन का पक्ष मणिपाल हॉस्पिटल प्रबंधन ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान महिला को रेयर कॉम्पलिकेशन (दुर्लभ जटिलता) हो गई थी। अस्पताल ने हर मामले में जांच में पूर्ण सहयोग करने की बात कही है।यह घटना चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों को एक बार फिर उजागर करती है, जहां परिजनों का गुस्सा और दुख न्याय की मांग में बदल गया। मामले की जांच चल रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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