कोटा में एकतरफा प्यार की वजह से दोस्त ने की दोस्त की हत्या: चाकू से गला रेतकर शव को हाईवे किनारे गड्ढे में फेंका, पुलिस ने 7 घंटे में सुलझाया केस
राजस्थान के कोटा में एक युवक दिलभर गुर्जर ने एकतरफा प्यार की रंजिश में अपने दोस्त करण सिंह की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। उसने शव को चित्तौड़गढ़ हाईवे किनारे गड्ढे में फेंक दिया। पुलिस ने सीसीटीवी, कॉल डिटेल्स और पूछताछ से मात्र 7 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
राजस्थान के कोटा जिले में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां एकतरफा प्यार में आक्रोशित युवक ने अपने ही दोस्त की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी ने पहले दोस्त को बहला-फुसलाकर हाईवे पर ले गया, फिर चाकू से गला रेतकर उसकी जान ले ली और शव को चित्तौड़गढ़ हाईवे किनारे सर्विस लाइन के पास एक गड्ढे में फेंक दिया। पुलिस ने महज 7 घंटे के अंदर मामले का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
मामला क्या है? मृतक की पहचान करण सिंह (35 वर्ष) के रूप में हुई, जो कोटा के आवली रोजड़ी गांव का निवासी था। वह कारीगरी का काम करता था। आरोपी दिलभर गुर्जर (28 वर्ष) भी उसी इलाके का रहने वाला है। दोनों अच्छे दोस्त थे, लेकिन दिलभर एक महिला से एकतरफा प्यार करता था। करण सिंह भी उसी महिला से बातचीत करता था, जिससे दिलभर को जलन होती थी। इस बात को लेकर चार दिन पहले दोनों में झगड़ा भी हो चुका था। दिलभर ने पुरानी रंजिश को खत्म करने के लिए हत्या की योजना बनाई। उसने करण को बहला-फुसलाकर अपने साथ लिया और चित्तौड़गढ़ हाईवे के पास मौका देखकर चाकू से गला रेत दिया। हत्या के बाद शव को पास के गड्ढे में फेंक दिया, ताकि वारदात छिप जाए।
शव कैसे मिला? घटना 19 दिसंबर 2025 (शुक्रवार) की है। अगले दिन शनिवार दोपहर को आरके पुरम थाना क्षेत्र में चित्तौड़ हाईवे किनारे सर्विस लाइन के पास गड्ढे में खून से लथपथ शव मिला। पुलिस को सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची टीम ने प्रारंभिक जांच में पाया कि हत्या कर शव यहां फेंका गया है। घटनास्थल पर खून के धब्बे और कुछ दूरी पर हत्या में इस्तेमाल चाकू भी बरामद हुआ। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) टीम ने मौके से फिंगरप्रिंट और अन्य सबूत जुटाए।
परिवार की चिंता और गुमशुदगी की रिपोर्ट करण सिंह 19 दिसंबर सुबह 10 बजे घर से निकला था। उसने अपनी बाइक ठीक करवाई, लेकिन काम पर नहीं गया। जब शाम तक घर नहीं लौटा तो उसकी पत्नी मालती ने ससुर मनसुख लाल को बताया। मनसुख लाल ने आरके पुरम थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसी बीच करण के ठेकेदार ने सूचना दी कि उसके आने-जाने के रास्ते पर उसकी बाइक खड़ी मिली है।
पुलिस ने कैसे सुलझाया केस? कोटा की एसपी तेजस्विनी गौतम के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। करण सिंह के कॉल डिटेल्स निकाले गए और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। इससे दिलभर गुर्जर पर शक हुआ। उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने हत्या कबूल कर ली। आरोपी दिलभर गुर्जर ने बताया कि वह महिला से एकतरफा मोहब्बत करता था। करण के उससे बात करने पर वह नाराज रहता था। पहले भी मना किया, लेकिन करण नहीं माना। चार दिन पहले झगड़ा हुआ था। इसी रंजिश में उसने हत्या की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया।
आरोपी को जेल भेजा पुलिस ने दिलभर गुर्जर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से 7 घंटे में ही केस सॉल्व हो गया।